जमीर बेच कर अमीर हो जाना, इससे बेहतर है जमीर रख के फ़क़ीर हो जाना

जमीर बेच कर अमीर हो जाना, इससे बेहतर है जमीर रख के फ़क़ीर हो जाना

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"ज़िन्दगी गुज़र जाती है ये ढूँढने में कि, ढूंढना क्या है अंत में तलाश सिमट जाती है इस सुकून में कि, जो मिला वो भी कहाँ साथ लेकर जाना है "

जो व्यस्त ना हो, वो ही काम आते है व्यस्त रहने वाले खुदगर्ज ही रह जाते है

जीवन का सबक.... जल्द ही किसी को Judge मत करो!!

जब टूटने लगे हौंसला तो बस ये याद रखना, बिना मेहनत के हासिल तख़्त-ओ-ताज नहीं होते, ढूढ़ लेना अंधेरे में ही मंजिल अपनी दोस्तों, क्योंकि जुगनू कभी रोशनी के मोहताज़ नहीं होते।

आपके जीवन में बुराइयाँ आये, इस से पहले उन्हें मिट्टी में मिला दो… वरना वो तुम्हे मिट्टी में मिला देगी।

एक बात कहूँ राज़ की कोई अगर तुम्हे सिर्फ ज़रुरत के वक़्त याद करता है तो समझ लेना की तुम उसके लिए ज़रूरी नहीं हो।

"ज़िन्दगी गुज़र जाती है ये ढूँढने में कि, ढूंढना क्या है अंत में तलाश सिमट जाती है इस सुकून में कि, जो मिला वो भी कहाँ साथ लेकर जाना है "

जो व्यस्त ना हो, वो ही काम आते है व्यस्त रहने वाले खुदगर्ज ही रह जाते है

जीवन का सबक.... जल्द ही किसी को Judge मत करो!!

जब टूटने लगे हौंसला तो बस ये याद रखना, बिना मेहनत के हासिल तख़्त-ओ-ताज नहीं होते, ढूढ़ लेना अंधेरे में ही मंजिल अपनी दोस्तों, क्योंकि जुगनू कभी रोशनी के मोहताज़ नहीं होते।

आपके जीवन में बुराइयाँ आये, इस से पहले उन्हें मिट्टी में मिला दो… वरना वो तुम्हे मिट्टी में मिला देगी।

एक बात कहूँ राज़ की कोई अगर तुम्हे सिर्फ ज़रुरत के वक़्त याद करता है तो समझ लेना की तुम उसके लिए ज़रूरी नहीं हो।