आप सफलता तब तक नहीं प्राप्त कर सकते जब तक आप में असफल होने का साहस न हो…!
दुनिया पर जीत हासिल करने से पहले अपने मन पर जीत हासिल करना जरुरी है
जितने तुम चतुर होते जाते हो उतना ही तुम्हारा ह्रदय मरता जाता है
जिस प्रकार घिसने, तापने, काटने और पीटने से सोने का परीक्षण होता है. उसी प्रकार त्याग, शील, गुण, एवं कर्मों से पुरुष कि परीक्षा होती है.
कर्म भूमि की दुनिया में श्रम सभी को करना है, भगवान सिर्फ लकीरें देता है, रंग हमें ही भरना है
लोगों को भरपूर सम्मान दीजिये... इसलिए नहीं कि, उनका अधिकार है... बल्कि इसलिए कि, आप में संस्कार है ...!!
आप सफलता तब तक नहीं प्राप्त कर सकते जब तक आप में असफल होने का साहस न हो…!
दुनिया पर जीत हासिल करने से पहले अपने मन पर जीत हासिल करना जरुरी है
जितने तुम चतुर होते जाते हो उतना ही तुम्हारा ह्रदय मरता जाता है
जिस प्रकार घिसने, तापने, काटने और पीटने से सोने का परीक्षण होता है. उसी प्रकार त्याग, शील, गुण, एवं कर्मों से पुरुष कि परीक्षा होती है.
कर्म भूमि की दुनिया में श्रम सभी को करना है, भगवान सिर्फ लकीरें देता है, रंग हमें ही भरना है
लोगों को भरपूर सम्मान दीजिये... इसलिए नहीं कि, उनका अधिकार है... बल्कि इसलिए कि, आप में संस्कार है ...!!