सबसे बड़ा गुरु ठोकर हैं खाते जाओगे सीखते जाओगे.
मुश्किल परिस्थितियों में मनुष्य को सहारे की आवश्यकता होती है सलाह की नही
कोई किसी को सिखा नही सकता जब खुद में इच्छा जागती है तभी कोई सिख पाता है
जो लोग मिली हुई चीज को छोड़कर उस चीज के पीछे भागते है
नसीहत वो सच्चाई है, जिसे हम कभी ध्यान से नही सुनते। और तारीफ वो धोखा है, जिसे हम हमेशा ध्यान से सुनते हैं।
पहचान बनानी है तो
सबसे बड़ा गुरु ठोकर हैं खाते जाओगे सीखते जाओगे.
मुश्किल परिस्थितियों में मनुष्य को सहारे की आवश्यकता होती है सलाह की नही
कोई किसी को सिखा नही सकता जब खुद में इच्छा जागती है तभी कोई सिख पाता है
जो लोग मिली हुई चीज को छोड़कर उस चीज के पीछे भागते है
नसीहत वो सच्चाई है, जिसे हम कभी ध्यान से नही सुनते। और तारीफ वो धोखा है, जिसे हम हमेशा ध्यान से सुनते हैं।
पहचान बनानी है तो