यु जमीन पर बैठ कर क्यूँ आसमान देखता है | पंखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है |

यु जमीन पर बैठ कर क्यूँ आसमान देखता है | पंखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है |

Share:

More Like This

दुसरो पर P.H.D करने से बेहतर है हम खुद "GRADUATE" हो जाये

बुढ़ापे में आपको रोटी आपकी औलाद नहीं आपके दिए संस्कार खिलाएंगे

हौसला और घोंसला मत छोड़िए बाकी सब ठीक रहेगा खुद को इतना कमजोर मत बनाना कि, दूसरों के एहसान की जरूरत पड़ने लगे

अगर आप जिद्दी हो तो आप अपने हर सपने को हकीकत में बदल सकते हो

सब्र एक ऐसी सवारी है, जो अपने सवार को कभी गिरने नहीं देती, ना किसी के कदमों में, ना किसी के नजरों में

खुशियों की तलाश वहाँ मत करो जहाँ गम को छोड़ा था

दुसरो पर P.H.D करने से बेहतर है हम खुद "GRADUATE" हो जाये

बुढ़ापे में आपको रोटी आपकी औलाद नहीं आपके दिए संस्कार खिलाएंगे

हौसला और घोंसला मत छोड़िए बाकी सब ठीक रहेगा खुद को इतना कमजोर मत बनाना कि, दूसरों के एहसान की जरूरत पड़ने लगे

अगर आप जिद्दी हो तो आप अपने हर सपने को हकीकत में बदल सकते हो

सब्र एक ऐसी सवारी है, जो अपने सवार को कभी गिरने नहीं देती, ना किसी के कदमों में, ना किसी के नजरों में

खुशियों की तलाश वहाँ मत करो जहाँ गम को छोड़ा था