जो व्यस्त है आज वो कल भी व्यस्त ही रहेंगे पर तुम जिन्हे आज काम का नहीं समझ रहे देख लेना कल वही तुम्हारे काम नहीं आएँगे।
आपके जीवन में बुराइयाँ आये, इस से पहले उन्हें मिट्टी में मिला दो… वरना वो तुम्हे मिट्टी में मिला देगी।
ज़िन्दगी बीत जाएगी चार दिन में इसे अपने में नहीं जिओ बल्कि अपनों के साथ जियो।
हम चीजो को उस तरह से नही देखते जिस तरह से वे है बल्कि हम चीजो को उस तरह से देखते है जिस तरह के हम है।
रिश्ते चाहे कितने ही बुरे हो उन्हे तोङना मत क्योकि पानी चाहे कितना भी गंदा हो अगर प्यास नही बुझा सकता वो आग तो बुझा सकता है।
अकड़ तोड़नी है उन्न मंज़िलों की, जिनको अपनी ऊंचाई पर गुरुर है !!
जो व्यस्त है आज वो कल भी व्यस्त ही रहेंगे पर तुम जिन्हे आज काम का नहीं समझ रहे देख लेना कल वही तुम्हारे काम नहीं आएँगे।
आपके जीवन में बुराइयाँ आये, इस से पहले उन्हें मिट्टी में मिला दो… वरना वो तुम्हे मिट्टी में मिला देगी।
ज़िन्दगी बीत जाएगी चार दिन में इसे अपने में नहीं जिओ बल्कि अपनों के साथ जियो।
हम चीजो को उस तरह से नही देखते जिस तरह से वे है बल्कि हम चीजो को उस तरह से देखते है जिस तरह के हम है।
रिश्ते चाहे कितने ही बुरे हो उन्हे तोङना मत क्योकि पानी चाहे कितना भी गंदा हो अगर प्यास नही बुझा सकता वो आग तो बुझा सकता है।
अकड़ तोड़नी है उन्न मंज़िलों की, जिनको अपनी ऊंचाई पर गुरुर है !!