ना किसी का पैसा, ना किसी की जान चाहिए.... जो मुझे समझ सके, बस ऐसा एक इंसान चाहिए...

ना किसी का पैसा, ना किसी की जान चाहिए.... जो मुझे समझ सके, बस ऐसा एक इंसान चाहिए...

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जिसकी सजा तुम हो, मुझे ऐसा गुनाह करना हैं!

कुछ कदमों के फासले थे, हम दोनों के दरमीयान, उन्हें जमाने ने रोक़ लिया, और हमने अपने आपको।

सालो लग जाते प्यार वाले जख्म भरने में

इश्क मुहब्बत क्या है? मुझे नही मालूम! बस तुम्हारी याद आती है… सीधी सी बात है।

ये तो ज़मीन की फितरत है की, वो हर चीज़ को मिटा देती हे वरना, तेरी याद में गिरने वाले आंसुओं का, अलग समंदर होता।

जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं!

जिसकी सजा तुम हो, मुझे ऐसा गुनाह करना हैं!

कुछ कदमों के फासले थे, हम दोनों के दरमीयान, उन्हें जमाने ने रोक़ लिया, और हमने अपने आपको।

सालो लग जाते प्यार वाले जख्म भरने में

इश्क मुहब्बत क्या है? मुझे नही मालूम! बस तुम्हारी याद आती है… सीधी सी बात है।

ये तो ज़मीन की फितरत है की, वो हर चीज़ को मिटा देती हे वरना, तेरी याद में गिरने वाले आंसुओं का, अलग समंदर होता।

जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं!