अगर तुम सच में कुछ करना चाहते हो तो रास्ता निकाल लोगे ,वरना न करने का बहाना निकाल लोगे
देश में "राजा" समाज में "गुरु" परिवार में "पिता" घर में "स्त्री" ये कभी "साधारण" नहीं होते क्योंकि ~ निर्माण और प्रलय ~ इन्हीं के "हाथ" में होता है
कमियां ढूंढने में कोई दिक्कत नहीं है, बस शुरुआत खुद से करें!
दरिया बनकर किसी को ड़ुबाने से बेहतर है, जरिया बनकर किसी को बचाया जाये
आप चाहकर भी लोगो की अपने प्रति लोगो की धारणा नही बदल सकते इसलिए
सफर का मजा लेना हो तो साथ में सामान कम रखिए, और ज़िन्दगी का मजा लेना हैं तो दिल में अरमान कम रखिए।
अगर तुम सच में कुछ करना चाहते हो तो रास्ता निकाल लोगे ,वरना न करने का बहाना निकाल लोगे
देश में "राजा" समाज में "गुरु" परिवार में "पिता" घर में "स्त्री" ये कभी "साधारण" नहीं होते क्योंकि ~ निर्माण और प्रलय ~ इन्हीं के "हाथ" में होता है
कमियां ढूंढने में कोई दिक्कत नहीं है, बस शुरुआत खुद से करें!
दरिया बनकर किसी को ड़ुबाने से बेहतर है, जरिया बनकर किसी को बचाया जाये
आप चाहकर भी लोगो की अपने प्रति लोगो की धारणा नही बदल सकते इसलिए
सफर का मजा लेना हो तो साथ में सामान कम रखिए, और ज़िन्दगी का मजा लेना हैं तो दिल में अरमान कम रखिए।