बड़ी अजीब सी हैं शहरों की रौशनी.. उजालो के बावजूद चेहरे पहचानना मुश्किल हैं..
मेरी याद क़यामत की तरह है एक दिन ज़रूर आएगी
सच्चा प्यार सिर्फ वो लोग कर सकते हैं...जो किसी का प्यार पाने के लिए तरस चुके हो.
माफ़ी गलती की होती है, ज़िंदा लाश बनाने की नहीं
मै इस काबिल तो नहीं कि कोई अपने समझे, पर इतना यकीन है कोई अफसोस जरूर करेगा मुझे खो देने के बाद
शब्द केवल चुभते है, खमोशियाँ मार देती हैं.
बड़ी अजीब सी हैं शहरों की रौशनी.. उजालो के बावजूद चेहरे पहचानना मुश्किल हैं..
मेरी याद क़यामत की तरह है एक दिन ज़रूर आएगी
सच्चा प्यार सिर्फ वो लोग कर सकते हैं...जो किसी का प्यार पाने के लिए तरस चुके हो.
माफ़ी गलती की होती है, ज़िंदा लाश बनाने की नहीं
मै इस काबिल तो नहीं कि कोई अपने समझे, पर इतना यकीन है कोई अफसोस जरूर करेगा मुझे खो देने के बाद
शब्द केवल चुभते है, खमोशियाँ मार देती हैं.