वक्त, ख्वाहिशें और सपने हाथ में बंधी घड़ी की तरह होते हैं जिसे हम उतार कर रख भी दें तो भी चलती रहती है
जिस दिन आपने दुसरो की गलती को ढूंढना छोड़ दिया समझो उस दिन से आपने शांति का एहसास करना शुरू कर दिया
जिस संबंध में आपके साथ सिर्फ मजाक हो... उस संबंध को ऐसे तोड़ दो जैसे वो पूरा संबंध ही एक मजाक हो
जीवन कठिन तब लगता है जब हम स्वयं में बदलाव करने के बजय परिस्थितयो को बदलने का प्रयास करते है
अपनी "आदतों" के अनुसार चलने में इतनी "गलतियां" नहीं होती जितना "दुनिया" का ख्याल और "लिहाज़" रखकर चलने में होती है।
अच्छी ज़िन्दगी जीने के बस दो ही तरीके हैं ! एक जो पसंद है उसे हासिल करलो या जो हासिल है उसे पसंद करना सीखलो !!
वक्त, ख्वाहिशें और सपने हाथ में बंधी घड़ी की तरह होते हैं जिसे हम उतार कर रख भी दें तो भी चलती रहती है
जिस दिन आपने दुसरो की गलती को ढूंढना छोड़ दिया समझो उस दिन से आपने शांति का एहसास करना शुरू कर दिया
जिस संबंध में आपके साथ सिर्फ मजाक हो... उस संबंध को ऐसे तोड़ दो जैसे वो पूरा संबंध ही एक मजाक हो
जीवन कठिन तब लगता है जब हम स्वयं में बदलाव करने के बजय परिस्थितयो को बदलने का प्रयास करते है
अपनी "आदतों" के अनुसार चलने में इतनी "गलतियां" नहीं होती जितना "दुनिया" का ख्याल और "लिहाज़" रखकर चलने में होती है।
अच्छी ज़िन्दगी जीने के बस दो ही तरीके हैं ! एक जो पसंद है उसे हासिल करलो या जो हासिल है उसे पसंद करना सीखलो !!