जिंदगी को कभी खुला छोड़ दो जीने के लिए... क्योंकी बहुत संभल की रखी चीज़ वक़्त पर नहीं मिलती..

जिंदगी को कभी खुला छोड़ दो जीने के लिए... क्योंकी बहुत संभल की रखी चीज़ वक़्त पर नहीं मिलती..

Share:

More Like This

भावनाओं में बहकर किसी के सामने अपनी कमजोरियाँ को बता देना सबसे बड़ी मुर्खता है.

बीमारी खरगोश की तरह आती है और कछुए की तरह जाती है; जबकि पैसा कछुए की तरह आता है और.खरगोश की तरह जाता है।

जब वक़्त बुरा हो तो कोई हाल नहीं पूछता, पर जब अच्छा हो तो लोग वक़्त भी तुम ही से पूछते हैं।

उन्हें अपना बनाने की भूल कभी मत करना जो हमेशा अपनी ही दुनिया में व्यस्त रहते है।

जिदंगी मे उतार चङाव का आना बहुत जरुरी है क्योकि ECG मे सीधी लाईन का मतलब मौत ही होता है।

जीवन का सबक.... जल्द ही किसी को Judge मत करो!!

भावनाओं में बहकर किसी के सामने अपनी कमजोरियाँ को बता देना सबसे बड़ी मुर्खता है.

बीमारी खरगोश की तरह आती है और कछुए की तरह जाती है; जबकि पैसा कछुए की तरह आता है और.खरगोश की तरह जाता है।

जब वक़्त बुरा हो तो कोई हाल नहीं पूछता, पर जब अच्छा हो तो लोग वक़्त भी तुम ही से पूछते हैं।

उन्हें अपना बनाने की भूल कभी मत करना जो हमेशा अपनी ही दुनिया में व्यस्त रहते है।

जिदंगी मे उतार चङाव का आना बहुत जरुरी है क्योकि ECG मे सीधी लाईन का मतलब मौत ही होता है।

जीवन का सबक.... जल्द ही किसी को Judge मत करो!!