ख्वाइशे के काफिले भी बड़े अजीब होते है.. ये गुज़रते भी वही से है जहाँ रास्ते नहीं होते...

ख्वाइशे के काफिले भी बड़े अजीब होते है.. ये गुज़रते भी वही से है जहाँ रास्ते नहीं होते...

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सुख दुख तो अतिथि है, बारी बारी से आएंगे, चले जाएंगे यदि वह नहीं आएंगे तो, हम अनुभव कहां से लाएंगे

खुद को अपनी नजरों से गिराना छोड़ दो, जब लोग तुम्हें ना

किसी को हरा देना बहुत ही आसान है   लेकिन किसी को जीतना  बहुत ही मुश्किल

इंसान को अलार्म नही, जिम्मेदारियां जगाती है

लोगों को भरपूर सम्मान दीजिये... इसलिए नहीं कि, उनका अधिकार है... बल्कि इसलिए कि, आप में संस्कार है ...!!

स्वभाव रखना है तो उस दीपक की तरह रखिये , जो बादशाह के महल में भी उतनी ही रोशनी देता है , जितनी की किसी गरीब की झोपड़ी में ।।

सुख दुख तो अतिथि है, बारी बारी से आएंगे, चले जाएंगे यदि वह नहीं आएंगे तो, हम अनुभव कहां से लाएंगे

खुद को अपनी नजरों से गिराना छोड़ दो, जब लोग तुम्हें ना

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इंसान को अलार्म नही, जिम्मेदारियां जगाती है

लोगों को भरपूर सम्मान दीजिये... इसलिए नहीं कि, उनका अधिकार है... बल्कि इसलिए कि, आप में संस्कार है ...!!

स्वभाव रखना है तो उस दीपक की तरह रखिये , जो बादशाह के महल में भी उतनी ही रोशनी देता है , जितनी की किसी गरीब की झोपड़ी में ।।