शिकायत तो खुद से है तुम से तो आज भी इश्क़ है
हम ना पा सके तुझे मुदतो के चाहने के बाद, ओर किसी ने अपना बना लिया तुझे चंद रसमे निभाने के बाद !!
दर्द सिर का हो या दिल का..दोनों बहुत बुरे होते है
मुझे भी अब नींद की तलब नहीं रही, अब रातों को जागना अच्छा लगता है…
जितना मुश्किल किसी को पाना होता है.... उससे ज़्यादा मुश्किल उसे भुलाना होता है....
मैने तो बस तुमसे बेइंतहा मोहबत कि है, ना तुम्हे पाने के बारे मे सोचा है ना खोने के बारे मे
शिकायत तो खुद से है तुम से तो आज भी इश्क़ है
हम ना पा सके तुझे मुदतो के चाहने के बाद, ओर किसी ने अपना बना लिया तुझे चंद रसमे निभाने के बाद !!
दर्द सिर का हो या दिल का..दोनों बहुत बुरे होते है
मुझे भी अब नींद की तलब नहीं रही, अब रातों को जागना अच्छा लगता है…
जितना मुश्किल किसी को पाना होता है.... उससे ज़्यादा मुश्किल उसे भुलाना होता है....
मैने तो बस तुमसे बेइंतहा मोहबत कि है, ना तुम्हे पाने के बारे मे सोचा है ना खोने के बारे मे