यु जमीन पर बैठ कर क्यूँ आसमान देखता है | पंखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है |

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लोगो के मुँह बंद करने से अच्छा है अपने कान बंदकरलो

खुशनसीब वो नहीं. जिसका नसीब अच्छा है. खुशनसीब वो है जो अपने नसीब से खुश है

यदि हम असफलता से शिक्षा प्राप्त करते हैं तो वह सफलता ही है

प्रतिभा ईश्वर से मिलती है, नतमस्तक रहें..! ख्याति समाज से मिलती है, आभारी रहें..! लेकिन मनोवृत्ति और घमंड स्वयं से मिलते है

भोजन महत्वपूर्ण नहीं है, महत्वपूर्ण है कार्य व उसके प्रति निष्ठा. पेट तो जानवर भी भर लेते हैं. अतः मानव बनो.

मुश्किल परिस्थितियों में मनुष्य को सहारे की आवश्यकता होती है सलाह की नही

लोगो के मुँह बंद करने से अच्छा है अपने कान बंदकरलो

खुशनसीब वो नहीं. जिसका नसीब अच्छा है. खुशनसीब वो है जो अपने नसीब से खुश है

यदि हम असफलता से शिक्षा प्राप्त करते हैं तो वह सफलता ही है

प्रतिभा ईश्वर से मिलती है, नतमस्तक रहें..! ख्याति समाज से मिलती है, आभारी रहें..! लेकिन मनोवृत्ति और घमंड स्वयं से मिलते है

भोजन महत्वपूर्ण नहीं है, महत्वपूर्ण है कार्य व उसके प्रति निष्ठा. पेट तो जानवर भी भर लेते हैं. अतः मानव बनो.

मुश्किल परिस्थितियों में मनुष्य को सहारे की आवश्यकता होती है सलाह की नही