आज भी एक सवाल छिपा है.. दिल के किसी कोने मैं.. की क्या कमी रह गई थी तेरा होने में.
जब रिश्ते ही दम तोड़ चुके हों.... तो फिर प्यार, इजहार, गलती का अहसास, सही गलत कुछ भी मैटर नहीं करता।
एक ख़्वाब था की वह भी मुझे चाहे मेरी तरह पर ख़्वाब ही रह गया
कितना भी मुश्किल क्यूँ न हो सफ़र जिंदगी का, मोहब्बत का साथ मिले तो आसानी से कट जाता है !
मत किया कर ऐ दिल किसी से मोहब्बत इतनी, जो लोग बात नहीं करते वो प्यार क्या करेंगे. ..!
उसका मिलना ही मुकद्दर में नहीं था वरना क्या क्या नहीं खोया उसे पाने के लिये
आज भी एक सवाल छिपा है.. दिल के किसी कोने मैं.. की क्या कमी रह गई थी तेरा होने में.
जब रिश्ते ही दम तोड़ चुके हों.... तो फिर प्यार, इजहार, गलती का अहसास, सही गलत कुछ भी मैटर नहीं करता।
एक ख़्वाब था की वह भी मुझे चाहे मेरी तरह पर ख़्वाब ही रह गया
कितना भी मुश्किल क्यूँ न हो सफ़र जिंदगी का, मोहब्बत का साथ मिले तो आसानी से कट जाता है !
मत किया कर ऐ दिल किसी से मोहब्बत इतनी, जो लोग बात नहीं करते वो प्यार क्या करेंगे. ..!
उसका मिलना ही मुकद्दर में नहीं था वरना क्या क्या नहीं खोया उसे पाने के लिये