यु जमीन पर बैठ कर क्यूँ आसमान देखता है | पंखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है |

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दुनिया का उसूल हैं दोस्त जिस चीज़ के बारे में सोचना छोड़ दोगे झक्क मार के तुम्हारे पीछे आएगी

शब्द यात्रा करते हैं... इसलिए पीठ पीछे भी, किसी की निंदा न करें

किसी का हाथ तभी पकड़ना जब आप हर मुसीबत में उसका साथ दे सको

जिन्हें बुलाना पड़े, समझ लो कि वो दूर है

इज़्ज़त, मोहब्बत, तारीफ़ और दुआ...माँगी नहीं जाती, कमाई जाती है...।।

झूठ बोल कर कुछ पाने से अच्छा है सच बोलकर उसे खो दो

दुनिया का उसूल हैं दोस्त जिस चीज़ के बारे में सोचना छोड़ दोगे झक्क मार के तुम्हारे पीछे आएगी

शब्द यात्रा करते हैं... इसलिए पीठ पीछे भी, किसी की निंदा न करें

किसी का हाथ तभी पकड़ना जब आप हर मुसीबत में उसका साथ दे सको

जिन्हें बुलाना पड़े, समझ लो कि वो दूर है

इज़्ज़त, मोहब्बत, तारीफ़ और दुआ...माँगी नहीं जाती, कमाई जाती है...।।

झूठ बोल कर कुछ पाने से अच्छा है सच बोलकर उसे खो दो