लाख तेरे चाहने वाले होंगे मगर तुझे महसूस सिर्फ मैंने किया है
अब मुझे रास आ गई है तन्हाइयाँ... आप अपने वक़्त का अचार डाल लिजिये
समझ में ही नही आता कभी-कभी, ये सब क्या हो रहा जिंदगी में...बस.. चुप-चाप तमाशे देख रही हु जिंदगी के...
बहुत कुछ लिखना है पर लफ्ज़ खामोश है।
तुम पर सिर्फ मेरा हक़ है ऐसा कहने वाला ही अब साथ छोड़ गया
कमाल करता है ऐ दिल तू भी उसे फुर्सत नहीं और तुझे चैन नहीं
लाख तेरे चाहने वाले होंगे मगर तुझे महसूस सिर्फ मैंने किया है
अब मुझे रास आ गई है तन्हाइयाँ... आप अपने वक़्त का अचार डाल लिजिये
समझ में ही नही आता कभी-कभी, ये सब क्या हो रहा जिंदगी में...बस.. चुप-चाप तमाशे देख रही हु जिंदगी के...
बहुत कुछ लिखना है पर लफ्ज़ खामोश है।
तुम पर सिर्फ मेरा हक़ है ऐसा कहने वाला ही अब साथ छोड़ गया
कमाल करता है ऐ दिल तू भी उसे फुर्सत नहीं और तुझे चैन नहीं