यु जमीन पर बैठ कर क्यूँ आसमान देखता है | पंखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है |

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आपके आने वाले "कल" का "नसीब" आपके बीते हुए "कल" के "कर्मो" पर निर्भर करता है

पीछे मुड़कर देखने मे कोई समझदारी नही है जबकि आपके पास आगे देखने के लिए बहुत कुछ है

अत्यधिक उम्मीद को विराम दो, मन की शांति फिर से वापिस लौट आएगी

जैसे दीये को जलने के लिए तेल के साथ बाती की आवश्यकता होती है ठीक वैसे ही मनुष्य को सफलता के लिए आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है

आपका बीता हुआ कल "कोई गलती नही होगी" अगर आप उससे कुछ सीखते है तो

हमेशा हौसला बनाओ ऊंची उड़ान का फ़िज़ूल में मत देखो कद आसमान का

आपके आने वाले "कल" का "नसीब" आपके बीते हुए "कल" के "कर्मो" पर निर्भर करता है

पीछे मुड़कर देखने मे कोई समझदारी नही है जबकि आपके पास आगे देखने के लिए बहुत कुछ है

अत्यधिक उम्मीद को विराम दो, मन की शांति फिर से वापिस लौट आएगी

जैसे दीये को जलने के लिए तेल के साथ बाती की आवश्यकता होती है ठीक वैसे ही मनुष्य को सफलता के लिए आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है

आपका बीता हुआ कल "कोई गलती नही होगी" अगर आप उससे कुछ सीखते है तो

हमेशा हौसला बनाओ ऊंची उड़ान का फ़िज़ूल में मत देखो कद आसमान का