लाख तेरे चाहने वाले होंगे मगर तुझे महसूस सिर्फ मैंने किया है
ज़िन्दगी से भला क्या शिकायत करें बस जिसे चाहा उसने समझा ही नही
जुनून सवार था किसीके अंदर ज़िंदा रहने का....हुआ यूं के हम अपने अंदर ही मर गये...
काम तो कुछ करती नहीं थक जाती हूँ बस तुम्हेे सोचते सोचते...।।
बहुत भीड हो गई है लोगों के दिलों में...इसलिए आजकल हम अकेले ही रहते हैं...!
किसी से कभी कोई उम्मीद मत रखो क्योंकि उम्मीद हमेशा दर्द देती है!
लाख तेरे चाहने वाले होंगे मगर तुझे महसूस सिर्फ मैंने किया है
ज़िन्दगी से भला क्या शिकायत करें बस जिसे चाहा उसने समझा ही नही
जुनून सवार था किसीके अंदर ज़िंदा रहने का....हुआ यूं के हम अपने अंदर ही मर गये...
काम तो कुछ करती नहीं थक जाती हूँ बस तुम्हेे सोचते सोचते...।।
बहुत भीड हो गई है लोगों के दिलों में...इसलिए आजकल हम अकेले ही रहते हैं...!
किसी से कभी कोई उम्मीद मत रखो क्योंकि उम्मीद हमेशा दर्द देती है!