यु जमीन पर बैठ कर क्यूँ आसमान देखता है | पंखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है |

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खुद को खोजिए नही तो जीवन भर आपको दूसरों की राय पर निर्भर रहना पड़ेगा..!!

अहंकार की बस एक खराबी है ये कभी आपको महसूस ही नही होने देता कि आप गलत है

झूठी कसम से इंसान तो नही मरता मगर भरोसा जरूर मर जाता है

इंसान नहीं, उसकी सफलता बोलती है जब असफलता होती है तब इंसान लाख बोले उसकी कोई नहीं सुनता

हमेशा खुश रहा करो ये सोच कर की दुनिया मे हमशे भी ज्यादा परेशान ओर भी लोग है

दुर्जन को साहस से, बलवान को अनुकूल व्यवहार से और समान शक्तिशाली को नम्रता से अथवा अपनी ताकत से वश में करना चाहिए.

खुद को खोजिए नही तो जीवन भर आपको दूसरों की राय पर निर्भर रहना पड़ेगा..!!

अहंकार की बस एक खराबी है ये कभी आपको महसूस ही नही होने देता कि आप गलत है

झूठी कसम से इंसान तो नही मरता मगर भरोसा जरूर मर जाता है

इंसान नहीं, उसकी सफलता बोलती है जब असफलता होती है तब इंसान लाख बोले उसकी कोई नहीं सुनता

हमेशा खुश रहा करो ये सोच कर की दुनिया मे हमशे भी ज्यादा परेशान ओर भी लोग है

दुर्जन को साहस से, बलवान को अनुकूल व्यवहार से और समान शक्तिशाली को नम्रता से अथवा अपनी ताकत से वश में करना चाहिए.