मीठे शब्दों से कही गई बात अनेक तरह से कल्याण करती है, लेकिन कटु शब्दों में कही गई बात अनर्थ का कारण बन जाती है।
पहले निश्चय करिएँ, फिर कार्य आरम्भ करें।
मित्रों से समागम, अधिक धन की प्राप्ति, पुत्र का आलिंगन, मैथुन में प्रवृत्ति, समय पर प्रिय वचन बोलना, अपने वर्ग के लोगों में उन्नति, अभीष्ट वस्तु की प्राप्ति और समाज में सम्मान – ये आठ हर्ष के सार दिखाई देते हैं और ये ही लौकिक सुख के साधन भी होते हैं।
बाहर की चुनौतियों से नहीं हम अपने अंदर आत्मविश्वास की कमी के कारण असफल होते है
जो मन मे आए उसे खुलकर पूरे मन से करो क्योंकि एक बार जो वक़्त गुजर गया तो वो वक़्त दुबारा नही आने वाला है
बदलाव के लिए समय का इंतज़ार मत करो... बदलाव समय के हाथ मे नही तुम्हारे हाथ मे है.
मीठे शब्दों से कही गई बात अनेक तरह से कल्याण करती है, लेकिन कटु शब्दों में कही गई बात अनर्थ का कारण बन जाती है।
पहले निश्चय करिएँ, फिर कार्य आरम्भ करें।
मित्रों से समागम, अधिक धन की प्राप्ति, पुत्र का आलिंगन, मैथुन में प्रवृत्ति, समय पर प्रिय वचन बोलना, अपने वर्ग के लोगों में उन्नति, अभीष्ट वस्तु की प्राप्ति और समाज में सम्मान – ये आठ हर्ष के सार दिखाई देते हैं और ये ही लौकिक सुख के साधन भी होते हैं।
बाहर की चुनौतियों से नहीं हम अपने अंदर आत्मविश्वास की कमी के कारण असफल होते है
जो मन मे आए उसे खुलकर पूरे मन से करो क्योंकि एक बार जो वक़्त गुजर गया तो वो वक़्त दुबारा नही आने वाला है
बदलाव के लिए समय का इंतज़ार मत करो... बदलाव समय के हाथ मे नही तुम्हारे हाथ मे है.