ये सोच है हम इसांनो की कि एक अकेला क्या कर सकता है पर देख जरा उस सूरज को वो अकेला ही तो चमकता है।
जो आने वाला है वह हमेशा गुजरे कल से बेहतर होगा, यह सोच आपको कभी निराश नही होने देगी
मीठे शब्दों से कही गई बात अनेक तरह से कल्याण करती है, लेकिन कटु शब्दों में कही गई बात अनर्थ का कारण बन जाती है।
फासले जब महसूस होने लगे तो बना भी लेने चाहिए
किसी अच्छे इंसान से कोई गलती हो तो सहन कर लो क्योंकि मोती अगर कचरे में भी गिर जाए तो भी कीमती रहता है
कहीं मिलेगी प्रशंसा तो, कहीं नाराजगीयो का बहाव मिलेगा कहीं मिलेगी दुआ तो, कहीं भावनाओ में दुर्भाव मिलेगा तू चलाचल राही अपने कर्मपथ पे जैसा तेरा भाव वैसा प्रभाव मिलेगा
ये सोच है हम इसांनो की कि एक अकेला क्या कर सकता है पर देख जरा उस सूरज को वो अकेला ही तो चमकता है।
जो आने वाला है वह हमेशा गुजरे कल से बेहतर होगा, यह सोच आपको कभी निराश नही होने देगी
मीठे शब्दों से कही गई बात अनेक तरह से कल्याण करती है, लेकिन कटु शब्दों में कही गई बात अनर्थ का कारण बन जाती है।
फासले जब महसूस होने लगे तो बना भी लेने चाहिए
किसी अच्छे इंसान से कोई गलती हो तो सहन कर लो क्योंकि मोती अगर कचरे में भी गिर जाए तो भी कीमती रहता है
कहीं मिलेगी प्रशंसा तो, कहीं नाराजगीयो का बहाव मिलेगा कहीं मिलेगी दुआ तो, कहीं भावनाओ में दुर्भाव मिलेगा तू चलाचल राही अपने कर्मपथ पे जैसा तेरा भाव वैसा प्रभाव मिलेगा