यु जमीन पर बैठ कर क्यूँ आसमान देखता है | पंखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है |

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हारे हुए इंसान की सलाह, जीते हुए इंसान का अनुभव और ख़ुद का दिमाग़ आपको कभी हारने नहीं देगा

सज्जन की राय का उल्लंघन न करें।

तुम CRY करने से नही बल्कि TRY करने से कामयाब बनोगे

खुद की समझदारी भी

संकट में मनुष्य को वास्तु दोष, पितर दोष शनि दोष सब याद आ जाते है, लेकिन अपने दोष दिखाई नही देते है

दान से ही हाथों कि सुन्दरता है न कि कंगन पहनने से. शरीर स्नान से शुद्ध होता है न कि चन्दन लगाने से. तृप्ति मान से होती है न कि भोजन से. मोक्ष ज्ञान से मिलता है न कि श्रृंगार से|

हारे हुए इंसान की सलाह, जीते हुए इंसान का अनुभव और ख़ुद का दिमाग़ आपको कभी हारने नहीं देगा

सज्जन की राय का उल्लंघन न करें।

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संकट में मनुष्य को वास्तु दोष, पितर दोष शनि दोष सब याद आ जाते है, लेकिन अपने दोष दिखाई नही देते है

दान से ही हाथों कि सुन्दरता है न कि कंगन पहनने से. शरीर स्नान से शुद्ध होता है न कि चन्दन लगाने से. तृप्ति मान से होती है न कि भोजन से. मोक्ष ज्ञान से मिलता है न कि श्रृंगार से|