जो जिस कार्ये में कुशल हो उसे उसी कार्ये में लगना चाहिए।
अपनी बातों को सदैव ध्यानपूर्वक कहे क्योंकि हम तो कहकर भूल जाते है, लेकिन लोग उसे याद रखते है।
जब तक आप प्रसिद्ध नहीं हो जाते, उस समय तक आपको ये सोचने की जरूरत नहीं कि लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं
कोई किसी को सिखा नही सकता जब खुद में इच्छा जागती है तभी कोई सिख पाता है
जीतने वाले अलग चीजें नहीं करते, वो चीजों को अलग तरह से करते हैं
व्यक्ति के आचरण से उसके कुल का परिचय मिलता है. बोली से देश का पता लगता है. आदर-सत्कार से प्रेम का और शरीर से व्यक्ति के भोजन का पता लगता है.
जो जिस कार्ये में कुशल हो उसे उसी कार्ये में लगना चाहिए।
अपनी बातों को सदैव ध्यानपूर्वक कहे क्योंकि हम तो कहकर भूल जाते है, लेकिन लोग उसे याद रखते है।
जब तक आप प्रसिद्ध नहीं हो जाते, उस समय तक आपको ये सोचने की जरूरत नहीं कि लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं
कोई किसी को सिखा नही सकता जब खुद में इच्छा जागती है तभी कोई सिख पाता है
जीतने वाले अलग चीजें नहीं करते, वो चीजों को अलग तरह से करते हैं
व्यक्ति के आचरण से उसके कुल का परिचय मिलता है. बोली से देश का पता लगता है. आदर-सत्कार से प्रेम का और शरीर से व्यक्ति के भोजन का पता लगता है.