वतन हमारा ऐसे ना छोड़ पाए कोई, रिश्ता हमारा ऐसे ना तोड़ पाए कोई, दिल हमारे एक है एक है हमारी जान, हिंदुस्तान हमारा हैं हम हैं इसकी शान..
भारत की फ़जाओं को सदा याद रहूँगा, आज़ाद था, आज़ाद हूँ, आज़ाद रहूँगा।
दिल से निकलेगी न मरकर भी वतन की उल्फत मेरी मिटटी से भी खुशबू-इ-वतन आएगी. सरदार भगत सिंह
दे सलामी इस तिरंगे को जिससे तेरी शान है सर हमेशा ऊँचा रखना इसका जब तक दिल में जान है
ना पूछो ज़माने को, क्या हमारी कहानी हैं हमारी पहचान तो सिर्फ ये हैं की हम सिर्फ हिंदुस्तानी हैं…!!
फंदे से मोहब्बत थी हम वतन के मतवालो को।
वतन हमारा ऐसे ना छोड़ पाए कोई, रिश्ता हमारा ऐसे ना तोड़ पाए कोई, दिल हमारे एक है एक है हमारी जान, हिंदुस्तान हमारा हैं हम हैं इसकी शान..
भारत की फ़जाओं को सदा याद रहूँगा, आज़ाद था, आज़ाद हूँ, आज़ाद रहूँगा।
दिल से निकलेगी न मरकर भी वतन की उल्फत मेरी मिटटी से भी खुशबू-इ-वतन आएगी. सरदार भगत सिंह
दे सलामी इस तिरंगे को जिससे तेरी शान है सर हमेशा ऊँचा रखना इसका जब तक दिल में जान है
ना पूछो ज़माने को, क्या हमारी कहानी हैं हमारी पहचान तो सिर्फ ये हैं की हम सिर्फ हिंदुस्तानी हैं…!!
फंदे से मोहब्बत थी हम वतन के मतवालो को।