अभिमान मत करो कि मुझे किसी की ज़रूरत नही आत्मनिर्भर बनो की में कर सकता हु हर चीज़ पर वहम भी नही की मेरे बिना कुछ हो नही सकता
जिंदगी को सफल बनाने के लिए बातों से नहीं रातों से लड़ना पड़ता है
लोगो की बातों पे गौर करना, वो बातों से अच्छा चाहते है इरादों से नही
ये जिंदगी तभी तक झंड लगती है जब तक जिंदगी में पैसा ना हो
हमेशा खुश रहा करो ये सोच कर की दुनिया में हमसे ज्यादा परेशान ओर लोग भी है
माँ बाप के साथ आपका सुलूक। वो कहानी है..... जिसे आप लिखते हैं.. .... और आपकी संतान आपको पढ़कर सुनाती है...।
अभिमान मत करो कि मुझे किसी की ज़रूरत नही आत्मनिर्भर बनो की में कर सकता हु हर चीज़ पर वहम भी नही की मेरे बिना कुछ हो नही सकता
जिंदगी को सफल बनाने के लिए बातों से नहीं रातों से लड़ना पड़ता है
लोगो की बातों पे गौर करना, वो बातों से अच्छा चाहते है इरादों से नही
ये जिंदगी तभी तक झंड लगती है जब तक जिंदगी में पैसा ना हो
हमेशा खुश रहा करो ये सोच कर की दुनिया में हमसे ज्यादा परेशान ओर लोग भी है
माँ बाप के साथ आपका सुलूक। वो कहानी है..... जिसे आप लिखते हैं.. .... और आपकी संतान आपको पढ़कर सुनाती है...।