यु जमीन पर बैठ कर क्यूँ आसमान देखता है | पंखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है |

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जिंदगी उसके साथ बिताओ जिसके साथ बेखौफ होकर एक छोटे बच्चे की तरह हंस सको

मित्रों से समागम, अधिक धन की प्राप्ति, पुत्र का आलिंगन, मैथुन में प्रवृत्ति, समय पर प्रिय वचन बोलना, अपने वर्ग के लोगों में उन्नति, अभीष्ट वस्तु की प्राप्ति और समाज में सम्मान – ये आठ हर्ष के सार दिखाई देते हैं और ये ही लौकिक सुख के साधन भी होते हैं।

तेरे गिरने में तेरी हार नहीं तू इंसान है,अवतार नहीं गिर,उठ,चल,दौड़ फिर भाग क्योंकि जीवन संक्षिप्त है इसका कोई सार नही

लोग आपकी कदर तभी करेंगे जब आप उनको उन्ही की तरह अनदेखा करना सीख जाओगे

रिश्तों की खूबसूरती एक दूसरे की बात समझने में है ख़ुद जैसा इंसान तलाश करोगे तो अकेले रह जाओगे।

नसीहत वो सच्चाई है, जिसे हम कभी ध्यान से नही सुनते। और तारीफ वो धोखा है, जिसे हम हमेशा ध्यान से सुनते हैं।

जिंदगी उसके साथ बिताओ जिसके साथ बेखौफ होकर एक छोटे बच्चे की तरह हंस सको

मित्रों से समागम, अधिक धन की प्राप्ति, पुत्र का आलिंगन, मैथुन में प्रवृत्ति, समय पर प्रिय वचन बोलना, अपने वर्ग के लोगों में उन्नति, अभीष्ट वस्तु की प्राप्ति और समाज में सम्मान – ये आठ हर्ष के सार दिखाई देते हैं और ये ही लौकिक सुख के साधन भी होते हैं।

तेरे गिरने में तेरी हार नहीं तू इंसान है,अवतार नहीं गिर,उठ,चल,दौड़ फिर भाग क्योंकि जीवन संक्षिप्त है इसका कोई सार नही

लोग आपकी कदर तभी करेंगे जब आप उनको उन्ही की तरह अनदेखा करना सीख जाओगे

रिश्तों की खूबसूरती एक दूसरे की बात समझने में है ख़ुद जैसा इंसान तलाश करोगे तो अकेले रह जाओगे।

नसीहत वो सच्चाई है, जिसे हम कभी ध्यान से नही सुनते। और तारीफ वो धोखा है, जिसे हम हमेशा ध्यान से सुनते हैं।