चील की ऊँची उड़ान देखकर चिड़िया कभी उदास नही होती वो अपने आस्तित्व में मस्त रहती है मगर इंसान, इंसान की ऊँची उड़ान देखकर बहुत जल्दी चिंता में आ जाते हैं तुलना से बचें और खुश रहें ना किसी से ईर्ष्या, ना किसी से कोई होड़दौड़ मेरी अपनी हैं मंजिलें, मेरी अपनी दौड़
इंसान को यूँ ही मतलबी नहीं कहा जाता, उसे अपने सुख से ज्यादा दुसरे के दुःख में मज़ा आता है
शब्द यात्रा करते हैं... इसलिए पीठ पीछे भी, किसी की निंदा न करें
जिन्हें बुलाना पड़े, समझ लो कि वो दूर है
अपने मिशन में कामयाब होने के लिए, आपको अपने लक्ष्य के प्रति एकचित्त निष्ठावान होना पड़ेगा
हर एक की सुनो ओर हर एक से सीखो क्योंकि हर कोई , सब कुछ नही जानता लेकिन हर एक कुछ ना कुछ
चील की ऊँची उड़ान देखकर चिड़िया कभी उदास नही होती वो अपने आस्तित्व में मस्त रहती है मगर इंसान, इंसान की ऊँची उड़ान देखकर बहुत जल्दी चिंता में आ जाते हैं तुलना से बचें और खुश रहें ना किसी से ईर्ष्या, ना किसी से कोई होड़दौड़ मेरी अपनी हैं मंजिलें, मेरी अपनी दौड़
इंसान को यूँ ही मतलबी नहीं कहा जाता, उसे अपने सुख से ज्यादा दुसरे के दुःख में मज़ा आता है
शब्द यात्रा करते हैं... इसलिए पीठ पीछे भी, किसी की निंदा न करें
जिन्हें बुलाना पड़े, समझ लो कि वो दूर है
अपने मिशन में कामयाब होने के लिए, आपको अपने लक्ष्य के प्रति एकचित्त निष्ठावान होना पड़ेगा
हर एक की सुनो ओर हर एक से सीखो क्योंकि हर कोई , सब कुछ नही जानता लेकिन हर एक कुछ ना कुछ