मानो तो मौज है वरना समस्या तो रोज है.

मानो तो मौज है वरना समस्या तो रोज है.

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त्याग के बिना कुछ भी पाना संभव नही क्योंकि सांस लेने के लिए भी पहले सांस छोड़नी पड़ती है.।

चंचल चित वाले के कार्य कभी समाप्त नहीं होते।

किसी के आगे हाथ फैलाने से अच्छा अपने हाथों को काम मे लगा दो

आप सिर्फ इसलिए दुःखी हो क्योंकि आपने किसी झूठ को सच मान रखा है.

सिर्फ उतना ही विनम्र बनो जितना जरुरी हो............ बेवजह विनम्रता दूसरों के अहम को बढ़ावा देती है!!

हमें किसी भी ख़ास समय के लिए इन्तजार नहीं करना चाहिए बल्कि अपने हर समय को ख़ास बनाने की पूरी तरह से कोशिश करनी चाहिए

त्याग के बिना कुछ भी पाना संभव नही क्योंकि सांस लेने के लिए भी पहले सांस छोड़नी पड़ती है.।

चंचल चित वाले के कार्य कभी समाप्त नहीं होते।

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आप सिर्फ इसलिए दुःखी हो क्योंकि आपने किसी झूठ को सच मान रखा है.

सिर्फ उतना ही विनम्र बनो जितना जरुरी हो............ बेवजह विनम्रता दूसरों के अहम को बढ़ावा देती है!!

हमें किसी भी ख़ास समय के लिए इन्तजार नहीं करना चाहिए बल्कि अपने हर समय को ख़ास बनाने की पूरी तरह से कोशिश करनी चाहिए