निराश मत होना जब आप असफल हो जाओ यह तो आपकी सफलता का पहला अध्याय है
रिश्तो में झुकना कोई अजीब बात नही, सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए.
आपकी दिन की पहली विफलता तब शूरू होती हैं जब आप पाँच मिनट के लिए औऱ सोने का फैसला लेते हैं
त्याग के बिना कुछ भी पाना संभव नही क्योंकि सांस लेने के लिए भी पहले सांस छोड़नी पड़ती है.।
टूटी कलम और दूसरो से जलन कभी खुद का भाग्य लिखने नही देती
घमंड ना करो अपने रूप और रुपए का मोर को उसके पंखों का भोज ऊँचा उड़ने नही देता
निराश मत होना जब आप असफल हो जाओ यह तो आपकी सफलता का पहला अध्याय है
रिश्तो में झुकना कोई अजीब बात नही, सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए.
आपकी दिन की पहली विफलता तब शूरू होती हैं जब आप पाँच मिनट के लिए औऱ सोने का फैसला लेते हैं
त्याग के बिना कुछ भी पाना संभव नही क्योंकि सांस लेने के लिए भी पहले सांस छोड़नी पड़ती है.।
टूटी कलम और दूसरो से जलन कभी खुद का भाग्य लिखने नही देती
घमंड ना करो अपने रूप और रुपए का मोर को उसके पंखों का भोज ऊँचा उड़ने नही देता