जिस संबंध में आपके साथ सिर्फ मजाक हो... उस संबंध को ऐसे तोड़ दो जैसे वो पूरा संबंध ही एक मजाक हो
जिंदगी को सफल बनाने के लिए बातों से नहीं रातों से लड़ना पड़ता है
प्रतिभा ईश्वर से मिलती है, नतमस्तक रहें..! ख्याति समाज से मिलती है, आभारी रहें..! लेकिन मनोवृत्ति और घमंड स्वयं से मिलते है
सुख मै सो मिले दुःख में मिले न एक साथ कष्ट में रहे वही मित्र है नेक
ज़िंदगी में समस्या देने वाले की हस्ती कितनी भी बड़ी क्यों न हो.... पर भगवान की "कृपादृष्टि" से बड़ी नहीं हो सकती!!
सभी औषधियों में अमृत प्रधान है. सभी सुखों में भोजन प्रधान है. सभी इन्द्रियों में आँख मुख्य है. सभी अंगों में सिर महत्वपूर्ण है.
जिस संबंध में आपके साथ सिर्फ मजाक हो... उस संबंध को ऐसे तोड़ दो जैसे वो पूरा संबंध ही एक मजाक हो
जिंदगी को सफल बनाने के लिए बातों से नहीं रातों से लड़ना पड़ता है
प्रतिभा ईश्वर से मिलती है, नतमस्तक रहें..! ख्याति समाज से मिलती है, आभारी रहें..! लेकिन मनोवृत्ति और घमंड स्वयं से मिलते है
सुख मै सो मिले दुःख में मिले न एक साथ कष्ट में रहे वही मित्र है नेक
ज़िंदगी में समस्या देने वाले की हस्ती कितनी भी बड़ी क्यों न हो.... पर भगवान की "कृपादृष्टि" से बड़ी नहीं हो सकती!!
सभी औषधियों में अमृत प्रधान है. सभी सुखों में भोजन प्रधान है. सभी इन्द्रियों में आँख मुख्य है. सभी अंगों में सिर महत्वपूर्ण है.