दुष्ट की मित्रता से शत्रु की मित्रता अच्छी होती है।
प्रॉब्लम उतनी पॉवरफुल नही जितना हम उन्हें मान लेते है, कभी सुना है क्या अंधेरे ने सुबह नही होने दी
अगर किसी परिस्थिति के लिए आपके पास सही शब्द नहीं है तो सिर्फ मुस्कुरा दीजिये, शब्द उलझा सकते है पर मुस्कराहट हमेशा काम कर जाती है
समय का ध्यान नहीं रखने वाला व्यक्ति अपने जीवन में निर्विघ्न नहीं रहता।
जो सच बोलता है, सबसे अधिक नफ़रत लोग उसी से करते हैं।
तब तक कमाओ जब तक महँगी चीज़ सस्ती ना लगने लगे चाहे वो सम्मान हो या सामान..
दुष्ट की मित्रता से शत्रु की मित्रता अच्छी होती है।
प्रॉब्लम उतनी पॉवरफुल नही जितना हम उन्हें मान लेते है, कभी सुना है क्या अंधेरे ने सुबह नही होने दी
अगर किसी परिस्थिति के लिए आपके पास सही शब्द नहीं है तो सिर्फ मुस्कुरा दीजिये, शब्द उलझा सकते है पर मुस्कराहट हमेशा काम कर जाती है
समय का ध्यान नहीं रखने वाला व्यक्ति अपने जीवन में निर्विघ्न नहीं रहता।
जो सच बोलता है, सबसे अधिक नफ़रत लोग उसी से करते हैं।
तब तक कमाओ जब तक महँगी चीज़ सस्ती ना लगने लगे चाहे वो सम्मान हो या सामान..