एक अकेला पहिया नहीं चला करता।
खोई चीज अक्सर वही मिल जाती है, जहां वो खोई है, पर विश्वास वहीं नहीं मिलता जहाँ पर खोया गया था
भविष्य का अनुमान लगाने का सबसे सही तरीका है उसे बनाना
शब्द यात्रा करते हैं... इसलिए पीठ पीछे भी, किसी की निंदा न करें
वक़्त से लड़कर जो अपना नसीब बदल दे, इंसान वही जो अपनी तकदीर बदल दे,
दुर्जन को साहस से, बलवान को अनुकूल व्यवहार से और समान शक्तिशाली को नम्रता से अथवा अपनी ताकत से वश में करना चाहिए.
एक अकेला पहिया नहीं चला करता।
खोई चीज अक्सर वही मिल जाती है, जहां वो खोई है, पर विश्वास वहीं नहीं मिलता जहाँ पर खोया गया था
भविष्य का अनुमान लगाने का सबसे सही तरीका है उसे बनाना
शब्द यात्रा करते हैं... इसलिए पीठ पीछे भी, किसी की निंदा न करें
वक़्त से लड़कर जो अपना नसीब बदल दे, इंसान वही जो अपनी तकदीर बदल दे,
दुर्जन को साहस से, बलवान को अनुकूल व्यवहार से और समान शक्तिशाली को नम्रता से अथवा अपनी ताकत से वश में करना चाहिए.