आदत बदल सी गई है वक़्त काटने की, हिम्मत ही नहीं होती अपना दर्द बांटने की

आदत बदल सी गई है वक़्त काटने की, हिम्मत ही नहीं होती अपना दर्द बांटने की

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याद तो रोज करते है उन्हें, पर उन्होने कभी महसूस ही न किया.. ?

काश ! वो सुबह नींद से जागे तो मुझसे लड़ने आए, कि तुम होते कौन हो मेरे ख़्वाबों में आने वाले

कितने अनमोल होते है, ये यादों के रिश्ते भी, कोई याद ना भी करे, तो चाहत फिर भी रहती है

मत पूछ कैसे गुजर रही है जिंदगी, उस दौर से गुजर रहा हूँ जो गुजरता ही नहीं है

जिनको जाना होता है वो चले ही जाते है किसी के रोने से उनको कोई फर्क नहीं पड़ता

मोत से तो दुनिया मरती हैं आशीक तो बस प्यार से ही मर जाता हैं

याद तो रोज करते है उन्हें, पर उन्होने कभी महसूस ही न किया.. ?

काश ! वो सुबह नींद से जागे तो मुझसे लड़ने आए, कि तुम होते कौन हो मेरे ख़्वाबों में आने वाले

कितने अनमोल होते है, ये यादों के रिश्ते भी, कोई याद ना भी करे, तो चाहत फिर भी रहती है

मत पूछ कैसे गुजर रही है जिंदगी, उस दौर से गुजर रहा हूँ जो गुजरता ही नहीं है

जिनको जाना होता है वो चले ही जाते है किसी के रोने से उनको कोई फर्क नहीं पड़ता

मोत से तो दुनिया मरती हैं आशीक तो बस प्यार से ही मर जाता हैं