अक्सर अकेलेपन से जो गुजरता हैं वही ज़िंदगी में सही फैसलों को चुनता हैं.
भीड़ में सभी लोग अच्छे नहीं होते और अच्छे लोगों की कभी भीड़ नहीं होती
ज़िन्दगी बहुत हसीन है, कभी हंसाती है, तो कभी रुलाती है, लेकिन जो ज़िन्दगी की भीड़ में खुश रहता है, ज़िन्दगी उसी के आगे सिर झुकाती है।
जब ठोकर खा कर भी ... ना गिरो ... तो समझ लेना... की दुआओं ने थाम रखा है ...!!
हर किसी पर यकीन ना करे क्योंकि नमक और शक्कर का रंग एक जैसा होता है
मै रात भर जन्नत की सैर करता रहा यारों, आंख खुली तोह देखा सर माँ के कदमो मे था.
अक्सर अकेलेपन से जो गुजरता हैं वही ज़िंदगी में सही फैसलों को चुनता हैं.
भीड़ में सभी लोग अच्छे नहीं होते और अच्छे लोगों की कभी भीड़ नहीं होती
ज़िन्दगी बहुत हसीन है, कभी हंसाती है, तो कभी रुलाती है, लेकिन जो ज़िन्दगी की भीड़ में खुश रहता है, ज़िन्दगी उसी के आगे सिर झुकाती है।
जब ठोकर खा कर भी ... ना गिरो ... तो समझ लेना... की दुआओं ने थाम रखा है ...!!
हर किसी पर यकीन ना करे क्योंकि नमक और शक्कर का रंग एक जैसा होता है
मै रात भर जन्नत की सैर करता रहा यारों, आंख खुली तोह देखा सर माँ के कदमो मे था.