जीवन मे पछतावा करना छोडो कुछ ऐसा करो कि लोग तुम्हें छोड़ देने पर पछताए।
सभी औषधियों में अमृत प्रधान है. सभी सुखों में भोजन प्रधान है. सभी इन्द्रियों में आँख मुख्य है. सभी अंगों में सिर महत्वपूर्ण है.
"आनंद" ही एक ऐसी वस्तु है जो आपके पास न होने पर भी आप दूसरों को बिना किसी असुविधा के दे सकते है
महक गुलाब की आएगी तुम्हारे हाँथों से, किसी के रास्ते से
प्रेम में बोला गया मात्र एक झूठ कभी ना टूटने वाले संबंध की जड़े भी हिला देता है
दुनिया में कोई भी चीज़ कितनी भी कीमती क्यों न हो। परन्तु.... नींद,शांति,और आनन्द से बढ़कर कुछ भी नही।
जीवन मे पछतावा करना छोडो कुछ ऐसा करो कि लोग तुम्हें छोड़ देने पर पछताए।
सभी औषधियों में अमृत प्रधान है. सभी सुखों में भोजन प्रधान है. सभी इन्द्रियों में आँख मुख्य है. सभी अंगों में सिर महत्वपूर्ण है.
"आनंद" ही एक ऐसी वस्तु है जो आपके पास न होने पर भी आप दूसरों को बिना किसी असुविधा के दे सकते है
महक गुलाब की आएगी तुम्हारे हाँथों से, किसी के रास्ते से
प्रेम में बोला गया मात्र एक झूठ कभी ना टूटने वाले संबंध की जड़े भी हिला देता है
दुनिया में कोई भी चीज़ कितनी भी कीमती क्यों न हो। परन्तु.... नींद,शांति,और आनन्द से बढ़कर कुछ भी नही।