यु जमीन पर बैठ कर क्यूँ आसमान देखता है | पंखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है |

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मैं सब जानता हूँ यही सोच इंसान को कुएँ का मेंढक बना देती है।

भगवान से निराश कभी मत होना, संसार से आशा कभी मत करना

आप सफलता तब तक नहीं प्राप्त कर सकते जब तक आप में असफल होने का साहस न हो…!

भोजन महत्वपूर्ण नहीं है, महत्वपूर्ण है कार्य व उसके प्रति निष्ठा. पेट तो जानवर भी भर लेते हैं. अतः मानव बनो.

तब तक मेहनत करते रहो जब तक आपको अपना परिचय खुद किसी को देने की जरूरत ना पड़े

कभी पीछे मुड़कर मत देखो क्योंकि जो छूट गया वो आपका था ही नही

मैं सब जानता हूँ यही सोच इंसान को कुएँ का मेंढक बना देती है।

भगवान से निराश कभी मत होना, संसार से आशा कभी मत करना

आप सफलता तब तक नहीं प्राप्त कर सकते जब तक आप में असफल होने का साहस न हो…!

भोजन महत्वपूर्ण नहीं है, महत्वपूर्ण है कार्य व उसके प्रति निष्ठा. पेट तो जानवर भी भर लेते हैं. अतः मानव बनो.

तब तक मेहनत करते रहो जब तक आपको अपना परिचय खुद किसी को देने की जरूरत ना पड़े

कभी पीछे मुड़कर मत देखो क्योंकि जो छूट गया वो आपका था ही नही