उन्हें अपना बनाने की भूल कभी मत करना जो हमेशा अपनी ही दुनिया में व्यस्त रहते है।
जब हम बोलना नही जानते थे तो हमारे बोले बिना'माँ' हमारी बातो को समझ जाती थी। और आज हम हर बात पर कहते है छोङो भी 'माँ' आप नही समझोंगी।
बीते कल का अफ़सोस और आने वाले कल की चिंता, ये दोनों ऐसे चोर है जो हमारे आज की खुशियाँ चुरा लेते है !!
कुछ बातो से अंजान रहना ही अच्छा है......! कभी कभी सब कुछ जान लेना भी तकलीफ़ देता है......!
भले ही अपने विश्वास तोड़ दे पर देखने ये भी है हम कितने खरे उतरते है उनके विश्वास पर धोखे तो मिलते रहते है बात ये है हम कितने सुदृढ़ रहते हैं
जब टूटने लगे हौंसला तो बस ये याद रखना, बिना मेहनत के हासिल तख़्त-ओ-ताज नहीं होते, ढूढ़ लेना अंधेरे में ही मंजिल अपनी दोस्तों, क्योंकि जुगनू कभी रोशनी के मोहताज़ नहीं होते।
उन्हें अपना बनाने की भूल कभी मत करना जो हमेशा अपनी ही दुनिया में व्यस्त रहते है।
जब हम बोलना नही जानते थे तो हमारे बोले बिना'माँ' हमारी बातो को समझ जाती थी। और आज हम हर बात पर कहते है छोङो भी 'माँ' आप नही समझोंगी।
बीते कल का अफ़सोस और आने वाले कल की चिंता, ये दोनों ऐसे चोर है जो हमारे आज की खुशियाँ चुरा लेते है !!
कुछ बातो से अंजान रहना ही अच्छा है......! कभी कभी सब कुछ जान लेना भी तकलीफ़ देता है......!
भले ही अपने विश्वास तोड़ दे पर देखने ये भी है हम कितने खरे उतरते है उनके विश्वास पर धोखे तो मिलते रहते है बात ये है हम कितने सुदृढ़ रहते हैं
जब टूटने लगे हौंसला तो बस ये याद रखना, बिना मेहनत के हासिल तख़्त-ओ-ताज नहीं होते, ढूढ़ लेना अंधेरे में ही मंजिल अपनी दोस्तों, क्योंकि जुगनू कभी रोशनी के मोहताज़ नहीं होते।