यु जमीन पर बैठ कर क्यूँ आसमान देखता है | पंखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है |

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मंजिल मेरे कदमों से अभी दूर बहुत है... मगर तसल्ली ये है कि कदम मेरे साथ हैं

आजादी अच्छी चीज है, लेकिन ? कबूतर को ? आजाद कराने के लिए पिजरे का दरवाजा बिल्ली खोले तो समझदारी पिंजरे में रहने में ही है..!!

●आवाज का लहजा एक पल में बता देता है कि... रिश्ता कितना गहरा है●

जैसे दीये को जलने के लिए तेल के साथ बाती की आवश्यकता होती है ठीक वैसे ही मनुष्य को सफलता के लिए आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है

अत्यधिक उम्मीद को विराम दो, मन की शांति फिर से वापिस लौट आएगी

इंसान वो लड़ाई कभी नहीं जीत सकता जिसमें दुश्मन उसके अपने हो

मंजिल मेरे कदमों से अभी दूर बहुत है... मगर तसल्ली ये है कि कदम मेरे साथ हैं

आजादी अच्छी चीज है, लेकिन ? कबूतर को ? आजाद कराने के लिए पिजरे का दरवाजा बिल्ली खोले तो समझदारी पिंजरे में रहने में ही है..!!

●आवाज का लहजा एक पल में बता देता है कि... रिश्ता कितना गहरा है●

जैसे दीये को जलने के लिए तेल के साथ बाती की आवश्यकता होती है ठीक वैसे ही मनुष्य को सफलता के लिए आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है

अत्यधिक उम्मीद को विराम दो, मन की शांति फिर से वापिस लौट आएगी

इंसान वो लड़ाई कभी नहीं जीत सकता जिसमें दुश्मन उसके अपने हो