"ज़िन्दगी गुज़र जाती है ये ढूँढने में कि, ढूंढना क्या है अंत में तलाश सिमट जाती है इस सुकून में कि, जो मिला वो भी कहाँ साथ लेकर जाना है "
इज्जत किसी इंसान की नहीं होती हैं, ज़रूरत की होती हैं. ज़रूरत खत्म तो इज्जत खत्म
वक़्त की ताक़त तुम क्या समझोगे ये उसका भी हो जाता है जिसका कोई नहीं होता।
एक बात कहूँ राज़ की कोई अगर तुम्हे सिर्फ ज़रुरत के वक़्त याद करता है तो समझ लेना की तुम उसके लिए ज़रूरी नहीं हो।
जो धोखा दे गया उसकी यादों में मरने से हज़ार गुना अच्छा है जो साथ है उसके साथ सुकून से जी लिया जाए!
बीते कल का अफ़सोस और आने वाले कल की चिंता, ये दोनों ऐसे चोर है जो हमारे आज की खुशियाँ चुरा लेते है !!
"ज़िन्दगी गुज़र जाती है ये ढूँढने में कि, ढूंढना क्या है अंत में तलाश सिमट जाती है इस सुकून में कि, जो मिला वो भी कहाँ साथ लेकर जाना है "
इज्जत किसी इंसान की नहीं होती हैं, ज़रूरत की होती हैं. ज़रूरत खत्म तो इज्जत खत्म
वक़्त की ताक़त तुम क्या समझोगे ये उसका भी हो जाता है जिसका कोई नहीं होता।
एक बात कहूँ राज़ की कोई अगर तुम्हे सिर्फ ज़रुरत के वक़्त याद करता है तो समझ लेना की तुम उसके लिए ज़रूरी नहीं हो।
जो धोखा दे गया उसकी यादों में मरने से हज़ार गुना अच्छा है जो साथ है उसके साथ सुकून से जी लिया जाए!
बीते कल का अफ़सोस और आने वाले कल की चिंता, ये दोनों ऐसे चोर है जो हमारे आज की खुशियाँ चुरा लेते है !!