हर कल जिंदगी जीने का दूसरा मौका है
आपकी दिन की पहली विफलता तब शूरू होती हैं जब आप पाँच मिनट के लिए औऱ सोने का फैसला लेते हैं
आप सिर्फ इसलिए दुःखी हो क्योंकि आपने किसी झूठ को सच मान रखा है.
पतझड़ में सिर्फ पत्ते गिरते हैं, नज़रों से गिरने का कोई मौसम नहीं होता
मुश्किलें दिलों के इरादों को आजमाएंगी, आँखों के पर्दों को निगाहों से हटाएँगी, गिरकर भी हम को संभलना होगा, ये ठोकरें ही हमको चलना सिखाएंगी।
" समय " और " शब्द ' दोनों का उपयोग " लापरवाही " से ना करें क्योंकि ये " दोनों " ना दुबारा आते हैं ना " मौका " देते है !
हर कल जिंदगी जीने का दूसरा मौका है
आपकी दिन की पहली विफलता तब शूरू होती हैं जब आप पाँच मिनट के लिए औऱ सोने का फैसला लेते हैं
आप सिर्फ इसलिए दुःखी हो क्योंकि आपने किसी झूठ को सच मान रखा है.
पतझड़ में सिर्फ पत्ते गिरते हैं, नज़रों से गिरने का कोई मौसम नहीं होता
मुश्किलें दिलों के इरादों को आजमाएंगी, आँखों के पर्दों को निगाहों से हटाएँगी, गिरकर भी हम को संभलना होगा, ये ठोकरें ही हमको चलना सिखाएंगी।
" समय " और " शब्द ' दोनों का उपयोग " लापरवाही " से ना करें क्योंकि ये " दोनों " ना दुबारा आते हैं ना " मौका " देते है !