मजबूरी ही थी साहब जो बाजार में खीच लायी वरना ये बच्ची भी पापा की परी ही थी

मजबूरी ही थी साहब जो बाजार में खीच लायी वरना ये बच्ची भी पापा की परी ही थी

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वैसे इंसान बनें जिस तरह के इंसान को आप पसंद करते हैं.

जो व्यस्त है आज वो कल भी व्यस्त ही रहेंगे पर तुम जिन्हे आज काम का नहीं समझ रहे देख लेना कल वही तुम्हारे काम नहीं आएँगे।

हम तो आईना हैं और आईना ही रहेंगे, फ़िक्र वो करे जिनकी शक्लें ख़राब है।

रिश्ते चाहे कितने ही बुरे हो उन्हे तोङना मत क्योकि पानी चाहे कितना भी गंदा हो अगर प्यास नही बुझा सकता वो आग तो बुझा सकता है।

जो व्यस्त ना हो, वो ही काम आते है व्यस्त रहने वाले खुदगर्ज ही रह जाते है

अपने फ़ायदे के लिए दूसरे का नुकसान कभी नहीं करे

वैसे इंसान बनें जिस तरह के इंसान को आप पसंद करते हैं.

जो व्यस्त है आज वो कल भी व्यस्त ही रहेंगे पर तुम जिन्हे आज काम का नहीं समझ रहे देख लेना कल वही तुम्हारे काम नहीं आएँगे।

हम तो आईना हैं और आईना ही रहेंगे, फ़िक्र वो करे जिनकी शक्लें ख़राब है।

रिश्ते चाहे कितने ही बुरे हो उन्हे तोङना मत क्योकि पानी चाहे कितना भी गंदा हो अगर प्यास नही बुझा सकता वो आग तो बुझा सकता है।

जो व्यस्त ना हो, वो ही काम आते है व्यस्त रहने वाले खुदगर्ज ही रह जाते है

अपने फ़ायदे के लिए दूसरे का नुकसान कभी नहीं करे