क्या कहें कुछ नहीं है कहने को, हाय क्या गम मिला है सहने को.
मत पूछ शीशे से उसके टूटने की वजह, उसने भी मेरी तरह किसी पत्थर को अपना समजा होगा
क्यों लगता है वो आसपास है जिसका दूर तक कोई सुराग नहीं।
तेरी जगह आज भी कोई नहीं ले सकता, पता नहीं तेरी खूबी है या तेरी कमी
बेशक मोहब्बत ना कर पर बात तो कर तेरा यु खामोश रहना बड़ी तकलीफ देता है
तुम पर सिर्फ मेरा हक़ है ऐसा कहने वाला ही अब साथ छोड़ गया
क्या कहें कुछ नहीं है कहने को, हाय क्या गम मिला है सहने को.
मत पूछ शीशे से उसके टूटने की वजह, उसने भी मेरी तरह किसी पत्थर को अपना समजा होगा
क्यों लगता है वो आसपास है जिसका दूर तक कोई सुराग नहीं।
तेरी जगह आज भी कोई नहीं ले सकता, पता नहीं तेरी खूबी है या तेरी कमी
बेशक मोहब्बत ना कर पर बात तो कर तेरा यु खामोश रहना बड़ी तकलीफ देता है
तुम पर सिर्फ मेरा हक़ है ऐसा कहने वाला ही अब साथ छोड़ गया