विचारों को पढ़कर छोड़ देने से जीवन में कोई बदलाव नहीं आता विचार तभी बदलाव लाते हैं जब विचारों को जीवन में उतारा जाता है
जब जिंदगी में कुछ बड़ा करने की कोशिश करोगे तब , ना कोई ध्यान देगा ना कोई साथ देगा
दुनिया मे अधिक गम है उन सबको देखते हुए आपका बहुत कम है
अच्छे के साथ बुरा भी उसके अच्छे के लिए ही होता है..
जिदंगी मे कभी भी किसी को बेकार मत समझना,क्योक़ि बंद पडी घडी भी दिन में दो बार सही समय बताती है।
आप,अपनी चिंताओं का आकार देखकर,अपने ईश्वर के आकार को जान सकते हो, जितनी लम्बी आपकी लिस्ट होगी, उतना छोटा आपका ईश्वर होगा
विचारों को पढ़कर छोड़ देने से जीवन में कोई बदलाव नहीं आता विचार तभी बदलाव लाते हैं जब विचारों को जीवन में उतारा जाता है
जब जिंदगी में कुछ बड़ा करने की कोशिश करोगे तब , ना कोई ध्यान देगा ना कोई साथ देगा
दुनिया मे अधिक गम है उन सबको देखते हुए आपका बहुत कम है
अच्छे के साथ बुरा भी उसके अच्छे के लिए ही होता है..
जिदंगी मे कभी भी किसी को बेकार मत समझना,क्योक़ि बंद पडी घडी भी दिन में दो बार सही समय बताती है।
आप,अपनी चिंताओं का आकार देखकर,अपने ईश्वर के आकार को जान सकते हो, जितनी लम्बी आपकी लिस्ट होगी, उतना छोटा आपका ईश्वर होगा