संघर्ष इंसान को मजूत बनाता है! फिर चाहे वह कितना भी कमजोर क्यों न हो.

संघर्ष इंसान को मजूत बनाता है! फिर चाहे वह कितना भी कमजोर क्यों न हो.

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अगर आप हमेशा अहंकार से भरे रहते हैं तो फिर इस दुनिया में आपके लिए सीखने को कुछ भी नहीं है ।

हम दिए को तो फूक मार के भुझा सकते है मगर अगरबत्ती को नही क्योंकि जो महकता है उसे कोन भुझा सकता है और जो जलता है वो तो खुद ही भुझ जाता है

हर इंसान के अंदर अच्छाई हर इंसान के अंदर अच्छाई ओर बुराई के बीच एक जंग चलती रहती है।

"बदलना" ख़राब नहीं हैं , ख़राब हैं बदल कर , पहले से "बदतर" हो जाना

खुशी के फूल उन्हीं के दिलों में खिलते हैं, जो अपनों से अपनों की तरह मिलते हैं

अपनी अच्छाई पर इतना भरोसा रखिए कि जो भी आपको खोएगा यकीनन वो रोएगा ।

अगर आप हमेशा अहंकार से भरे रहते हैं तो फिर इस दुनिया में आपके लिए सीखने को कुछ भी नहीं है ।

हम दिए को तो फूक मार के भुझा सकते है मगर अगरबत्ती को नही क्योंकि जो महकता है उसे कोन भुझा सकता है और जो जलता है वो तो खुद ही भुझ जाता है

हर इंसान के अंदर अच्छाई हर इंसान के अंदर अच्छाई ओर बुराई के बीच एक जंग चलती रहती है।

"बदलना" ख़राब नहीं हैं , ख़राब हैं बदल कर , पहले से "बदतर" हो जाना

खुशी के फूल उन्हीं के दिलों में खिलते हैं, जो अपनों से अपनों की तरह मिलते हैं

अपनी अच्छाई पर इतना भरोसा रखिए कि जो भी आपको खोएगा यकीनन वो रोएगा ।