यु जमीन पर बैठ कर क्यूँ आसमान देखता है | पंखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है |

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दुनिया वो किताब हैं जो कभी नहीं पड़ी जा सकती लेकिन ज़माना वो उस्ताद हैं जो सब कुछ सिखा देता हैं

बुढ़ापे में आपको रोटी आपकी औलाद नहीं आपके दिए संस्कार खिलाएंगे

न तो इतने कड़वे बनो की कोई थूक दे और न ही इतने मीठे बनों की कोई निगल जाए.

एक दिन में जितना मोबाइल चलाते हो..उतना ही दिमाग चलाओगे तो ज़िन्दगी में बहुत आगे जाओगे

'इरादे' इतने कमजोर नही होने चाहिए की लोगो की बातों में आकर टूट जाए

जो नहीं लड़ते वही तो हार जाते हैं हौसले वाले तो बाज़ी मार जाते हैं...

दुनिया वो किताब हैं जो कभी नहीं पड़ी जा सकती लेकिन ज़माना वो उस्ताद हैं जो सब कुछ सिखा देता हैं

बुढ़ापे में आपको रोटी आपकी औलाद नहीं आपके दिए संस्कार खिलाएंगे

न तो इतने कड़वे बनो की कोई थूक दे और न ही इतने मीठे बनों की कोई निगल जाए.

एक दिन में जितना मोबाइल चलाते हो..उतना ही दिमाग चलाओगे तो ज़िन्दगी में बहुत आगे जाओगे

'इरादे' इतने कमजोर नही होने चाहिए की लोगो की बातों में आकर टूट जाए

जो नहीं लड़ते वही तो हार जाते हैं हौसले वाले तो बाज़ी मार जाते हैं...