जीवन तब सबसे ज्यादा सुहाना लगने लगता है जब हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लेते है
अधेरा वहां नहीं है जहां तन गरीब है अंधेरा वहां है जहां मन गरीब है
दुबारा गर्म की हुई चाय और समझौता किया हुआ रिश्ता दोनों में पहले जैसी मिठास कभी नही आती
जिंदगी उसके साथ बिताओ जिसके साथ बेखौफ होकर एक छोटे बच्चे की तरह हंस सको
जिंदगी उसके साथ बिताओ जिसके साथ बेखौफ होकर एक छोटे बच्चे की तरह हंस सको
सिर्फ खड़े होकर पानी देखने से आप नदी नहीं पार कर सकते
जीवन तब सबसे ज्यादा सुहाना लगने लगता है जब हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लेते है
अधेरा वहां नहीं है जहां तन गरीब है अंधेरा वहां है जहां मन गरीब है
दुबारा गर्म की हुई चाय और समझौता किया हुआ रिश्ता दोनों में पहले जैसी मिठास कभी नही आती
जिंदगी उसके साथ बिताओ जिसके साथ बेखौफ होकर एक छोटे बच्चे की तरह हंस सको
जिंदगी उसके साथ बिताओ जिसके साथ बेखौफ होकर एक छोटे बच्चे की तरह हंस सको
सिर्फ खड़े होकर पानी देखने से आप नदी नहीं पार कर सकते