यु जमीन पर बैठ कर क्यूँ आसमान देखता है | पंखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है |

यु जमीन पर बैठ कर क्यूँ आसमान देखता है | पंखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है |

Share:

More Like This

आपको सफल बस वही उमीदे बनाती है जो आप खुद से रखते है

खूबी और खामी दोनो ही होती है लोगों में आप क्या तलाशते हो ये महत्वपूर्ण है।

समय कई ज़ख्म देता है इसलिए घड़ी में फूल नही काटे होते है

कोशिशों के बावजूद हो जाती है कभी हार... होके निराश मत बैठना मन को अपने मार... बढ़ते रहना आगे सदा हो जैसा भी मौसम... पा लेती है मंजिल चींटी भी गिर गिर के हर बार!!

तब तक कमाओ जब तक महँगी चीज़ सस्ती ना लगने लगे चाहे वो सम्मान हो या सामान..

किसी ने एक छोटी भूल की और हम ने वो

आपको सफल बस वही उमीदे बनाती है जो आप खुद से रखते है

खूबी और खामी दोनो ही होती है लोगों में आप क्या तलाशते हो ये महत्वपूर्ण है।

समय कई ज़ख्म देता है इसलिए घड़ी में फूल नही काटे होते है

कोशिशों के बावजूद हो जाती है कभी हार... होके निराश मत बैठना मन को अपने मार... बढ़ते रहना आगे सदा हो जैसा भी मौसम... पा लेती है मंजिल चींटी भी गिर गिर के हर बार!!

तब तक कमाओ जब तक महँगी चीज़ सस्ती ना लगने लगे चाहे वो सम्मान हो या सामान..

किसी ने एक छोटी भूल की और हम ने वो