विश्वाश में वो ताकत है जिससे हम जो चाहे संपत्ति खरीद सकते है
हमारी समस्या का समाधान केवल हमारे पास है दुसरों के पास तो केवल सुझाव है।
सभी औषधियों में अमृत प्रधान है. सभी सुखों में भोजन प्रधान है. सभी इन्द्रियों में आँख मुख्य है. सभी अंगों में सिर महत्वपूर्ण है.
वक़्त का खाश होना जरूरी नही खाश के लिए वक़्त होना जरूरी है
घमंड ना करो अपने रूप और रुपए का मोर को उसके पंखों का भोज ऊँचा उड़ने नही देता
मंजिल मेरे कदमों से अभी दूर बहुत है... मगर तसल्ली ये है कि कदम मेरे साथ हैं
विश्वाश में वो ताकत है जिससे हम जो चाहे संपत्ति खरीद सकते है
हमारी समस्या का समाधान केवल हमारे पास है दुसरों के पास तो केवल सुझाव है।
सभी औषधियों में अमृत प्रधान है. सभी सुखों में भोजन प्रधान है. सभी इन्द्रियों में आँख मुख्य है. सभी अंगों में सिर महत्वपूर्ण है.
वक़्त का खाश होना जरूरी नही खाश के लिए वक़्त होना जरूरी है
घमंड ना करो अपने रूप और रुपए का मोर को उसके पंखों का भोज ऊँचा उड़ने नही देता
मंजिल मेरे कदमों से अभी दूर बहुत है... मगर तसल्ली ये है कि कदम मेरे साथ हैं