प्रॉब्लम उतनी पॉवरफुल नही जितना हम उन्हें मान लेते है, कभी सुना है क्या अंधेरे ने सुबह नही होने दी
जिंदगी में ऐसे लोग भी मिलते हैं.... जो वादे तो नहीं करते लेकिन निभा बहुत कुछ जाते है.,. अक्सर वही रिश्ते, लाजवाब होते हैं... जो एहसानों से नहीं, एहसासों से बने होते हैं..!
अहंकार की बस एक खराबी है ये कभी आपको महसूस ही नही होने देता कि आप गलत है
दिन में दीपक जलना, समुद्र में वर्षा, भरे पेट के लिए भोजन और धनवान को दान देना व्यर्थ है.
वक्त होता है बदलने के लिए, ठहरते तो बस लम्हे ही हैं ....!!
दूसरों का सहारा लेने पर व्यक्ति का स्वयं का अस्तित्व गौण हो जाता है, जिस प्रकार सूर्योदय होने पर चंद्रमा का प्रकाश अपनी चमक खो बैठता है. अतः महान वही है जो अपने बल पर खड़ा है.
प्रॉब्लम उतनी पॉवरफुल नही जितना हम उन्हें मान लेते है, कभी सुना है क्या अंधेरे ने सुबह नही होने दी
जिंदगी में ऐसे लोग भी मिलते हैं.... जो वादे तो नहीं करते लेकिन निभा बहुत कुछ जाते है.,. अक्सर वही रिश्ते, लाजवाब होते हैं... जो एहसानों से नहीं, एहसासों से बने होते हैं..!
अहंकार की बस एक खराबी है ये कभी आपको महसूस ही नही होने देता कि आप गलत है
दिन में दीपक जलना, समुद्र में वर्षा, भरे पेट के लिए भोजन और धनवान को दान देना व्यर्थ है.
वक्त होता है बदलने के लिए, ठहरते तो बस लम्हे ही हैं ....!!
दूसरों का सहारा लेने पर व्यक्ति का स्वयं का अस्तित्व गौण हो जाता है, जिस प्रकार सूर्योदय होने पर चंद्रमा का प्रकाश अपनी चमक खो बैठता है. अतः महान वही है जो अपने बल पर खड़ा है.