यु जमीन पर बैठ कर क्यूँ आसमान देखता है | पंखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है |

यु जमीन पर बैठ कर क्यूँ आसमान देखता है | पंखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है |

Share:

More Like This

जिदंगी मे अच्छे लोगो की तलाश मत करो खुद अच्छे बन जाओ आपसे मिलकर शायद किसी की तालाश पूरी हो।

डिग्रियाँ तो तालीम के ख़र्चे की रसीदें हैं...इल्म वही है जो किरदार में झलकता है.

"आनंद" ही एक ऐसी वस्तु है जो आपके पास न होने पर भी आप दूसरों को बिना किसी असुविधा के दे सकते है

यदि आप में आत्मविश्वास नहीं है तो आप हमेशा न जीतने का बहाना खोज लेंगे

अगर तुम्हे कुछ करने की इच्छा हो तो दुनिया मे कोई काम असंभव नही है

जब तक जीवन है तब तक सीखते रहो, क्योंकि अनुभव ही सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है

जिदंगी मे अच्छे लोगो की तलाश मत करो खुद अच्छे बन जाओ आपसे मिलकर शायद किसी की तालाश पूरी हो।

डिग्रियाँ तो तालीम के ख़र्चे की रसीदें हैं...इल्म वही है जो किरदार में झलकता है.

"आनंद" ही एक ऐसी वस्तु है जो आपके पास न होने पर भी आप दूसरों को बिना किसी असुविधा के दे सकते है

यदि आप में आत्मविश्वास नहीं है तो आप हमेशा न जीतने का बहाना खोज लेंगे

अगर तुम्हे कुछ करने की इच्छा हो तो दुनिया मे कोई काम असंभव नही है

जब तक जीवन है तब तक सीखते रहो, क्योंकि अनुभव ही सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है