दुनिया सिर्फ नतीजे को इनाम देती है, कोशिशो को नहीं|

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अपने किरदार को जितना अच्छा रख सकते हो रखो क्योंकि मौत इंसान को मार सकती है मगर अच्छे किरदार वाले हमेशा जिंदा रहते हैं । दिलों में भी और अच्छे लफ्ज़ों में भी।

दूसरों को देखने के बज़ाय आप खुद वो काम करने की कोशिश करें, जिससे कि दूसरे आप को देखें

उम्मीद कभी न छोड़े, यही वह पथ है, जो जीवन भर आपको गतिशील बनाकर रखता है।

आप चाहे कितना भी भलाई का काम कर लो, मगर, उस भलाई की उम्र सिर्फ अगली गलती होने तक ही है

यदि तुम अपनी ज़िंदगी अपने तरीके से नही जिओगे, तो लोग अपने तरीके तुम पर लाद देंगे

चिंतन सदैव अकेले में किया जाए, ताकि विचार भंग होने की संभावना न रहे . पढाई में दो, गायन में तीन, यात्रा में चार और खेती में पाँच व्यक्तियों का साथ उत्तम माना गया है. इसी प्रकार युद्ध में अधिक संख्या बल का महत्व बढ़ जाता है.

अपने किरदार को जितना अच्छा रख सकते हो रखो क्योंकि मौत इंसान को मार सकती है मगर अच्छे किरदार वाले हमेशा जिंदा रहते हैं । दिलों में भी और अच्छे लफ्ज़ों में भी।

दूसरों को देखने के बज़ाय आप खुद वो काम करने की कोशिश करें, जिससे कि दूसरे आप को देखें

उम्मीद कभी न छोड़े, यही वह पथ है, जो जीवन भर आपको गतिशील बनाकर रखता है।

आप चाहे कितना भी भलाई का काम कर लो, मगर, उस भलाई की उम्र सिर्फ अगली गलती होने तक ही है

यदि तुम अपनी ज़िंदगी अपने तरीके से नही जिओगे, तो लोग अपने तरीके तुम पर लाद देंगे

चिंतन सदैव अकेले में किया जाए, ताकि विचार भंग होने की संभावना न रहे . पढाई में दो, गायन में तीन, यात्रा में चार और खेती में पाँच व्यक्तियों का साथ उत्तम माना गया है. इसी प्रकार युद्ध में अधिक संख्या बल का महत्व बढ़ जाता है.