वो शख्स एक छोटी सी बात पे यूँ चल दिया, जैसे उसे सदियों से किसी बहाने की तलाश थी .
कोई रूह का तलबगार मिले तो हम भी महोब्बत कर ले… यहाँ दिल तो बहुत मिलते है, बस कोई दिल से नहीं मिलता
आज सारा दिन उदास गुजर गया, अभी रात की सजा बाकि है....
बेशक मोहब्बत ना कर पर बात तो कर, तेरा यु खामोश रहना बड़ी तकलीफ देता है..
तुम चाहते तो निभा भी सकते थे, मगर तुमने ऐसा कभी चाहा ही नहीं.
कैसे गुज़र रही है सब पूछते है, कैसे गुजारता हु कोई नहीं पूछता |
वो शख्स एक छोटी सी बात पे यूँ चल दिया, जैसे उसे सदियों से किसी बहाने की तलाश थी .
कोई रूह का तलबगार मिले तो हम भी महोब्बत कर ले… यहाँ दिल तो बहुत मिलते है, बस कोई दिल से नहीं मिलता
आज सारा दिन उदास गुजर गया, अभी रात की सजा बाकि है....
बेशक मोहब्बत ना कर पर बात तो कर, तेरा यु खामोश रहना बड़ी तकलीफ देता है..
तुम चाहते तो निभा भी सकते थे, मगर तुमने ऐसा कभी चाहा ही नहीं.
कैसे गुज़र रही है सब पूछते है, कैसे गुजारता हु कोई नहीं पूछता |