हम भी कितने बेवकूफ है बेईमान दुनिया से इंसाफ की उम्मीद रखते है...

हम भी कितने बेवकूफ है बेईमान दुनिया से इंसाफ की उम्मीद रखते है...

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उसे गजब का शौंक है हरियाली का, रोज आकर जख्मों को हरा कर जाती है

ना अपने पास हूं ना तेरे साथ हूं, बहुत दिनों से मैं यूं ही उदास हूं !

सबका दिल रखने में, अक्सर मेरा दिल टूट जाता है.

रिश्ते नाते सब मतलब के यार है, बस पैसा ही सबका सच्चा प्यार है.

दिल मेरे सीने से चुरा रहा है कोई, दूर होकर भी याद आ रहा है कोई, हे खुदा मुझे उससे एक बार मिलादे, इंतज़ार मेरे लिए कर रहा है कोई !

उदास कर देती है.. हर रोज ये शाम..ऐसा लगता है जैसे भूल रहा है कोई.. धीरे- धीरे..

उसे गजब का शौंक है हरियाली का, रोज आकर जख्मों को हरा कर जाती है

ना अपने पास हूं ना तेरे साथ हूं, बहुत दिनों से मैं यूं ही उदास हूं !

सबका दिल रखने में, अक्सर मेरा दिल टूट जाता है.

रिश्ते नाते सब मतलब के यार है, बस पैसा ही सबका सच्चा प्यार है.

दिल मेरे सीने से चुरा रहा है कोई, दूर होकर भी याद आ रहा है कोई, हे खुदा मुझे उससे एक बार मिलादे, इंतज़ार मेरे लिए कर रहा है कोई !

उदास कर देती है.. हर रोज ये शाम..ऐसा लगता है जैसे भूल रहा है कोई.. धीरे- धीरे..