रिश्तो की सिलाई अगर भावनाओ से हुई है तो टूटना मुश्किल है और अगर स्वार्थ से हुई है, तो टिकना मुश्किल है.
अपेक्षाएं जहां खत्म होती हैं, सुकून वहीं से शुरू होता है
किसी के आगे हाथ फैलाने से अच्छा अपने हाथों को काम मे लगा दो
कुछ लोग आपसे नफरत इसलिए करने लगते है क्योंकि आपकी सही बात उसे कड़वी लग जाती है
दुनिया मे अधिक गम है उन सबको देखते हुए आपका बहुत कम है
गुणी व्यक्ति का आश्रय लेने से निर्गुणी भी गुणी हो जाता है।
रिश्तो की सिलाई अगर भावनाओ से हुई है तो टूटना मुश्किल है और अगर स्वार्थ से हुई है, तो टिकना मुश्किल है.
अपेक्षाएं जहां खत्म होती हैं, सुकून वहीं से शुरू होता है
किसी के आगे हाथ फैलाने से अच्छा अपने हाथों को काम मे लगा दो
कुछ लोग आपसे नफरत इसलिए करने लगते है क्योंकि आपकी सही बात उसे कड़वी लग जाती है
दुनिया मे अधिक गम है उन सबको देखते हुए आपका बहुत कम है
गुणी व्यक्ति का आश्रय लेने से निर्गुणी भी गुणी हो जाता है।