मुस्किले आसानी से हल हो सकती तो मुश्किले ना कहलाती
उतनी देर तक ही खामोश रहो, जब तक लोग तुम्हें कमजोर न समझे
तेरे गिरने में तेरी हार नहीं तू इंसान है,अवतार नहीं गिर,उठ,चल,दौड़ फिर भाग क्योंकि जीवन संक्षिप्त है इसका कोई सार नही
कोई तब तक आपकी सवारी नहीं कर सकता जब तक आपकी पीठ झुकी ना हो
यदि आप वही करते है जो आप हमेशा से करते आये है तो आप को वही मिलेगा जो हमेशा से मिलता आया है
भाग्य पुरुषार्थी के पीछे चलता है।
मुस्किले आसानी से हल हो सकती तो मुश्किले ना कहलाती
उतनी देर तक ही खामोश रहो, जब तक लोग तुम्हें कमजोर न समझे
तेरे गिरने में तेरी हार नहीं तू इंसान है,अवतार नहीं गिर,उठ,चल,दौड़ फिर भाग क्योंकि जीवन संक्षिप्त है इसका कोई सार नही
कोई तब तक आपकी सवारी नहीं कर सकता जब तक आपकी पीठ झुकी ना हो
यदि आप वही करते है जो आप हमेशा से करते आये है तो आप को वही मिलेगा जो हमेशा से मिलता आया है
भाग्य पुरुषार्थी के पीछे चलता है।