यु जमीन पर बैठ कर क्यूँ आसमान देखता है | पंखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है |

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कोई काम शुरू करने से पहले, स्वयम से तीन प्रश्न कीजिये – मैं ये क्यों कर रहा हूँ, इसके परिणाम क्या हो सकते हैं और क्या मैं सफल होऊंगा. और जब गहरई से सोचने पर इन प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर मिल जायें,तभी आगे बढें

चाणक्य

दुनिया की हर चीज ठोकर लगने से टूट जाती है, एक कामयाबी ही है जो ठोकर लगने से मिलती है

हर कल जिंदगी जीने का दूसरा मौका है

इंसान वो लड़ाई कभी नहीं जीत सकता जिसमें दुश्मन उसके अपने हो

वक़्त बदलते देर नही लगती इसलिए कभी भी हद से ज्यादा फूलों मत और अपनों को कभी भूलो मत

मदद एक ऐसी घटना है करे तो लोग भूल जाते है और... न करें तो लोग याद रखते है

कोई काम शुरू करने से पहले, स्वयम से तीन प्रश्न कीजिये – मैं ये क्यों कर रहा हूँ, इसके परिणाम क्या हो सकते हैं और क्या मैं सफल होऊंगा. और जब गहरई से सोचने पर इन प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर मिल जायें,तभी आगे बढें

चाणक्य

दुनिया की हर चीज ठोकर लगने से टूट जाती है, एक कामयाबी ही है जो ठोकर लगने से मिलती है

हर कल जिंदगी जीने का दूसरा मौका है

इंसान वो लड़ाई कभी नहीं जीत सकता जिसमें दुश्मन उसके अपने हो

वक़्त बदलते देर नही लगती इसलिए कभी भी हद से ज्यादा फूलों मत और अपनों को कभी भूलो मत

मदद एक ऐसी घटना है करे तो लोग भूल जाते है और... न करें तो लोग याद रखते है