आप वापस नहीं जा सकते है और शुरुवात को नही बदल सकते है, लेकिन जहां है वही से शुरू कर सकते है और अंत को बदल सकते है..
इतनी जल्दी दुनिया की कोई चीज नही बदलती... जितनी जल्दी इंसान की नियत और नजरे बदल जाती है..
तुम CRY करने से नही बल्कि TRY करने से कामयाब बनोगे
सब कुछ खोने के बाद भी अगर आपमे हौसला है तो समझ लीजिए आपने कुछ नही खोया है
जो किसी के FAN है उनका कभी कोई FAN नही बनता
बुढ़ापे में आपको रोटी आपकी औलाद नहीं आपके दिए संस्कार खिलाएंगे
आप वापस नहीं जा सकते है और शुरुवात को नही बदल सकते है, लेकिन जहां है वही से शुरू कर सकते है और अंत को बदल सकते है..
इतनी जल्दी दुनिया की कोई चीज नही बदलती... जितनी जल्दी इंसान की नियत और नजरे बदल जाती है..
तुम CRY करने से नही बल्कि TRY करने से कामयाब बनोगे
सब कुछ खोने के बाद भी अगर आपमे हौसला है तो समझ लीजिए आपने कुछ नही खोया है
जो किसी के FAN है उनका कभी कोई FAN नही बनता
बुढ़ापे में आपको रोटी आपकी औलाद नहीं आपके दिए संस्कार खिलाएंगे