मौन एक ऐसा तर्क है जिसका खण्डन कर पाना अत्यंत दुष्कर है
हर एक चीज में खूबसूरती होती है, लेकिन हर कोई उसे नहीं देख पाता
लोग बुरे नहीं होते... बस जब आपके मतलब के नहीं होते तो बुरे लगने लगते हैं....
अगर आप जिंदगी में आगे बढ़ना चाहते हैं,तो दूसरे अपनी जिंदगी में क्या कर रहे हैं. इस बात से तबतक मतलब न रखें,जबतक दूसरों के कारण आपकी जिंदगी प्रभावित न हो.
इंसान वो लड़ाई कभी नहीं जीत सकता जिसमें दुश्मन उसके अपने हो
सभी औषधियों में अमृत प्रधान है. सभी सुखों में भोजन प्रधान है. सभी इन्द्रियों में आँख मुख्य है. सभी अंगों में सिर महत्वपूर्ण है.
मौन एक ऐसा तर्क है जिसका खण्डन कर पाना अत्यंत दुष्कर है
हर एक चीज में खूबसूरती होती है, लेकिन हर कोई उसे नहीं देख पाता
लोग बुरे नहीं होते... बस जब आपके मतलब के नहीं होते तो बुरे लगने लगते हैं....
अगर आप जिंदगी में आगे बढ़ना चाहते हैं,तो दूसरे अपनी जिंदगी में क्या कर रहे हैं. इस बात से तबतक मतलब न रखें,जबतक दूसरों के कारण आपकी जिंदगी प्रभावित न हो.
इंसान वो लड़ाई कभी नहीं जीत सकता जिसमें दुश्मन उसके अपने हो
सभी औषधियों में अमृत प्रधान है. सभी सुखों में भोजन प्रधान है. सभी इन्द्रियों में आँख मुख्य है. सभी अंगों में सिर महत्वपूर्ण है.