यु जमीन पर बैठ कर क्यूँ आसमान देखता है | पंखों को खोल जमाना सिर्फ उड़ान देखता है |

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ईश्वर पर विश्वास बच्चे की तरह करो जिसको आप हवा में उछालो तो वो हंसता है डरता नहीं, क्योंकि वो जानता है कि आप उसे गिरने नहीं दोगे, ऐसा ही विश्वास ईश्वर पर करोगें तो वो तुम्हें कभी गिरने नहीं देगा।

जिंदगी हमेशा एक मौका और देती है आसान शब्दों में जिसे “आज” कहते हैं

तू रख यकीन बस अपने इरादों पर, तेरी हार, तेरे हौसलों से तो बड़ी नहीं होगी ।

जीवन में सुखी रहने के लिए दो शक्तियों का होना जरूरी है पहली सहनशक्ति और दूसरी समझ शक्ति

""कामयाबी"" के सफर में "धूप" का बड़ा महत्व होता हैं! क्योंकि ""छांव"" मिलते ही "कदम" रुकने लगते है।

मित्रों से समागम, अधिक धन की प्राप्ति, पुत्र का आलिंगन, मैथुन में प्रवृत्ति, समय पर प्रिय वचन बोलना, अपने वर्ग के लोगों में उन्नति, अभीष्ट वस्तु की प्राप्ति और समाज में सम्मान – ये आठ हर्ष के सार दिखाई देते हैं और ये ही लौकिक सुख के साधन भी होते हैं।

ईश्वर पर विश्वास बच्चे की तरह करो जिसको आप हवा में उछालो तो वो हंसता है डरता नहीं, क्योंकि वो जानता है कि आप उसे गिरने नहीं दोगे, ऐसा ही विश्वास ईश्वर पर करोगें तो वो तुम्हें कभी गिरने नहीं देगा।

जिंदगी हमेशा एक मौका और देती है आसान शब्दों में जिसे “आज” कहते हैं

तू रख यकीन बस अपने इरादों पर, तेरी हार, तेरे हौसलों से तो बड़ी नहीं होगी ।

जीवन में सुखी रहने के लिए दो शक्तियों का होना जरूरी है पहली सहनशक्ति और दूसरी समझ शक्ति

""कामयाबी"" के सफर में "धूप" का बड़ा महत्व होता हैं! क्योंकि ""छांव"" मिलते ही "कदम" रुकने लगते है।

मित्रों से समागम, अधिक धन की प्राप्ति, पुत्र का आलिंगन, मैथुन में प्रवृत्ति, समय पर प्रिय वचन बोलना, अपने वर्ग के लोगों में उन्नति, अभीष्ट वस्तु की प्राप्ति और समाज में सम्मान – ये आठ हर्ष के सार दिखाई देते हैं और ये ही लौकिक सुख के साधन भी होते हैं।