india मैं "खानदान की इज़्ज़त" और "लोग क्या कहेंगे" किसी की जिंदगी से ज्यादा महत्वपूर्ण है...

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जब मिलती ही नहीं...तो मोहब्बत होती क्यूँ है...!!!

हजारो मेहफिल है .. लाखो मेले है, पर जहा तुम नहीं वहा हम अकेले है

क़ोई ज़ुदा हो तो ऐसे ना हो, कि लौटने का भ्रम रह जाये

फरक तो उन्हें पढता है जिनके पास एक हो उन्हें क्या फरक पढ़ेगा जिनके पास हजारों हैं

हम बुरे नहीं थे मगर तुमने बुरा कह दिया पर अब हम बन गए है ताकि तुझे कोई झूठा न कहदे

जिन्हे भी मुझसे मिलने का वक़्त नहीं मिलता देख लेना एक दिन होगा जब मैं इतना दूर चला जाऊंगा की तुम्हे मुझसे मिलने का मौका भी नहीं मिलेगा।

जब मिलती ही नहीं...तो मोहब्बत होती क्यूँ है...!!!

हजारो मेहफिल है .. लाखो मेले है, पर जहा तुम नहीं वहा हम अकेले है

क़ोई ज़ुदा हो तो ऐसे ना हो, कि लौटने का भ्रम रह जाये

फरक तो उन्हें पढता है जिनके पास एक हो उन्हें क्या फरक पढ़ेगा जिनके पास हजारों हैं

हम बुरे नहीं थे मगर तुमने बुरा कह दिया पर अब हम बन गए है ताकि तुझे कोई झूठा न कहदे

जिन्हे भी मुझसे मिलने का वक़्त नहीं मिलता देख लेना एक दिन होगा जब मैं इतना दूर चला जाऊंगा की तुम्हे मुझसे मिलने का मौका भी नहीं मिलेगा।