यु जमीन पर बैठ कर क्यूँ आसमान देखता है | पंखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है |

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उलझने मैंने कई झुक के भी सुलझायी है लोग सारे तो कद के बराबर नही होते

“शिक्षक” और “सड़क” दोनों एक जैसे होते हैं खुद जहाँ है वहीं पर रहते हैं मगर दुसरो को उनकी मंजिल तक पहुंचा हीं देते हैं !

जो नहीं लड़ते वही तो हार जाते हैं हौसले वाले तो बाज़ी मार जाते हैं...

बगुले से एकाग्रचित्त होने की शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए. जिस प्रकार बगुला अपनी समस्त क्रियाओं को त्यागकर एकाग्रचित्त हो, अपने शिकार का ध्यान करता है और मुनिजनो को बगुले के तरह श्रेष्ठ आसन अपनाना चाहिए.

ख्वाहिश भले ही छोटी सी हो, लेकिन उसे पूरा करने की जिद होनी चाहिये

विद्या ही सर्वोच्च धन है. विद्या के कारण ही खाली हाथ होने पर भी विदेश में भी धन कमाया जा सकता है तथा मान सम्मान बढ़ाया जा सकता है. विद्या के अभाव में उच्च कुल में जन्मा व्यक्ति भी सम्मान नहीं पाता है.

उलझने मैंने कई झुक के भी सुलझायी है लोग सारे तो कद के बराबर नही होते

“शिक्षक” और “सड़क” दोनों एक जैसे होते हैं खुद जहाँ है वहीं पर रहते हैं मगर दुसरो को उनकी मंजिल तक पहुंचा हीं देते हैं !

जो नहीं लड़ते वही तो हार जाते हैं हौसले वाले तो बाज़ी मार जाते हैं...

बगुले से एकाग्रचित्त होने की शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए. जिस प्रकार बगुला अपनी समस्त क्रियाओं को त्यागकर एकाग्रचित्त हो, अपने शिकार का ध्यान करता है और मुनिजनो को बगुले के तरह श्रेष्ठ आसन अपनाना चाहिए.

ख्वाहिश भले ही छोटी सी हो, लेकिन उसे पूरा करने की जिद होनी चाहिये

विद्या ही सर्वोच्च धन है. विद्या के कारण ही खाली हाथ होने पर भी विदेश में भी धन कमाया जा सकता है तथा मान सम्मान बढ़ाया जा सकता है. विद्या के अभाव में उच्च कुल में जन्मा व्यक्ति भी सम्मान नहीं पाता है.