जिसे दिल मे जगह दी थी वो ही सब बर्बाद कर गया....!!
कितने अनमोल होते है, ये यादों के रिश्ते भी, कोई याद ना भी करे, तो चाहत फिर भी रहती है
मेरी मोहब्बत की कातिल मेरी ग़रीबी ठहरी उसे ले गए ऊँचे मकाँ वाले....!
उसने कहा तुम सबसे अलग हो, सच कहा और कर दिया मुझे सबसे अलग |
शाम नहीं पर बात वही. तू नहीं तो तेरी याद सही.
वो जान गया हमें दर्द में भी मुस्कुराने की आदत है; इसलिए वो रोज़ नया दुःख देता है मेरी ख़ुशी के लिए।
जिसे दिल मे जगह दी थी वो ही सब बर्बाद कर गया....!!
कितने अनमोल होते है, ये यादों के रिश्ते भी, कोई याद ना भी करे, तो चाहत फिर भी रहती है
मेरी मोहब्बत की कातिल मेरी ग़रीबी ठहरी उसे ले गए ऊँचे मकाँ वाले....!
उसने कहा तुम सबसे अलग हो, सच कहा और कर दिया मुझे सबसे अलग |
शाम नहीं पर बात वही. तू नहीं तो तेरी याद सही.
वो जान गया हमें दर्द में भी मुस्कुराने की आदत है; इसलिए वो रोज़ नया दुःख देता है मेरी ख़ुशी के लिए।