जीवन में छोटे, बड़े सब को महत्त्व दो क्योंकि जहाँ सुई का काम है, वहाँ तलवार काम नहीं करती
जैसे दीये को जलने के लिए तेल के साथ बाती की आवश्यकता होती है ठीक वैसे ही मनुष्य को सफलता के लिए आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है
अगर तुम सच में कुछ करना चाहते हो तो रास्ता निकाल लोगे ,वरना न करने का बहाना निकाल लोगे
ख्वाहिश भले ही छोटी सी हो, लेकिन उसे पूरा करने की जिद होनी चाहिये
मनुष्य रूप, यौवन और मदिरा में खोकर अपने आप को ही भूल जाता है, लेकिन जब उसे होश आता है तो नरक का द्वार उसके सामने होता है. अर्थात सूरा-सुंदरी का सुख मनुष्य को नरक के अतिरिक्त कुछ नहीं दे सकता. इससे बचना ही श्रेयस्कर है.
सफलता उन्ही कामो को करने से मिलती है... जिन कामो को करने में आपका मन नही लगता..
जीवन में छोटे, बड़े सब को महत्त्व दो क्योंकि जहाँ सुई का काम है, वहाँ तलवार काम नहीं करती
जैसे दीये को जलने के लिए तेल के साथ बाती की आवश्यकता होती है ठीक वैसे ही मनुष्य को सफलता के लिए आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है
अगर तुम सच में कुछ करना चाहते हो तो रास्ता निकाल लोगे ,वरना न करने का बहाना निकाल लोगे
ख्वाहिश भले ही छोटी सी हो, लेकिन उसे पूरा करने की जिद होनी चाहिये
मनुष्य रूप, यौवन और मदिरा में खोकर अपने आप को ही भूल जाता है, लेकिन जब उसे होश आता है तो नरक का द्वार उसके सामने होता है. अर्थात सूरा-सुंदरी का सुख मनुष्य को नरक के अतिरिक्त कुछ नहीं दे सकता. इससे बचना ही श्रेयस्कर है.
सफलता उन्ही कामो को करने से मिलती है... जिन कामो को करने में आपका मन नही लगता..