सामने हो मंजिल तो रास्ते न मोड़ना, जो भी मन में हो वो सपना न तोड़ना कदम कदम पे मिलेगी मुश्किल आपको, बस सितारे चुनने के लिए जमीन मत छोड़ना
जब अपने ही परिंदे किसी और के दाने के आदी हो जाए तो उन्हें आजाद कर देना चाहिए
मासूमियत इतनी भी नही होनी चाहिए की लोग आपके साथ वक्त गुजारे और आप उसे म्होब्बत समझे
मुश्किलें दिलों के इरादों को आजमाएंगी, आँखों के पर्दों को निगाहों से हटाएँगी, गिरकर भी हम को संभलना होगा, ये ठोकरें ही हमको चलना सिखाएंगी।
ठोकर इसलिए नहीं लगती कि इंसान गिर जाए बल्कि वो तो इसलिए लगती है कि इंसान सुधर जाए .
अगर आप चाहते हैं कि कोई चीज अच्छे से हो तो उसे खुद कीजिये
सामने हो मंजिल तो रास्ते न मोड़ना, जो भी मन में हो वो सपना न तोड़ना कदम कदम पे मिलेगी मुश्किल आपको, बस सितारे चुनने के लिए जमीन मत छोड़ना
जब अपने ही परिंदे किसी और के दाने के आदी हो जाए तो उन्हें आजाद कर देना चाहिए
मासूमियत इतनी भी नही होनी चाहिए की लोग आपके साथ वक्त गुजारे और आप उसे म्होब्बत समझे
मुश्किलें दिलों के इरादों को आजमाएंगी, आँखों के पर्दों को निगाहों से हटाएँगी, गिरकर भी हम को संभलना होगा, ये ठोकरें ही हमको चलना सिखाएंगी।
ठोकर इसलिए नहीं लगती कि इंसान गिर जाए बल्कि वो तो इसलिए लगती है कि इंसान सुधर जाए .
अगर आप चाहते हैं कि कोई चीज अच्छे से हो तो उसे खुद कीजिये