यु जमीन पर बैठ कर क्यूँ आसमान देखता है | पंखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है |

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उलझने मैंने कई झुक के भी सुलझायी है लोग सारे तो कद के बराबर नही होते

जीवन में किसी को रुलाकर हवन भी करवाओगे तो कोई फायदा नहीं , और अगर रोज किसी एक को भी हँसा दिया तो , आपको अगरबत्ती भी जलाने की जरुरत नहीं !!

हम जो कुछ भी हैं वो हमने आज तक क्या सोचा इस बात का परिणाम है. यदि कोई व्यक्ति बुरी सोच के साथ बोलता या काम करता है , तो उसे कष्ट ही मिलता है. यदि कोई व्यक्ति शुद्ध विचारों के साथ बोलता या काम करता है, तो उसकी परछाई की तरह ख़ुशी उसका साथ कभी नहीं छोडती

भगवान गौतम बुद्ध

पहले निश्चय करिएँ, फिर कार्य आरम्भ करें।

प्रत्येक अवसर के लिए तैयार रहना ही सफलता है

उम्र...बिना रुके सफर कर रही है, और हम... ख़्वाहिशें लेकर वहीं खड़े हैं

उलझने मैंने कई झुक के भी सुलझायी है लोग सारे तो कद के बराबर नही होते

जीवन में किसी को रुलाकर हवन भी करवाओगे तो कोई फायदा नहीं , और अगर रोज किसी एक को भी हँसा दिया तो , आपको अगरबत्ती भी जलाने की जरुरत नहीं !!

हम जो कुछ भी हैं वो हमने आज तक क्या सोचा इस बात का परिणाम है. यदि कोई व्यक्ति बुरी सोच के साथ बोलता या काम करता है , तो उसे कष्ट ही मिलता है. यदि कोई व्यक्ति शुद्ध विचारों के साथ बोलता या काम करता है, तो उसकी परछाई की तरह ख़ुशी उसका साथ कभी नहीं छोडती

भगवान गौतम बुद्ध

पहले निश्चय करिएँ, फिर कार्य आरम्भ करें।

प्रत्येक अवसर के लिए तैयार रहना ही सफलता है

उम्र...बिना रुके सफर कर रही है, और हम... ख़्वाहिशें लेकर वहीं खड़े हैं