अगर ईश्वर ने आपको नई शुरुआत करने का मौका दिया है, फिर पुरानी गलतियों को मत दोहराए
एक "अच्छी" शुरुआत के लिए... कोई भी दिन "बुरा" नही होता
जिन्दगी में एक बात हमेंशा याद रखना, मख्खन लगाने वाल के हाथ में हमेशा चाकू होता है,
गाय चाहे जो खा ले दूध ही देगी. इसी प्रकार विद्वान कैसा भी आचरण करे, वह निश्चित ही अनुकरणीय होगा, परन्तु यह तथ्य केवल समझदार ही समझ सकते है.
गलतियां सुधार लेना ही आख़िरी विकल्प है क्योंकि चिंता कभी परिणाम को बदल नही सकती
ज़िन्दगी में आप जितना कम बोलते है आपकी उतनी ज्यादा सुनी जाएगा
अगर ईश्वर ने आपको नई शुरुआत करने का मौका दिया है, फिर पुरानी गलतियों को मत दोहराए
एक "अच्छी" शुरुआत के लिए... कोई भी दिन "बुरा" नही होता
जिन्दगी में एक बात हमेंशा याद रखना, मख्खन लगाने वाल के हाथ में हमेशा चाकू होता है,
गाय चाहे जो खा ले दूध ही देगी. इसी प्रकार विद्वान कैसा भी आचरण करे, वह निश्चित ही अनुकरणीय होगा, परन्तु यह तथ्य केवल समझदार ही समझ सकते है.
गलतियां सुधार लेना ही आख़िरी विकल्प है क्योंकि चिंता कभी परिणाम को बदल नही सकती
ज़िन्दगी में आप जितना कम बोलते है आपकी उतनी ज्यादा सुनी जाएगा