यु जमीन पर बैठ कर क्यूँ आसमान देखता है | पंखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है |

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एक रंग रिश्तों पर ऐसा लगाए भीगे हर शब्द पर अर्थ बहने न पाए ।

जिसकी मति और गति सत्य कि हो उसका रथ आज भी श्री कृष्ण चलाते है

स्वाभिमानी व्यक्ति प्रतिकूल विचारों कोसम्मुख रखकर दुबारा उन पर विचार करे।

हमेशा हौसला बनाओ ऊंची उड़ान का फ़िज़ूल में मत देखो कद आसमान का

हमारा 'व्यवहार' कई बार हमारे 'ज्ञान' से अधिक 'अच्छा' साबित होता है। क्योंकि जीवन में जब 'विषम' परिस्थितियां आती हैं तब ज्ञान 'हार' सकता है परन्तु 'व्यवहार' से हमेशा 'जीत' होने की 'संभावना' रहती है

यदि तुम्हारा पड़ोसी भूखा है तो मंदिर में प्रसाद चढ़ाना पाप है

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हमेशा हौसला बनाओ ऊंची उड़ान का फ़िज़ूल में मत देखो कद आसमान का

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