मित्रों से समागम, अधिक धन की प्राप्ति, पुत्र का आलिंगन, मैथुन में प्रवृत्ति, समय पर प्रिय वचन बोलना, अपने वर्ग के लोगों में उन्नति, अभीष्ट वस्तु की प्राप्ति और समाज में सम्मान – ये आठ हर्ष के सार दिखाई देते हैं और ये ही लौकिक सुख के साधन भी होते हैं।
मदद करने के लिए केवल धन की जरूरत नहीं होती उसके लिए एक अच्छे मन की जरूरत भी होती है
यकीन रखिए, रब दूसरा दरवाजा खोले बगैर पहला दरवाजा बंद नहीं करता |
दुनिया मे अधिक गम है उन सबको देखते हुए आपका बहुत कम है
जो ना मिले उसकी ही चाहत होती है, जो मिल जाये उसकी कदर कहाँ होती है
मुस्कुराहट, आपकी खूबसूरती में सुधार करने का एक सस्ता तरीका है
मित्रों से समागम, अधिक धन की प्राप्ति, पुत्र का आलिंगन, मैथुन में प्रवृत्ति, समय पर प्रिय वचन बोलना, अपने वर्ग के लोगों में उन्नति, अभीष्ट वस्तु की प्राप्ति और समाज में सम्मान – ये आठ हर्ष के सार दिखाई देते हैं और ये ही लौकिक सुख के साधन भी होते हैं।
मदद करने के लिए केवल धन की जरूरत नहीं होती उसके लिए एक अच्छे मन की जरूरत भी होती है
यकीन रखिए, रब दूसरा दरवाजा खोले बगैर पहला दरवाजा बंद नहीं करता |
दुनिया मे अधिक गम है उन सबको देखते हुए आपका बहुत कम है
जो ना मिले उसकी ही चाहत होती है, जो मिल जाये उसकी कदर कहाँ होती है
मुस्कुराहट, आपकी खूबसूरती में सुधार करने का एक सस्ता तरीका है