अपनी छवि का ध्यान रखे, क्योंकि इसकी आयु आपकी आयु से कही ज्यादा होती है
वृक्ष कभी इस बात पर व्यथित नहीं होता कि उसने कितने पुष्प खो दिए वह सदैव नए फूलों के सृजन में व्यस्त रहता है जीवन में कितना कुछ खो गया, इस पीड़ा को भूल कर, क्या नया कर सकते हैं, इसी में जीवन की सार्थकता है
इस दुनिया में "सफल" होने का, सबसे अच्छा तरीका है.. उस "सलाह" पर काम करना, जो आप "दूसरों" को देते हैं.
दिन में दीपक जलना, समुद्र में वर्षा, भरे पेट के लिए भोजन और धनवान को दान देना व्यर्थ है.
किस ने गिनी हैं साँसे कितनी यह आएंगी ना जाने कौन सी सांसें मेरी मुझे मेरे कृष्णा से मिलाएगी
खुद मालिक बनने की कोशिश जरूर करना क्योंकि आपका बॉस आपको अच्छी से अच्छी सैलरी देकर भी नौकर बना के रखेगा
अपनी छवि का ध्यान रखे, क्योंकि इसकी आयु आपकी आयु से कही ज्यादा होती है
वृक्ष कभी इस बात पर व्यथित नहीं होता कि उसने कितने पुष्प खो दिए वह सदैव नए फूलों के सृजन में व्यस्त रहता है जीवन में कितना कुछ खो गया, इस पीड़ा को भूल कर, क्या नया कर सकते हैं, इसी में जीवन की सार्थकता है
इस दुनिया में "सफल" होने का, सबसे अच्छा तरीका है.. उस "सलाह" पर काम करना, जो आप "दूसरों" को देते हैं.
दिन में दीपक जलना, समुद्र में वर्षा, भरे पेट के लिए भोजन और धनवान को दान देना व्यर्थ है.
किस ने गिनी हैं साँसे कितनी यह आएंगी ना जाने कौन सी सांसें मेरी मुझे मेरे कृष्णा से मिलाएगी
खुद मालिक बनने की कोशिश जरूर करना क्योंकि आपका बॉस आपको अच्छी से अच्छी सैलरी देकर भी नौकर बना के रखेगा