जो सच बोलता है, सबसे अधिक नफ़रत लोग उसी से करते हैं।
जिसने साथ दिया उसका साथ दो परंतु जिसने त्याग दिया उसे तुम भी त्याग दो
गुरु का हाथ पकड़ के चलो, लोगों के पैर पकड़ने की नौबत नहीं आएगी
दुर्जन को साहस से, बलवान को अनुकूल व्यवहार से और समान शक्तिशाली को नम्रता से अथवा अपनी ताकत से वश में करना चाहिए.
यदि कोई आपसे जलता है जनाब तो यह भी एक सफलता है
स्वयं को ऐसा बनाओ कि जहाँ से तुम चले जाओ वहाँ तुम्हें सब याद करें और जहाँ तुम पहुँचने वाले हो वहाँ तुम्हारा सब इंतज़ार करें
जो सच बोलता है, सबसे अधिक नफ़रत लोग उसी से करते हैं।
जिसने साथ दिया उसका साथ दो परंतु जिसने त्याग दिया उसे तुम भी त्याग दो
गुरु का हाथ पकड़ के चलो, लोगों के पैर पकड़ने की नौबत नहीं आएगी
दुर्जन को साहस से, बलवान को अनुकूल व्यवहार से और समान शक्तिशाली को नम्रता से अथवा अपनी ताकत से वश में करना चाहिए.
यदि कोई आपसे जलता है जनाब तो यह भी एक सफलता है
स्वयं को ऐसा बनाओ कि जहाँ से तुम चले जाओ वहाँ तुम्हें सब याद करें और जहाँ तुम पहुँचने वाले हो वहाँ तुम्हारा सब इंतज़ार करें