यु जमीन पर बैठ कर क्यूँ आसमान देखता है | पंखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है |

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यदि सफल होना चाहते हो, तो पहले अपने ‘अभिमान’ को नाश कर डालो ।

स्वयं को ऐसा बनाओ कि जहाँ से तुम चले जाओ वहाँ तुम्हें सब याद करें और जहाँ तुम पहुँचने वाले हो वहाँ तुम्हारा सब इंतज़ार करें

"गलती उसी इंसान से होती है जो काम करता है... काम न करने वाले सिर्फ गलती ढूंढते है.!"

माना की सभी गलत है तेरी नज़रो मे वैसे तु भी कोई फरिश्ता तो नहीं हैं

यदि तुम अपनी ज़िंदगी अपने तरीके से नही जिओगे, तो लोग अपने तरीके तुम पर लाद देंगे

छोटे छोटे खर्चो से सावधान रहिये क्योंकि एक छोटा सा छेद बड़े से जहाज को डूबा सकता है।

यदि सफल होना चाहते हो, तो पहले अपने ‘अभिमान’ को नाश कर डालो ।

स्वयं को ऐसा बनाओ कि जहाँ से तुम चले जाओ वहाँ तुम्हें सब याद करें और जहाँ तुम पहुँचने वाले हो वहाँ तुम्हारा सब इंतज़ार करें

"गलती उसी इंसान से होती है जो काम करता है... काम न करने वाले सिर्फ गलती ढूंढते है.!"

माना की सभी गलत है तेरी नज़रो मे वैसे तु भी कोई फरिश्ता तो नहीं हैं

यदि तुम अपनी ज़िंदगी अपने तरीके से नही जिओगे, तो लोग अपने तरीके तुम पर लाद देंगे

छोटे छोटे खर्चो से सावधान रहिये क्योंकि एक छोटा सा छेद बड़े से जहाज को डूबा सकता है।