कोई भी सफर कभी खत्म नही होता या तो रास्ता बदल जाता है या फिर वास्ता ख़त्म हो जाता है
रिश्ते वो होते हैं जिसमे शब्द कम और समझ ज्यादा हो......
तेरी कसम सिर्फ तेरे हैं हम
दिल को कागज समझ रखा है क्या.. आते हो, जलाते हो, चले जाते हो
किसी ने क्या खूब कहा है - अकड़ तो सब में होती है .. झुकता वही है जिसे रिश्तो की फ़िक्र होती है..
किसी के दिल का दर्द किसने देखा है, देखा है तो सिर्फ चेहरा देखा है, दर्द तो तन्हाई मे होता है, लेकिन इन तन्हाइयों मे लोगो ने हमे हसते हुए देखा है !
कोई भी सफर कभी खत्म नही होता या तो रास्ता बदल जाता है या फिर वास्ता ख़त्म हो जाता है
रिश्ते वो होते हैं जिसमे शब्द कम और समझ ज्यादा हो......
तेरी कसम सिर्फ तेरे हैं हम
दिल को कागज समझ रखा है क्या.. आते हो, जलाते हो, चले जाते हो
किसी ने क्या खूब कहा है - अकड़ तो सब में होती है .. झुकता वही है जिसे रिश्तो की फ़िक्र होती है..
किसी के दिल का दर्द किसने देखा है, देखा है तो सिर्फ चेहरा देखा है, दर्द तो तन्हाई मे होता है, लेकिन इन तन्हाइयों मे लोगो ने हमे हसते हुए देखा है !