यु जमीन पर बैठ कर क्यूँ आसमान देखता है | पंखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है |

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“शिक्षक” और “सड़क” दोनों एक जैसे होते हैं खुद जहाँ है वहीं पर रहते हैं मगर दुसरो को उनकी मंजिल तक पहुंचा हीं देते हैं !

ईश्वर पर विश्वास बच्चे की तरह करो जिसको आप हवा में उछालो तो वो हंसता है डरता नहीं, क्योंकि वो जानता है कि आप उसे गिरने नहीं दोगे, ऐसा ही विश्वास ईश्वर पर करोगें तो वो तुम्हें कभी गिरने नहीं देगा।

पैर में मोच और गिरी हुई सोच, कभी इंसान को आगे बढ़ने नहीं देती

किसी ने एक छोटी भूल की और हम ने वो

रख हौसला वो मन्ज़र भी आएगा, प्यासे के पास चल के समंदर भी आयेगा,

सबको खुश नही रखा जा सकता है, इसलिए भगवान बनने की कोशिश न कर

“शिक्षक” और “सड़क” दोनों एक जैसे होते हैं खुद जहाँ है वहीं पर रहते हैं मगर दुसरो को उनकी मंजिल तक पहुंचा हीं देते हैं !

ईश्वर पर विश्वास बच्चे की तरह करो जिसको आप हवा में उछालो तो वो हंसता है डरता नहीं, क्योंकि वो जानता है कि आप उसे गिरने नहीं दोगे, ऐसा ही विश्वास ईश्वर पर करोगें तो वो तुम्हें कभी गिरने नहीं देगा।

पैर में मोच और गिरी हुई सोच, कभी इंसान को आगे बढ़ने नहीं देती

किसी ने एक छोटी भूल की और हम ने वो

रख हौसला वो मन्ज़र भी आएगा, प्यासे के पास चल के समंदर भी आयेगा,

सबको खुश नही रखा जा सकता है, इसलिए भगवान बनने की कोशिश न कर