यु जमीन पर बैठ कर क्यूँ आसमान देखता है | पंखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है |

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बेशक गलती भूल जाओ, मगर

दूसरों का सहारा लेने पर व्यक्ति का स्वयं का अस्तित्व गौण हो जाता है, जिस प्रकार सूर्योदय होने पर चंद्रमा का प्रकाश अपनी चमक खो बैठता है. अतः महान वही है जो अपने बल पर खड़ा है.

सिद्ध- औषधि का मर्म, गुप्त वार्ता, घर का भेद, अपमान कि बात, इन सभी को गुप्त रखना ही हितकर होता हैं.

भीख मांगना मना है सिख नही

बेहतरीन इंसान अपनी मीठी बातों से ही जाना जाता है... वरना अच्छी बातें तो दीवारो पे भी लिखी होती है

मुश्किल वक़्त में किसी का सहारा बनो सलाहकार नही

बेशक गलती भूल जाओ, मगर

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भीख मांगना मना है सिख नही

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