स्वाभिमानी व्यक्ति प्रतिकूल विचारों कोसम्मुख रखकर दुबारा उन पर विचार करे।
उलझने मैंने कई झुक के भी सुलझायी है लोग सारे तो कद के बराबर नही होते
बक्श देता है खुदा उनको, जिनकी किस्मत खराब होती है…..वो हरगिज़ नहीं बक्शे जाएंगे जिनकी नियत खराब होती है |
सिर्फ अपनी नही बल्कि दुसरो की गलतियों से भी सीखो, क्योंकि लक्ष्य बड़ा है और समय कम
रिश्ता रखो तो सच्चा नही तो अलविदा ही अच्छा
मूर्ख को उपदेश शत्रु के समान लगता है. लोभियों अथवा कंजूसो को याचक (भिखारी) शत्रु सा लगता है. व्यभिचारिणी स्त्री को उसका पति शत्रु लगता है, तो चोरों को चंद्रमा शत्रु लगता है.
स्वाभिमानी व्यक्ति प्रतिकूल विचारों कोसम्मुख रखकर दुबारा उन पर विचार करे।
उलझने मैंने कई झुक के भी सुलझायी है लोग सारे तो कद के बराबर नही होते
बक्श देता है खुदा उनको, जिनकी किस्मत खराब होती है…..वो हरगिज़ नहीं बक्शे जाएंगे जिनकी नियत खराब होती है |
सिर्फ अपनी नही बल्कि दुसरो की गलतियों से भी सीखो, क्योंकि लक्ष्य बड़ा है और समय कम
रिश्ता रखो तो सच्चा नही तो अलविदा ही अच्छा
मूर्ख को उपदेश शत्रु के समान लगता है. लोभियों अथवा कंजूसो को याचक (भिखारी) शत्रु सा लगता है. व्यभिचारिणी स्त्री को उसका पति शत्रु लगता है, तो चोरों को चंद्रमा शत्रु लगता है.