हारे हुए इंसान की सलाह, जीते हुए इंसान का अनुभव और ख़ुद का दिमाग़ आपको कभी हारने नहीं देगा
सज्जन की राय का उल्लंघन न करें।
तुम CRY करने से नही बल्कि TRY करने से कामयाब बनोगे
खुद की समझदारी भी
संकट में मनुष्य को वास्तु दोष, पितर दोष शनि दोष सब याद आ जाते है, लेकिन अपने दोष दिखाई नही देते है
दान से ही हाथों कि सुन्दरता है न कि कंगन पहनने से. शरीर स्नान से शुद्ध होता है न कि चन्दन लगाने से. तृप्ति मान से होती है न कि भोजन से. मोक्ष ज्ञान से मिलता है न कि श्रृंगार से|
हारे हुए इंसान की सलाह, जीते हुए इंसान का अनुभव और ख़ुद का दिमाग़ आपको कभी हारने नहीं देगा
सज्जन की राय का उल्लंघन न करें।
तुम CRY करने से नही बल्कि TRY करने से कामयाब बनोगे
खुद की समझदारी भी
संकट में मनुष्य को वास्तु दोष, पितर दोष शनि दोष सब याद आ जाते है, लेकिन अपने दोष दिखाई नही देते है
दान से ही हाथों कि सुन्दरता है न कि कंगन पहनने से. शरीर स्नान से शुद्ध होता है न कि चन्दन लगाने से. तृप्ति मान से होती है न कि भोजन से. मोक्ष ज्ञान से मिलता है न कि श्रृंगार से|