यु जमीन पर बैठ कर क्यूँ आसमान देखता है | पंखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है |

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हर एक की सुनो ओर हर एक से सीखो क्योंकि हर कोई , सब कुछ नही जानता लेकिन हर एक कुछ ना कुछ

जरूरत से ज्यादा सोचकर हम ऐसी समस्या खड़ी कर लेते है जो असल मे है भी नही

दूसरों का सहारा लेने पर व्यक्ति का स्वयं का अस्तित्व गौण हो जाता है, जिस प्रकार सूर्योदय होने पर चंद्रमा का प्रकाश अपनी चमक खो बैठता है. अतः महान वही है जो अपने बल पर खड़ा है.

अगर एक हारा हुआ इंसान हारने के बाद भी मुस्करा दे। तो जीतने वाला भी.... जीत की खुशी खो देता है। ये हैं मुस्कान की ताकत...

छोटे छोटे खर्चो से सावधान रहिये क्योंकि एक छोटा सा छेद बड़े से जहाज को डूबा सकता है।

कुछ भी काम कर लो, मगर उस काम में तुमसे बेहतर "कोई नही होना चाहिए"

हर एक की सुनो ओर हर एक से सीखो क्योंकि हर कोई , सब कुछ नही जानता लेकिन हर एक कुछ ना कुछ

जरूरत से ज्यादा सोचकर हम ऐसी समस्या खड़ी कर लेते है जो असल मे है भी नही

दूसरों का सहारा लेने पर व्यक्ति का स्वयं का अस्तित्व गौण हो जाता है, जिस प्रकार सूर्योदय होने पर चंद्रमा का प्रकाश अपनी चमक खो बैठता है. अतः महान वही है जो अपने बल पर खड़ा है.

अगर एक हारा हुआ इंसान हारने के बाद भी मुस्करा दे। तो जीतने वाला भी.... जीत की खुशी खो देता है। ये हैं मुस्कान की ताकत...

छोटे छोटे खर्चो से सावधान रहिये क्योंकि एक छोटा सा छेद बड़े से जहाज को डूबा सकता है।

कुछ भी काम कर लो, मगर उस काम में तुमसे बेहतर "कोई नही होना चाहिए"