जिनके उपर जिम्मेदारियों का बोझ होता है उनको रुठने और टूटने का हक़्क़ नहीं होता..

जिनके उपर जिम्मेदारियों का बोझ होता है उनको रुठने और टूटने का हक़्क़ नहीं होता..

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तकदीर बदल जाती है जब ज़िन्दगी का कोई मकसद हो, वरना उम्र कट जाती है तकदीर को इल्जाम देते देते

तुम CRY करने से नही बल्कि TRY करने से कामयाब बनोगे

“हमें किसी भी ख़ास समय के लिए इन्तजार नहीं करना चाहिए बल्कि अपने हर समय को ख़ास बनाने की पूरी तरह से कोशिश करनी चाहिए।”

"व्यक्ति को मारा जा सकता है किन्तु विचारों को नहीं"

उस काम का चयन कीजिये जिसे आप पसंद करते हों, फिर आप पूरी ज़िन्दगी एक दिन भी काम नहीं करंगे

जो आने वाला है वह हमेशा गुजरे कल से बेहतर होगा, यह सोच आपको कभी निराश नही होने देगी

तकदीर बदल जाती है जब ज़िन्दगी का कोई मकसद हो, वरना उम्र कट जाती है तकदीर को इल्जाम देते देते

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"व्यक्ति को मारा जा सकता है किन्तु विचारों को नहीं"

उस काम का चयन कीजिये जिसे आप पसंद करते हों, फिर आप पूरी ज़िन्दगी एक दिन भी काम नहीं करंगे

जो आने वाला है वह हमेशा गुजरे कल से बेहतर होगा, यह सोच आपको कभी निराश नही होने देगी