यु जमीन पर बैठ कर क्यूँ आसमान देखता है | पंखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है |

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ज़िन्दगी से यही सीखा है मेहनत करो रुकना नहीं हालत कैसे भी हो किसी के सामने झुकना नहीं

प्रॉब्लम सब के लिए एक जैसी हैं सिर्फ Attitude ही उसे अलग बनाता हैं

ईश्वर की महिमा की थाह कोई नहीं पा सकता. वह पल भर में राजा को रंक और रंक को राजा बना सकता है. धनी को निर्धन और निर्धन को धनी करना उसके लिए सहज है.

दुनिया की कोई परेशानी आपके साहस से बड़ी नही है

शासक को स्वयं योग्य बनकर योग्य प्रशासकों की सहायता से शासन करना चाहिए।

हम जो सोचते हैं, वो बन जाते हैं

ज़िन्दगी से यही सीखा है मेहनत करो रुकना नहीं हालत कैसे भी हो किसी के सामने झुकना नहीं

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ईश्वर की महिमा की थाह कोई नहीं पा सकता. वह पल भर में राजा को रंक और रंक को राजा बना सकता है. धनी को निर्धन और निर्धन को धनी करना उसके लिए सहज है.

दुनिया की कोई परेशानी आपके साहस से बड़ी नही है

शासक को स्वयं योग्य बनकर योग्य प्रशासकों की सहायता से शासन करना चाहिए।

हम जो सोचते हैं, वो बन जाते हैं