जब दिल गैरो मैं लग जाए तब अपनों मैं खामिया नजर आने लगती है
किसी रोज़ मिलने से प्यार हो या न हो लेकिन किसी रोज़ बात करने से उसकी आदत जरूर हो जाती है
चैन से गुज़र रही थी ज़िन्दगी, और फिर तुम मिल गए!
"अकेले कैसे रहा जाता है, कुछ लोग यही सिखाने हमारी जिंदगी मे आते है
जिनको जाना होता है वो चले ही जाते है किसी के रोने से उनको कोई फर्क नहीं पड़ता
कैसे गुज़र रही है सब पूछते है, कैसे गुजारता हु कोई नहीं पूछता |
जब दिल गैरो मैं लग जाए तब अपनों मैं खामिया नजर आने लगती है
किसी रोज़ मिलने से प्यार हो या न हो लेकिन किसी रोज़ बात करने से उसकी आदत जरूर हो जाती है
चैन से गुज़र रही थी ज़िन्दगी, और फिर तुम मिल गए!
"अकेले कैसे रहा जाता है, कुछ लोग यही सिखाने हमारी जिंदगी मे आते है
जिनको जाना होता है वो चले ही जाते है किसी के रोने से उनको कोई फर्क नहीं पड़ता
कैसे गुज़र रही है सब पूछते है, कैसे गुजारता हु कोई नहीं पूछता |