बोलने का हक़्क़ छीना जा सकता है, मगर ख़ामोशी का कभी नहीं....

बोलने का हक़्क़ छीना जा सकता है, मगर ख़ामोशी का कभी नहीं....

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उसने कहा भूल जाओ मुझे, हमने कह दिया, कौन हो तुम ?

कोई अपना सा क्या लगा एक बार, किस्मत ने तो बुरा ही मान लिया

चलते रहेंगे क़ाफ़िले मेरे बग़ैर भी यहाँ.एक तारा टूट जाने से, फ़लक़ सूना नहीं होता

ज़िन्दगी चैन से गुज़र जाए , तू अगर ज़हन से उतर जाए

मेरे मरने पर किसी को ज्यादा फर्क नहीं होगा, बस तन्हाई रोएगी कि मेरा हमसफ़र चला गया....

दुआ हैं हर किसी को कोई ऐसा मिले जो उसे कभी रोने ना दे

उसने कहा भूल जाओ मुझे, हमने कह दिया, कौन हो तुम ?

कोई अपना सा क्या लगा एक बार, किस्मत ने तो बुरा ही मान लिया

चलते रहेंगे क़ाफ़िले मेरे बग़ैर भी यहाँ.एक तारा टूट जाने से, फ़लक़ सूना नहीं होता

ज़िन्दगी चैन से गुज़र जाए , तू अगर ज़हन से उतर जाए

मेरे मरने पर किसी को ज्यादा फर्क नहीं होगा, बस तन्हाई रोएगी कि मेरा हमसफ़र चला गया....

दुआ हैं हर किसी को कोई ऐसा मिले जो उसे कभी रोने ना दे