शब्द यात्रा करते हैं इसलिए पीठ पीछे भी, किसी की निंदा न करें
इंसान का व्यक्तित्व तभी उभर के आता है जब वो अपनो से ठोकर खाता है...
हर काम मुश्किल होता है, आसान होने से पहले
दिल लगाने से अच्छा है, पेड़ लगाऐ, वोह घाव नही कम से कम छाव तोह देगे
किस्मत करवाती है कटपुतली का खेल जनाब वरना, ज़िन्दगी के रंगमंच पर कोई भी कलाकार कमज़ोर नहीं होता!!
अगर रास्ता खूबसूरत है तो पता कीजिये किस मंजिल की तरफ जाता है लेकिन अगर मंजिल खूबसूरत हो तो, कभी रास्ते की परवाह मत कीजिये !! मेहनत का फल और समस्या का हल देर से ही सही मिलता जरूर है!!
शब्द यात्रा करते हैं इसलिए पीठ पीछे भी, किसी की निंदा न करें
इंसान का व्यक्तित्व तभी उभर के आता है जब वो अपनो से ठोकर खाता है...
हर काम मुश्किल होता है, आसान होने से पहले
दिल लगाने से अच्छा है, पेड़ लगाऐ, वोह घाव नही कम से कम छाव तोह देगे
किस्मत करवाती है कटपुतली का खेल जनाब वरना, ज़िन्दगी के रंगमंच पर कोई भी कलाकार कमज़ोर नहीं होता!!
अगर रास्ता खूबसूरत है तो पता कीजिये किस मंजिल की तरफ जाता है लेकिन अगर मंजिल खूबसूरत हो तो, कभी रास्ते की परवाह मत कीजिये !! मेहनत का फल और समस्या का हल देर से ही सही मिलता जरूर है!!