आप,अपनी चिंताओं का आकार देखकर,अपने ईश्वर के आकार को जान सकते हो, जितनी लम्बी आपकी लिस्ट होगी, उतना छोटा आपका ईश्वर होगा
मुश्किलें दिलों के इरादों को आजमाएंगी, आँखों के पर्दों को निगाहों से हटाएँगी, गिरकर भी हम को संभलना होगा, ये ठोकरें ही हमको चलना सिखाएंगी।
हम जो सोचते हैं, वो बन जाते हैं
जैसे दीये को जलने के लिए तेल के साथ बाती की आवश्यकता होती है ठीक वैसे ही मनुष्य को सफलता के लिए आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है
"उन व्यक्तियों के जीवन में आनंद और शांति कई गुणा बढ़ जाती है.! जिन्होंने प्रशंसा और निंदा में एक जैसा रहना सीख लिया है.
लोग जब पूछते है कि आप क्या काम करते है तो असल में वो हिसाब लगाते है कि आपको कितनी इज़्ज़त देनी है
आप,अपनी चिंताओं का आकार देखकर,अपने ईश्वर के आकार को जान सकते हो, जितनी लम्बी आपकी लिस्ट होगी, उतना छोटा आपका ईश्वर होगा
मुश्किलें दिलों के इरादों को आजमाएंगी, आँखों के पर्दों को निगाहों से हटाएँगी, गिरकर भी हम को संभलना होगा, ये ठोकरें ही हमको चलना सिखाएंगी।
हम जो सोचते हैं, वो बन जाते हैं
जैसे दीये को जलने के लिए तेल के साथ बाती की आवश्यकता होती है ठीक वैसे ही मनुष्य को सफलता के लिए आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है
"उन व्यक्तियों के जीवन में आनंद और शांति कई गुणा बढ़ जाती है.! जिन्होंने प्रशंसा और निंदा में एक जैसा रहना सीख लिया है.
लोग जब पूछते है कि आप क्या काम करते है तो असल में वो हिसाब लगाते है कि आपको कितनी इज़्ज़त देनी है