कठिन परिस्थितियों में संघर्ष करने पर एक बहुमूल्य संपत्ति विकसित होती है, जिसका नाम है
संसार में सुई बनकर रहे, कैंची बनकर नही क्योंकि सुई 2 को 1 कर देती है और कैंची 1 को 2 कर देती है अर्थात सबको जोड़ो, तोड़ो नही
सबसे बड़ा गुरु ठोकर हैं खाते जाओगे सीखते जाओगे.
जब ठोकर खा कर भी ... ना गिरो ... तो समझ लेना... की दुआओं ने थाम रखा है ...!!
अगर तुम एक खुशहाल जीवन जीना चाहते हो, तो अपने आप को अपने उद्देश्य से बांध लो ना कि लोगो से।
किसी के पैरो मे गिरकर कामयाबी पाने से बेहतर है अपने पैरो पर चलकर कुछ बनने की ठान लो |
कठिन परिस्थितियों में संघर्ष करने पर एक बहुमूल्य संपत्ति विकसित होती है, जिसका नाम है
संसार में सुई बनकर रहे, कैंची बनकर नही क्योंकि सुई 2 को 1 कर देती है और कैंची 1 को 2 कर देती है अर्थात सबको जोड़ो, तोड़ो नही
सबसे बड़ा गुरु ठोकर हैं खाते जाओगे सीखते जाओगे.
जब ठोकर खा कर भी ... ना गिरो ... तो समझ लेना... की दुआओं ने थाम रखा है ...!!
अगर तुम एक खुशहाल जीवन जीना चाहते हो, तो अपने आप को अपने उद्देश्य से बांध लो ना कि लोगो से।
किसी के पैरो मे गिरकर कामयाबी पाने से बेहतर है अपने पैरो पर चलकर कुछ बनने की ठान लो |