ढुढो सुकून तोह ख़ुद में हे दूसरो में सिर्फ उलझन मिलेगी
विषहीन सर्प को भी अपनी रक्षा के लिए फन फैलाना पड़ता है. (इसलिए शक्तिशाली न होते हुए भी शक्तिशाली होने का दिखावा करना आपकी रक्षा करता है.)
इंसान को अलार्म नही, जिम्मेदारियां जगाती है
जिसने खर्च कम करने की बात सोची समझ लो उसने कमाने की अकल खो दी....
मदद करने के लिए केवल धन की जरूरत नहीं होती उसके लिए एक अच्छे मन की जरूरत भी होती है
अपनो से इतनी दूरी ना बढ़ाए की दरवाजा खुला हो फिर भी खटखटाना पड़े
ढुढो सुकून तोह ख़ुद में हे दूसरो में सिर्फ उलझन मिलेगी
विषहीन सर्प को भी अपनी रक्षा के लिए फन फैलाना पड़ता है. (इसलिए शक्तिशाली न होते हुए भी शक्तिशाली होने का दिखावा करना आपकी रक्षा करता है.)
इंसान को अलार्म नही, जिम्मेदारियां जगाती है
जिसने खर्च कम करने की बात सोची समझ लो उसने कमाने की अकल खो दी....
मदद करने के लिए केवल धन की जरूरत नहीं होती उसके लिए एक अच्छे मन की जरूरत भी होती है
अपनो से इतनी दूरी ना बढ़ाए की दरवाजा खुला हो फिर भी खटखटाना पड़े