अब मुझे रास आ गई है तन्हाइयाँ... आप अपने वक़्त का अचार डाल लिजिये
उनको लगी खरोंच का पता पुरे शहर को है, हमारे गहरे जख्म की कहीं चर्चा तक नहीं !!
मोहब्बत नहीं है उसे मुझसे ये जानता हूँ मैं फिर भी ये बात कहाँ मानता हूँ मैं
लाख तेरे चाहने वाले होंगे मगर तुझे महसूस सिर्फ मैंने किया है
जब मोहब्बत बे-पनाह हो जाये ना.. तोह फिर पनाह कही नही मिलती
मुझे इसलिए भी लोग कमज़ोर समझते है, मेरे पास ताक़त नहीं किसी का दिल तोड़ने की..........❤️
अब मुझे रास आ गई है तन्हाइयाँ... आप अपने वक़्त का अचार डाल लिजिये
उनको लगी खरोंच का पता पुरे शहर को है, हमारे गहरे जख्म की कहीं चर्चा तक नहीं !!
मोहब्बत नहीं है उसे मुझसे ये जानता हूँ मैं फिर भी ये बात कहाँ मानता हूँ मैं
लाख तेरे चाहने वाले होंगे मगर तुझे महसूस सिर्फ मैंने किया है
जब मोहब्बत बे-पनाह हो जाये ना.. तोह फिर पनाह कही नही मिलती
मुझे इसलिए भी लोग कमज़ोर समझते है, मेरे पास ताक़त नहीं किसी का दिल तोड़ने की..........❤️