india मैं "खानदान की इज़्ज़त" और "लोग क्या कहेंगे" किसी की जिंदगी से ज्यादा महत्वपूर्ण है...

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इंसान अपने कर्म से बड़ा होता है, अपने जन्म से नहीं .

हम नादान थे जो उसे हमसफ़र समझ बैठे जो चलती थी साथ मेरे पर तलाश उसे किसी और की थी

दिल में आने का रास्ता तो होता है लेकिन जाने का नहीं इसलिए जब कोई दिल से जाता है तो दिल तोड़कर ही जाता है

जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं…!

हम बुरे नहीं थे मगर तुमने बुरा कह दिया पर अब हम बन गए है ताकि तुझे कोई झूठा न कहदे

"जिंदगी मै सिर्फ़ दो ही नशा करना, जीने के लिए यार और मरने के लीये प्यार"

इंसान अपने कर्म से बड़ा होता है, अपने जन्म से नहीं .

हम नादान थे जो उसे हमसफ़र समझ बैठे जो चलती थी साथ मेरे पर तलाश उसे किसी और की थी

दिल में आने का रास्ता तो होता है लेकिन जाने का नहीं इसलिए जब कोई दिल से जाता है तो दिल तोड़कर ही जाता है

जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं…!

हम बुरे नहीं थे मगर तुमने बुरा कह दिया पर अब हम बन गए है ताकि तुझे कोई झूठा न कहदे

"जिंदगी मै सिर्फ़ दो ही नशा करना, जीने के लिए यार और मरने के लीये प्यार"