india मैं "खानदान की इज़्ज़त" और "लोग क्या कहेंगे" किसी की जिंदगी से ज्यादा महत्वपूर्ण है...

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एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से

कौन करता है यहाँ प्यार निभाने के लिये, दिल तो बस एक खिलौना है जमाने के लिये

वो रो रो कर कहती रही, मुझे नफरत है तुमसे, मगर एक सवाल आज भी परेशान किये हुए है की अगर इतनी नफरत ही थी तो, वो रोई क्यों

तुमसे दिल लगा कर देख लिया अब और क्या देखने को बाक़ी है |

सिलसिला आज भी वही जारी है, तेरी याद, मेरी नींदों पर भारी है

"आँखों से हाल पूछा दिल का, एक बूंद टपक पड़ी लहू की..."

एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से

कौन करता है यहाँ प्यार निभाने के लिये, दिल तो बस एक खिलौना है जमाने के लिये

वो रो रो कर कहती रही, मुझे नफरत है तुमसे, मगर एक सवाल आज भी परेशान किये हुए है की अगर इतनी नफरत ही थी तो, वो रोई क्यों

तुमसे दिल लगा कर देख लिया अब और क्या देखने को बाक़ी है |

सिलसिला आज भी वही जारी है, तेरी याद, मेरी नींदों पर भारी है

"आँखों से हाल पूछा दिल का, एक बूंद टपक पड़ी लहू की..."