ख्वाइशे के काफिले भी बड़े अजीब होते है.. ये गुज़रते भी वही से है जहाँ रास्ते नहीं होते...

ख्वाइशे के काफिले भी बड़े अजीब होते है.. ये गुज़रते भी वही से है जहाँ रास्ते नहीं होते...

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वजूद सबका अपना अपना है सूर्य के सामने दीपक का ना सही अंधेरे के आगे बहुत कुछ है

कोई जाति नीच नही होती लेकिन नीच आदमी हर जाति में होता है

"अगर अपनी औकात देखनी है तो अपने बाप के पैसे का इस्तेमाल करना छोड़ दो."

फिल्टर सिर्फ चित्र का होता है

जो नहीं लड़ते वही तो हार जाते हैं हौसले वाले तो बाज़ी मार जाते हैं...

जिदंगी मे कभी भी किसी को बेकार मत समझना,क्योक़ि बंद पडी घडी भी दिन में दो बार सही समय बताती है।

डॉ० एपीजे अब्दुल कलाम

वजूद सबका अपना अपना है सूर्य के सामने दीपक का ना सही अंधेरे के आगे बहुत कुछ है

कोई जाति नीच नही होती लेकिन नीच आदमी हर जाति में होता है

"अगर अपनी औकात देखनी है तो अपने बाप के पैसे का इस्तेमाल करना छोड़ दो."

फिल्टर सिर्फ चित्र का होता है

जो नहीं लड़ते वही तो हार जाते हैं हौसले वाले तो बाज़ी मार जाते हैं...

जिदंगी मे कभी भी किसी को बेकार मत समझना,क्योक़ि बंद पडी घडी भी दिन में दो बार सही समय बताती है।

डॉ० एपीजे अब्दुल कलाम