यु जमीन पर बैठ कर क्यूँ आसमान देखता है | पंखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है |

यु जमीन पर बैठ कर क्यूँ आसमान देखता है | पंखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है |

Share:

More Like This

जहाँ प्रयत्नों की ऊंचाई अधिक होती है, वहाँ नसीबों को भी झुकना पड़ता है

कठिन परिस्थितियों में संघर्ष करने पर एक बहुमूल्य संपत्ति विकसित होती है, जिसका नाम है

दुष्ट की मित्रता से शत्रु की मित्रता अच्छी होती है।

जीवन में किसी को रुलाकर हवन भी करवाओगे तो कोई फायदा नहीं , और अगर रोज किसी एक को भी हँसा दिया तो , आपको अगरबत्ती भी जलाने की जरुरत नहीं !!

भीख मांगना मना है सिख नही

किसी को आपकी कहानी में कोई दिलचस्पी नही होती जब तक कि आप जीत नही जाते

जहाँ प्रयत्नों की ऊंचाई अधिक होती है, वहाँ नसीबों को भी झुकना पड़ता है

कठिन परिस्थितियों में संघर्ष करने पर एक बहुमूल्य संपत्ति विकसित होती है, जिसका नाम है

दुष्ट की मित्रता से शत्रु की मित्रता अच्छी होती है।

जीवन में किसी को रुलाकर हवन भी करवाओगे तो कोई फायदा नहीं , और अगर रोज किसी एक को भी हँसा दिया तो , आपको अगरबत्ती भी जलाने की जरुरत नहीं !!

भीख मांगना मना है सिख नही

किसी को आपकी कहानी में कोई दिलचस्पी नही होती जब तक कि आप जीत नही जाते