तकदीर ऐसे ही नहीं बदलती, पहले अपनी सोच को बदलना पड़ता है .
प्रॉब्लम सब के लिए एक जैसी हैं सिर्फ Attitude ही उसे अलग बनाता हैं
शिक्षा किसी घटिया प्राणी से भी मिले तो... लेने में संकोच नही करना चाहिए..!!
सबको ओढनी है मिट्टी की चादर एक दिन, ऐसा कोई दिया नहीं जिस पर हवा की नजर नहीं
लोग जब पूछते है कि आप क्या काम करते है तो असल में वो हिसाब लगाते है कि आपको कितनी इज़्ज़त देनी है
सबसे बड़ा गुरु ठोकर हैं खाते जाओगे सीखते जाओगे.
तकदीर ऐसे ही नहीं बदलती, पहले अपनी सोच को बदलना पड़ता है .
प्रॉब्लम सब के लिए एक जैसी हैं सिर्फ Attitude ही उसे अलग बनाता हैं
शिक्षा किसी घटिया प्राणी से भी मिले तो... लेने में संकोच नही करना चाहिए..!!
सबको ओढनी है मिट्टी की चादर एक दिन, ऐसा कोई दिया नहीं जिस पर हवा की नजर नहीं
लोग जब पूछते है कि आप क्या काम करते है तो असल में वो हिसाब लगाते है कि आपको कितनी इज़्ज़त देनी है
सबसे बड़ा गुरु ठोकर हैं खाते जाओगे सीखते जाओगे.