कामयाबी के सफर में "धूप" का बड़ा महत्व होता हैं.. छांव मिलते ही कदम रुकने लगते है..
एक रंग रिश्तों पर ऐसा लगाए भीगे हर शब्द पर अर्थ बहने न पाए ।
खुद की समझदारी भी
दिल में बुराई रखने से बेहतर है, की नाराजगी जाहिर कर दो
मुस्कुराहट एक तोहफा है..... इसका इस्तेमाल रोजना किया जाना चाहिए.।
जब तक किसी व्यक्ति द्वारा अपनी संभावनाओं से अधिक कार्य नहीं किया जाता है, तब तक उस व्यक्ति द्वारा वह सब कुछ नहीं किया जा सकेगा जो वह कर सकता है
कामयाबी के सफर में "धूप" का बड़ा महत्व होता हैं.. छांव मिलते ही कदम रुकने लगते है..
एक रंग रिश्तों पर ऐसा लगाए भीगे हर शब्द पर अर्थ बहने न पाए ।
खुद की समझदारी भी
दिल में बुराई रखने से बेहतर है, की नाराजगी जाहिर कर दो
मुस्कुराहट एक तोहफा है..... इसका इस्तेमाल रोजना किया जाना चाहिए.।
जब तक किसी व्यक्ति द्वारा अपनी संभावनाओं से अधिक कार्य नहीं किया जाता है, तब तक उस व्यक्ति द्वारा वह सब कुछ नहीं किया जा सकेगा जो वह कर सकता है