सुख का ताला केवल और केवल संतुष्टि की चाभी से खुलता है
कुछ रिश्ते मुनाफा नहीं देते, पर अमीर जरूर बना देते हैं.
मित्र, पुस्तक, रास्ता, और विचार गलत हों तो गुमराह कर देते हैं, और यदि सही हों तो जीवन बना देतें है
खुशनसीब वो नहीं. जिसका नसीब अच्छा है. खुशनसीब वो है जो अपने नसीब से खुश है
प्रीत ना करिये पंछी जैसी जल सूखे उड़ जाए प्रीत करिये मछली जैसी जल सुखे मर जाए
जीत की आदत अच्छी है, मगर कुछ रिश्तों में हार जाना बेहतर है
सुख का ताला केवल और केवल संतुष्टि की चाभी से खुलता है
कुछ रिश्ते मुनाफा नहीं देते, पर अमीर जरूर बना देते हैं.
मित्र, पुस्तक, रास्ता, और विचार गलत हों तो गुमराह कर देते हैं, और यदि सही हों तो जीवन बना देतें है
खुशनसीब वो नहीं. जिसका नसीब अच्छा है. खुशनसीब वो है जो अपने नसीब से खुश है
प्रीत ना करिये पंछी जैसी जल सूखे उड़ जाए प्रीत करिये मछली जैसी जल सुखे मर जाए
जीत की आदत अच्छी है, मगर कुछ रिश्तों में हार जाना बेहतर है