यु जमीन पर बैठ कर क्यूँ आसमान देखता है | पंखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है |

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हर बहाना किनारे कर दीजिए और केवल इस बात को याद रखिए हां मैं कर सकता हूं

जिंदगी में कुछ फैसले बहुत सख्त होते है और यही फैसले जिंदगी का रुख बदल देते है.

लक्ष्य कोई “ बड़ा ” नही हारा वही जो “ लड़ा ” नही

ऊँचा उठने के लिए पंखों की जरुरत केवल पक्षियों को ही पड़ती है.. मनुष्य तो जितना विनम्रता से झुकता है उतना ही ऊपर उठता है।।

जब ठोकर खा कर भी ... ना गिरो ... तो समझ लेना... की दुआओं ने थाम रखा है ...!!

फोकस खुद पे करो जब तक लोग तुम पर फोकस ना करे

हर बहाना किनारे कर दीजिए और केवल इस बात को याद रखिए हां मैं कर सकता हूं

जिंदगी में कुछ फैसले बहुत सख्त होते है और यही फैसले जिंदगी का रुख बदल देते है.

लक्ष्य कोई “ बड़ा ” नही हारा वही जो “ लड़ा ” नही

ऊँचा उठने के लिए पंखों की जरुरत केवल पक्षियों को ही पड़ती है.. मनुष्य तो जितना विनम्रता से झुकता है उतना ही ऊपर उठता है।।

जब ठोकर खा कर भी ... ना गिरो ... तो समझ लेना... की दुआओं ने थाम रखा है ...!!

फोकस खुद पे करो जब तक लोग तुम पर फोकस ना करे