मुस्करा कर देखो तो सारा जहाॅ रंगीन है, वर्ना भीगी पलको से तो आईना भी धुधंला नजर आता है।
सुख मै सो मिले दुःख में मिले न एक साथ कष्ट में रहे वही मित्र है नेक
खिचड़ी अगर बर्तन में पके तो बीमार को ठीक कर देती है और यदि दिमाग में पके तो इंसान को बीमार कर देती है
जो व्यक्ति अपने समय का सम्मान करता है, वो अपने जीवन के सारे लक्ष्य प्राप्त करता है।
"व्यक्ति को मारा जा सकता है किन्तु विचारों को नहीं"
अभी से वो होना शुरू कीजिये जो आप भविष्य में होंगे
मुस्करा कर देखो तो सारा जहाॅ रंगीन है, वर्ना भीगी पलको से तो आईना भी धुधंला नजर आता है।
सुख मै सो मिले दुःख में मिले न एक साथ कष्ट में रहे वही मित्र है नेक
खिचड़ी अगर बर्तन में पके तो बीमार को ठीक कर देती है और यदि दिमाग में पके तो इंसान को बीमार कर देती है
जो व्यक्ति अपने समय का सम्मान करता है, वो अपने जीवन के सारे लक्ष्य प्राप्त करता है।
"व्यक्ति को मारा जा सकता है किन्तु विचारों को नहीं"
अभी से वो होना शुरू कीजिये जो आप भविष्य में होंगे