उस काम का चयन कीजिये जिसे आप पसंद करते हों, फिर आप पूरी ज़िन्दगी एक दिन भी काम नहीं करंगे
मुर्ख की यह प्रव्रत्ति है कि वह सदैव उन लोगों का अपमान करता है जो विद्या, शील, आयु। बुद्धि, धन और कुल में श्रेष्ट हैं तथा माननीय हैं।
पूरे समुंद्र का पानी भी एक जहाज को नहीं डुबा सकता, जब तक पानी को जहाज अन्दर न आने दे। इसी तरह दुनिया का कोई भी नकारात्मक विचार आपको नीचे नहीं गिरा सकता, जब तक आप उसे अपने अंदर आने की अनुमति न दें।
यदि लक्ष्य न मिले तो रास्ता बदलो क्योंकि वृक्ष अपनी पंक्तिया बदलते है जड़े नही.
छोटे छोटे खर्चो से सावधान रहिये क्योंकि एक छोटा सा छेद बड़े से जहाज को डूबा सकता है।
ख़ुद की जिम्मेवारी और काम को सौंप बड़े गुमान से बैठा है, ख़ुदा ने जबसे माँ बनाई है खुद इत्मिनान से बैठा है।
उस काम का चयन कीजिये जिसे आप पसंद करते हों, फिर आप पूरी ज़िन्दगी एक दिन भी काम नहीं करंगे
मुर्ख की यह प्रव्रत्ति है कि वह सदैव उन लोगों का अपमान करता है जो विद्या, शील, आयु। बुद्धि, धन और कुल में श्रेष्ट हैं तथा माननीय हैं।
पूरे समुंद्र का पानी भी एक जहाज को नहीं डुबा सकता, जब तक पानी को जहाज अन्दर न आने दे। इसी तरह दुनिया का कोई भी नकारात्मक विचार आपको नीचे नहीं गिरा सकता, जब तक आप उसे अपने अंदर आने की अनुमति न दें।
यदि लक्ष्य न मिले तो रास्ता बदलो क्योंकि वृक्ष अपनी पंक्तिया बदलते है जड़े नही.
छोटे छोटे खर्चो से सावधान रहिये क्योंकि एक छोटा सा छेद बड़े से जहाज को डूबा सकता है।
ख़ुद की जिम्मेवारी और काम को सौंप बड़े गुमान से बैठा है, ख़ुदा ने जबसे माँ बनाई है खुद इत्मिनान से बैठा है।