यु जमीन पर बैठ कर क्यूँ आसमान देखता है | पंखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है |

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खुश रहना है तो जिंदगी के फैसले अपनी परिस्थिति देखकर ले दुनिया को देखकर जो फैसले लेते है वो दुःखी ही रहते हैं

एक समझदार व्यक्ति वह है जो दूसरों को देख कर उनकी विशेषताओं को सिखता है, उनसे तुलना या ईर्ष्या नहीं करता

दोस्ती करनी हो तो गणित के जीरो जैसी करो साहब जिसके साथ मिल जाओ उसकी कीमत बढ़ जाये

इंसान को इंसान के नजरिये से तोलिये दो शब्द ही सही मगर प्यार से बोलिये

वक्त, ख्वाहिशें और सपने हाथ में बंधी घड़ी की तरह होते हैं जिसे हम उतार कर रख भी दें तो भी चलती रहती है

इत्र से कपड़ो का महकना कोई बड़ी बात नही, मजा तो तब है जब आपके किरदार में खुशबू महके।

खुश रहना है तो जिंदगी के फैसले अपनी परिस्थिति देखकर ले दुनिया को देखकर जो फैसले लेते है वो दुःखी ही रहते हैं

एक समझदार व्यक्ति वह है जो दूसरों को देख कर उनकी विशेषताओं को सिखता है, उनसे तुलना या ईर्ष्या नहीं करता

दोस्ती करनी हो तो गणित के जीरो जैसी करो साहब जिसके साथ मिल जाओ उसकी कीमत बढ़ जाये

इंसान को इंसान के नजरिये से तोलिये दो शब्द ही सही मगर प्यार से बोलिये

वक्त, ख्वाहिशें और सपने हाथ में बंधी घड़ी की तरह होते हैं जिसे हम उतार कर रख भी दें तो भी चलती रहती है

इत्र से कपड़ो का महकना कोई बड़ी बात नही, मजा तो तब है जब आपके किरदार में खुशबू महके।