स्कूल से निकलने के बाद पता चला दोस्ती अंत मैं सिर्फ "एक या दो" से बचती है, बाकि सब से बस जान पहचान रह जाती है....

स्कूल से निकलने के बाद पता चला दोस्ती अंत मैं सिर्फ "एक या दो" से बचती है, बाकि सब से बस जान पहचान रह जाती है....

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सच्ची दोस्ती एक अच्छे स्वास्थ की तरह है, खोने पर ही उसकी महत्वता पता चलती है

कौन होता है दोस्त? दोस्त वो जो बिन बुलाये आये, बेवजह सर खाए, जेब खाली करवाए, कभी सताए, कभी रुलाये, मगर हमेशा साथ निभाए.

*दोस्त बेशक एक हो* *लेकिन ऐसा हो,* *जो अलफाज से ज्यादा* *खामोशी को समझें*

दोस्ती ऐसी होनी चाहिए लोग देखते ही बोले आ गए दोनों आज जाने कोनसा कांड करेंगे

जो सबका मित्र होता है वो किसी का मित्र नहीं होता है

अपनी एक ही पहचान है हस्ता चेहरा शराबी आँखें नवाबी शान और दोस्तों के लिए जान

सच्ची दोस्ती एक अच्छे स्वास्थ की तरह है, खोने पर ही उसकी महत्वता पता चलती है

कौन होता है दोस्त? दोस्त वो जो बिन बुलाये आये, बेवजह सर खाए, जेब खाली करवाए, कभी सताए, कभी रुलाये, मगर हमेशा साथ निभाए.

*दोस्त बेशक एक हो* *लेकिन ऐसा हो,* *जो अलफाज से ज्यादा* *खामोशी को समझें*

दोस्ती ऐसी होनी चाहिए लोग देखते ही बोले आ गए दोनों आज जाने कोनसा कांड करेंगे

जो सबका मित्र होता है वो किसी का मित्र नहीं होता है

अपनी एक ही पहचान है हस्ता चेहरा शराबी आँखें नवाबी शान और दोस्तों के लिए जान