भरोशा करो लेकिन किसी के भरोशे मत रहो ।
जिस रिश्ते में हमारी अहमियत खत्म हो चुकी हो, उसे चुप चाप छोड़ देना ही बेहतर है
ये जिंदगी तभी तक झंड लगती है जब तक जिंदगी में पैसा ना हो
आत्मविश्वास के साथ आप गगन चूम सकते हैं और आत्मविश्वास के बिना मामूली सी उपलब्धियाँ भी आपकी पकड़ से परे हैं..!!
“भागते रहो अपने लक्ष्य के पीछे, क्यूंकि आज नहीं तो और कभी, करेंगे लोग गौर कभी, लगे रहो बस रुकना मत, आयेगा तुम्हारा दौर कभी।”
महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है
भरोशा करो लेकिन किसी के भरोशे मत रहो ।
जिस रिश्ते में हमारी अहमियत खत्म हो चुकी हो, उसे चुप चाप छोड़ देना ही बेहतर है
ये जिंदगी तभी तक झंड लगती है जब तक जिंदगी में पैसा ना हो
आत्मविश्वास के साथ आप गगन चूम सकते हैं और आत्मविश्वास के बिना मामूली सी उपलब्धियाँ भी आपकी पकड़ से परे हैं..!!
“भागते रहो अपने लक्ष्य के पीछे, क्यूंकि आज नहीं तो और कभी, करेंगे लोग गौर कभी, लगे रहो बस रुकना मत, आयेगा तुम्हारा दौर कभी।”
महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है