वजूद सबका अपना अपना है सूर्य के सामने दीपक का ना सही अंधेरे के आगे बहुत कुछ है
हमेशा उम्मीद से अधिक करो... सफलता आपके कदम चूमेगी...
मौन रहना अच्छा है परन्तु....
इस दुनिया में सब कुछ एकदम से नहीं मिल जाता| परिश्रम करना पड़ता है और वह भी लगन से! सूरज भी एक दम से नहीं उग जाता, वह भी धीरे धीरे उठकर संसार को प्रकाशित करता है। अगर आप में धैर्य है, साहस है तो आप जीवन में नयी ऊंचाइयों को छू सकते हैं।
अहंकार की बस एक खराबी है ये कभी आपको महसूस ही नही होने देता कि आप गलत है
नींद और निंदा पर जो विजय पा लेते है.. उन्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता..
वजूद सबका अपना अपना है सूर्य के सामने दीपक का ना सही अंधेरे के आगे बहुत कुछ है
हमेशा उम्मीद से अधिक करो... सफलता आपके कदम चूमेगी...
मौन रहना अच्छा है परन्तु....
इस दुनिया में सब कुछ एकदम से नहीं मिल जाता| परिश्रम करना पड़ता है और वह भी लगन से! सूरज भी एक दम से नहीं उग जाता, वह भी धीरे धीरे उठकर संसार को प्रकाशित करता है। अगर आप में धैर्य है, साहस है तो आप जीवन में नयी ऊंचाइयों को छू सकते हैं।
अहंकार की बस एक खराबी है ये कभी आपको महसूस ही नही होने देता कि आप गलत है
नींद और निंदा पर जो विजय पा लेते है.. उन्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता..