आप सिर्फ इसलिए दुःखी हो क्योंकि आपने किसी झूठ को सच मान रखा है.
कभी गिर जाओ तो खुद ही उठ जाना, क्यूँकी लोग सिर्फ गिरे हुए पैसे उठाते है इंसान नहीं
उलझने मैंने कई झुक के भी सुलझायी है लोग सारे तो कद के बराबर नही होते
कभी यह मत सोचो कि आप अकेले हो बल्कि यह सोचो की आप अकेले ही काफी हो
प्रॉब्लम सब के लिए एक जैसी हैं सिर्फ Attitude ही उसे अलग बनाता हैं
माफी मांगने का मतलब यह नहीं है कि हम गलत है या सामने वाला सही है....इसका मतलब है कि हम रिश्तों को अपने अंहकार से ज्यादा महत्व देते हैं
आप सिर्फ इसलिए दुःखी हो क्योंकि आपने किसी झूठ को सच मान रखा है.
कभी गिर जाओ तो खुद ही उठ जाना, क्यूँकी लोग सिर्फ गिरे हुए पैसे उठाते है इंसान नहीं
उलझने मैंने कई झुक के भी सुलझायी है लोग सारे तो कद के बराबर नही होते
कभी यह मत सोचो कि आप अकेले हो बल्कि यह सोचो की आप अकेले ही काफी हो
प्रॉब्लम सब के लिए एक जैसी हैं सिर्फ Attitude ही उसे अलग बनाता हैं
माफी मांगने का मतलब यह नहीं है कि हम गलत है या सामने वाला सही है....इसका मतलब है कि हम रिश्तों को अपने अंहकार से ज्यादा महत्व देते हैं