"काम वही करना 'ठीक' है, जिससे करके 'पछताना' ना पड़े..."

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जी लो हर लम्हा बीत जाने से पहले लौट कर सिर्फ यादें आती हैं वक़त नहीं

कामयाबी के सफर में "धूप" का बड़ा महत्व होता हैं.. छांव मिलते ही कदम रुकने लगते है..

निंदा से घबराकर लक्ष्य को मत छोड़े क्योंकि निंदा करने वालों की राय लक्ष्य मिलते ही बदल जाती है

गलतियां सुधार लेना ही आख़िरी विकल्प है क्योंकि चिंता कभी परिणाम को बदल नही सकती

बाहर की चुनौतियों से नहीं हम अपने अंदर आत्मविश्वास की कमी के कारण असफल होते है

पिता, माता अग्नि, आत्मा और गुरु – मनुष्य को इन पांच अग्नियों की बड़े यत्न से सेवा करनी चाहिए।

जी लो हर लम्हा बीत जाने से पहले लौट कर सिर्फ यादें आती हैं वक़त नहीं

कामयाबी के सफर में "धूप" का बड़ा महत्व होता हैं.. छांव मिलते ही कदम रुकने लगते है..

निंदा से घबराकर लक्ष्य को मत छोड़े क्योंकि निंदा करने वालों की राय लक्ष्य मिलते ही बदल जाती है

गलतियां सुधार लेना ही आख़िरी विकल्प है क्योंकि चिंता कभी परिणाम को बदल नही सकती

बाहर की चुनौतियों से नहीं हम अपने अंदर आत्मविश्वास की कमी के कारण असफल होते है

पिता, माता अग्नि, आत्मा और गुरु – मनुष्य को इन पांच अग्नियों की बड़े यत्न से सेवा करनी चाहिए।