ख्वाइशे के काफिले भी बड़े अजीब होते है.. ये गुज़रते भी वही से है जहाँ रास्ते नहीं होते...

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ज्वाला जगा अन्दर, किस बात से है तंग, दुनिया से नहीं, खुद से है तेरी जंग

कुशल व्यवहार आपके जीवन का आईना है.. इसका आप जितना अधिक इस्तेमाल करेंगे. आपकी चमक उतनी ही बढ़ जाएगी...!!

आपका परम मित्र भी किसी कारण वश, आपका परम शत्रु बनकर खड़ा हो सकता है

अगर खुद का मूल्य पता लग जाए, तो दूसरों द्वारा की गई अनावश्यक निंदा, तुम्हे छू भी नही सकती..

कोई विश्वास तोड़े तो उसका भी धन्यवाद करें,, वह हमे सिखाते है की,, विश्वास बहुत सोच -समझकर करना चाहिए !!!!

“शिक्षक” और “सड़क” दोनों एक जैसे होते हैं खुद जहाँ है वहीं पर रहते हैं मगर दुसरो को उनकी मंजिल तक पहुंचा हीं देते हैं !

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