ज्वाला जगा अन्दर, किस बात से है तंग, दुनिया से नहीं, खुद से है तेरी जंग
किसी के लिए समर्पण करना, मुश्किल नहीं है मुश्किल है उस व्यक्ति को ढूंढना जो आप के समर्पण की कद्र करे
"आनंद" ही एक ऐसी वस्तु है जो आपके पास न होने पर भी आप दूसरों को बिना किसी असुविधा के दे सकते है
जीवन में उन सपनों का कोई महत्व नही जिनको पूरा करने के लिए अपनो से ही छल करना पड़े
जीवन में सुखी रहने के लिए दो शक्तियों का होना जरूरी है पहली सहनशक्ति और दूसरी समझ शक्ति
जैसे दीये को जलने के लिए तेल के साथ बाती की आवश्यकता होती है ठीक वैसे ही मनुष्य को सफलता के लिए आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है
ज्वाला जगा अन्दर, किस बात से है तंग, दुनिया से नहीं, खुद से है तेरी जंग
किसी के लिए समर्पण करना, मुश्किल नहीं है मुश्किल है उस व्यक्ति को ढूंढना जो आप के समर्पण की कद्र करे
"आनंद" ही एक ऐसी वस्तु है जो आपके पास न होने पर भी आप दूसरों को बिना किसी असुविधा के दे सकते है
जीवन में उन सपनों का कोई महत्व नही जिनको पूरा करने के लिए अपनो से ही छल करना पड़े
जीवन में सुखी रहने के लिए दो शक्तियों का होना जरूरी है पहली सहनशक्ति और दूसरी समझ शक्ति
जैसे दीये को जलने के लिए तेल के साथ बाती की आवश्यकता होती है ठीक वैसे ही मनुष्य को सफलता के लिए आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है