शर्म की अमीरी से इज्जत की गरीबी अच्छी है।
कोई भी हमें सुख या दुख नही दे सकता , बल्कि हमारे सोचने का तरीका ही हमारे सुख व दुख का कारण होता है।✨
तकदीर बदल जाती है जब ज़िन्दगी का कोई मकसद हो, वरना उम्र कट जाती है तकदीर को इल्जाम देते देते
पृथ्वी पर कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं है जिसको समस्या न हो और पृथ्वी पर कोई समस्या ऐसी नहीं है जिसका कोई समाधान न हो... मंजिल चाहे कितनी भी ऊँची क्यों न हो, रास्ते हमेशा पैरों के नीचे ही होते हैं
जिदंगी मे अच्छे लोगो की तलाश मत करो खुद अच्छे बन जाओ आपसे मिलकर शायद किसी की तालाश पूरी हो
बाहर की चुनौतियों से नहीं हम अपने अंदर आत्मविश्वास की कमी के कारण असफल होते है
शर्म की अमीरी से इज्जत की गरीबी अच्छी है।
कोई भी हमें सुख या दुख नही दे सकता , बल्कि हमारे सोचने का तरीका ही हमारे सुख व दुख का कारण होता है।✨
तकदीर बदल जाती है जब ज़िन्दगी का कोई मकसद हो, वरना उम्र कट जाती है तकदीर को इल्जाम देते देते
पृथ्वी पर कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं है जिसको समस्या न हो और पृथ्वी पर कोई समस्या ऐसी नहीं है जिसका कोई समाधान न हो... मंजिल चाहे कितनी भी ऊँची क्यों न हो, रास्ते हमेशा पैरों के नीचे ही होते हैं
जिदंगी मे अच्छे लोगो की तलाश मत करो खुद अच्छे बन जाओ आपसे मिलकर शायद किसी की तालाश पूरी हो
बाहर की चुनौतियों से नहीं हम अपने अंदर आत्मविश्वास की कमी के कारण असफल होते है