यु जमीन पर बैठ कर क्यूँ आसमान देखता है | पंखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है |

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अपनी तुलना दुसरो से ना करे, हर फल का स्वाद अलग अलग होता है

यदि आपके पास जो कुछ है उससे आप संतुष्ट हो और खुश हो तो आप बहुत अमीर हो

माफी मांगने का मतलब यह नहीं है कि हम गलत है या सामने वाला सही है....इसका मतलब है कि हम रिश्तों को अपने अंहकार से ज्यादा महत्व देते हैं

पिता, माता अग्नि, आत्मा और गुरु – मनुष्य को इन पांच अग्नियों की बड़े यत्न से सेवा करनी चाहिए।

खुद की समझदारी भी

इतना भी चुप न रहना कभी कि लोग

अपनी तुलना दुसरो से ना करे, हर फल का स्वाद अलग अलग होता है

यदि आपके पास जो कुछ है उससे आप संतुष्ट हो और खुश हो तो आप बहुत अमीर हो

माफी मांगने का मतलब यह नहीं है कि हम गलत है या सामने वाला सही है....इसका मतलब है कि हम रिश्तों को अपने अंहकार से ज्यादा महत्व देते हैं

पिता, माता अग्नि, आत्मा और गुरु – मनुष्य को इन पांच अग्नियों की बड़े यत्न से सेवा करनी चाहिए।

खुद की समझदारी भी

इतना भी चुप न रहना कभी कि लोग