किसी ने खूब कहा है...! ना खुशी खरीद पाता हू ना गम बेच पाता हू, फिर भी न जाने क्यों हर रोज कमाने जाता हू...

किसी ने खूब कहा है...! ना खुशी खरीद पाता हू ना गम बेच पाता हू, फिर भी न जाने क्यों हर रोज कमाने जाता हू...

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मै इस काबिल तो नहीं कि कोई अपने समझे, पर इतना यकीन है कोई अफसोस जरूर करेगा मुझे खो देने के बाद

मेरी किस्मत में तो कुछ यूँ लिखा है, किसी ने वक्त गुज़ारने के लिए अपना बनाया, तो किसी ने अपना बनाकर वक्त गुजार लिया

कई बार ऐसा भी होता है के ज़रूरत से ज़्यादा सोचना भी इंसान की खुशियां छीन लेता है।

मत कर मोहबत तेरे बस की बात नही जो दर्द मेरे पास है, उस दर्द की दवा तेरे पास नही.

जब दर्द सहने की आदत हो जाती है ना, तोह असू आना खुद ही बंद हो जाते है |

होने वाले ख़ुद ही अपने हो जाते हैं.. किसी को कहकर, अपना बनाया नही जाता..!!

मै इस काबिल तो नहीं कि कोई अपने समझे, पर इतना यकीन है कोई अफसोस जरूर करेगा मुझे खो देने के बाद

मेरी किस्मत में तो कुछ यूँ लिखा है, किसी ने वक्त गुज़ारने के लिए अपना बनाया, तो किसी ने अपना बनाकर वक्त गुजार लिया

कई बार ऐसा भी होता है के ज़रूरत से ज़्यादा सोचना भी इंसान की खुशियां छीन लेता है।

मत कर मोहबत तेरे बस की बात नही जो दर्द मेरे पास है, उस दर्द की दवा तेरे पास नही.

जब दर्द सहने की आदत हो जाती है ना, तोह असू आना खुद ही बंद हो जाते है |

होने वाले ख़ुद ही अपने हो जाते हैं.. किसी को कहकर, अपना बनाया नही जाता..!!