मोहबत के सफ़र में नींद ऐसी खो गई, हम न सोए रात थक कर सो गई..!
कल तक थी जो जान, आज बन गयी अनजान.
अब मुझे रास आ गई है तन्हाइयाँ... आप अपने वक़्त का अचार डाल लिजिये
उस हंसती हुई तस्वीर को क्या मालूम की कोई उसे देख कितने रोता है
"अकेले कैसे रहा जाता है, कुछ लोग यही सिखाने हमारी जिंदगी मे आते है
हम उनसे तो लड़ लेंगे जो खुले आम दुश्मनी करते हैं... लेकिन उनका क्या करे जो लोग मुस्कुरा के दर्द देते हैं...
मोहबत के सफ़र में नींद ऐसी खो गई, हम न सोए रात थक कर सो गई..!
कल तक थी जो जान, आज बन गयी अनजान.
अब मुझे रास आ गई है तन्हाइयाँ... आप अपने वक़्त का अचार डाल लिजिये
उस हंसती हुई तस्वीर को क्या मालूम की कोई उसे देख कितने रोता है
"अकेले कैसे रहा जाता है, कुछ लोग यही सिखाने हमारी जिंदगी मे आते है
हम उनसे तो लड़ लेंगे जो खुले आम दुश्मनी करते हैं... लेकिन उनका क्या करे जो लोग मुस्कुरा के दर्द देते हैं...