जिस दिन कामयाबी मिलेगी उस दिन मेरे ही चर्चे होंगे, उनकी एक महीने की इनकम मेरे एक दिन के खर्चे होंगे
पत्थर सा बदनाम हूँ साहब, अपने शहर में आईना कहीं भी टूटे नाम मेरा ही आता है
अंदाज़े से मत नापिये हमारी हस्ती को, ठहरे हुए समुन्दर अक्सर गहरे होते हैं
डंके की चोट पर सच कहती हूं, हिम्मत मेरी रगों में है।
सुन छोरी? मैं अकेला था अकेला रहूँगा समझी? “चल हवा आने दे”
दुनिया क्या सोचेगी ये मै कभी नहीं सोचता
जिस दिन कामयाबी मिलेगी उस दिन मेरे ही चर्चे होंगे, उनकी एक महीने की इनकम मेरे एक दिन के खर्चे होंगे
पत्थर सा बदनाम हूँ साहब, अपने शहर में आईना कहीं भी टूटे नाम मेरा ही आता है
अंदाज़े से मत नापिये हमारी हस्ती को, ठहरे हुए समुन्दर अक्सर गहरे होते हैं
डंके की चोट पर सच कहती हूं, हिम्मत मेरी रगों में है।
सुन छोरी? मैं अकेला था अकेला रहूँगा समझी? “चल हवा आने दे”
दुनिया क्या सोचेगी ये मै कभी नहीं सोचता