दुनिया का उसूल हैं दोस्त जिस चीज़ के बारे में सोचना छोड़ दोगे झक्क मार के तुम्हारे पीछे आएगी
बोलकर सोचने से बेहतर है सोचकर बोलना
खुद को कभी अकेला महसूस न करे क्योंकि
खुद से बहस करोगे तो सारे सवालों के जवाब मिल जाएंगे, अगर दुसरो से करोगे तो और नये सवाल खड़े हो जायेंगे, जब मनुष्य अपनी ग़लती का वक़ील और दूसरों की गलतियों का, जज बन जाता है तो फैसले नही फासले हो जाते है..
अगर ईश्वर ने आपको नई शुरुआत करने का मौका दिया है, फिर पुरानी गलतियों को मत दोहराए
याद रखना, सपना तुम्हारे है, तो पूरा भी तुम ही करोगे .! न ही हालात तुम्हारे हिसाब से होंगे और न लोग
दुनिया का उसूल हैं दोस्त जिस चीज़ के बारे में सोचना छोड़ दोगे झक्क मार के तुम्हारे पीछे आएगी
बोलकर सोचने से बेहतर है सोचकर बोलना
खुद को कभी अकेला महसूस न करे क्योंकि
खुद से बहस करोगे तो सारे सवालों के जवाब मिल जाएंगे, अगर दुसरो से करोगे तो और नये सवाल खड़े हो जायेंगे, जब मनुष्य अपनी ग़लती का वक़ील और दूसरों की गलतियों का, जज बन जाता है तो फैसले नही फासले हो जाते है..
अगर ईश्वर ने आपको नई शुरुआत करने का मौका दिया है, फिर पुरानी गलतियों को मत दोहराए
याद रखना, सपना तुम्हारे है, तो पूरा भी तुम ही करोगे .! न ही हालात तुम्हारे हिसाब से होंगे और न लोग