मनुष्य को हमेशा यह नही सोचना चाहिए की वो अपने जीवन में कितना खुश है, बल्कि यह सोचना चाहिये की उस मनुष्य की वजह से दूसरे कितने खुश हैं
कभी गिर जाओ तो खुद ही उठ जाना, क्यूँकी लोग सिर्फ गिरे हुए पैसे उठाते है इंसान नहीं
इंसान को यूँ ही मतलबी नहीं कहा जाता, उसे अपने सुख से ज्यादा दुसरे के दुःख में मज़ा आता है
इंसान सफल तब होता है जब वो दुनिया को नही बल्कि खुद को बदलना शुरू कर देता है।
क्वांटिटी के चक्कर में कभी ना जाएं क्योंकि नई मूंगफली के बाजार में आने से बादाम के दाम नहीं गिरते ।
जो किसी के FAN है उनका कभी कोई FAN नही बनता
मनुष्य को हमेशा यह नही सोचना चाहिए की वो अपने जीवन में कितना खुश है, बल्कि यह सोचना चाहिये की उस मनुष्य की वजह से दूसरे कितने खुश हैं
कभी गिर जाओ तो खुद ही उठ जाना, क्यूँकी लोग सिर्फ गिरे हुए पैसे उठाते है इंसान नहीं
इंसान को यूँ ही मतलबी नहीं कहा जाता, उसे अपने सुख से ज्यादा दुसरे के दुःख में मज़ा आता है
इंसान सफल तब होता है जब वो दुनिया को नही बल्कि खुद को बदलना शुरू कर देता है।
क्वांटिटी के चक्कर में कभी ना जाएं क्योंकि नई मूंगफली के बाजार में आने से बादाम के दाम नहीं गिरते ।
जो किसी के FAN है उनका कभी कोई FAN नही बनता