जो दुसरो के धन, सौन्दर्य, बल, कुल, सुख, सौभाग्य व सम्मान से ईष्या करते हैं, वे सदैव दुखी रहते हैं।
बुरे दिनो का एक अच्छा फायदा अच्छे-अच्छे दोस्त परखे जाते है।
"व्यक्तित्व" की भी अपनी वाणी होती है, जो "कलम"' या "जीभ" के इस्तेमाल के बिना भी, लोगों के "अंर्तमन" को छू जाती है..
रिश्ते बरकरार रखने की सिर्फ एक ही शर्त है , भावना देखें , संभावना नहीं !!
वैसे इंसान बनें जिस तरह के इंसान को आप पसंद करते हैं.
ज़िन्दगी बीत जाएगी चार दिन में इसे अपने में नहीं जिओ बल्कि अपनों के साथ जियो।
जो दुसरो के धन, सौन्दर्य, बल, कुल, सुख, सौभाग्य व सम्मान से ईष्या करते हैं, वे सदैव दुखी रहते हैं।
बुरे दिनो का एक अच्छा फायदा अच्छे-अच्छे दोस्त परखे जाते है।
"व्यक्तित्व" की भी अपनी वाणी होती है, जो "कलम"' या "जीभ" के इस्तेमाल के बिना भी, लोगों के "अंर्तमन" को छू जाती है..
रिश्ते बरकरार रखने की सिर्फ एक ही शर्त है , भावना देखें , संभावना नहीं !!
वैसे इंसान बनें जिस तरह के इंसान को आप पसंद करते हैं.
ज़िन्दगी बीत जाएगी चार दिन में इसे अपने में नहीं जिओ बल्कि अपनों के साथ जियो।