अपेक्षाएं जहां खत्म होती हैं, सुकून वहीं से शुरू होता है
अगर सफल होने का जुनून सर पर है तो मुश्किले आप को नहीं रोक पायेगी .
संसार में सुई बनकर रहे, कैंची बनकर नही क्योंकि सुई 2 को 1 कर देती है और कैंची 1 को 2 कर देती है अर्थात सबको जोड़ो, तोड़ो नही
इंसान को इंसान के नजरिये से तोलिये दो शब्द ही सही मगर प्यार से बोलिये
नींद और निंदा पर जो विजय पा लेते है उन्हें आगे बढ़ने से कोई नही रोक सकता
शर्म की अमीरी से इज्जत की गरीबी अच्छी है।
अपेक्षाएं जहां खत्म होती हैं, सुकून वहीं से शुरू होता है
अगर सफल होने का जुनून सर पर है तो मुश्किले आप को नहीं रोक पायेगी .
संसार में सुई बनकर रहे, कैंची बनकर नही क्योंकि सुई 2 को 1 कर देती है और कैंची 1 को 2 कर देती है अर्थात सबको जोड़ो, तोड़ो नही
इंसान को इंसान के नजरिये से तोलिये दो शब्द ही सही मगर प्यार से बोलिये
नींद और निंदा पर जो विजय पा लेते है उन्हें आगे बढ़ने से कोई नही रोक सकता
शर्म की अमीरी से इज्जत की गरीबी अच्छी है।