india मैं "खानदान की इज़्ज़त" और "लोग क्या कहेंगे" किसी की जिंदगी से ज्यादा महत्वपूर्ण है...

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मेरे मरने पर तो लाखो रोने वाले है, तलाश उसकी है जो मेरे रोने से मर जाए

जब से वो मशहूर हो गये हैं, हमसे कुछ दूर हो गये हैं…

बड़े अजीब से इस दुनिया के मेले हैं, यूँ तो दिखती भीड़ है, पर फिर भी सब अकेले हैं

साथी तो मुझे अपने सुख के लिए चाहिए दुखों के लिए तो मैं अकेला काफी हूँ !!

नाकाम मोहबत्त भी बड़े काम की होती है, दिल मिले ना मिले इलज़ाम जरुर मिल जाता है।।

कुछ चुप रहती हूँ, कुछ बोलती हूँ, कुछ रिश्ते मेरे इसी से संभले हुए हैं ......

मेरे मरने पर तो लाखो रोने वाले है, तलाश उसकी है जो मेरे रोने से मर जाए

जब से वो मशहूर हो गये हैं, हमसे कुछ दूर हो गये हैं…

बड़े अजीब से इस दुनिया के मेले हैं, यूँ तो दिखती भीड़ है, पर फिर भी सब अकेले हैं

साथी तो मुझे अपने सुख के लिए चाहिए दुखों के लिए तो मैं अकेला काफी हूँ !!

नाकाम मोहबत्त भी बड़े काम की होती है, दिल मिले ना मिले इलज़ाम जरुर मिल जाता है।।

कुछ चुप रहती हूँ, कुछ बोलती हूँ, कुछ रिश्ते मेरे इसी से संभले हुए हैं ......