बड़ी अजीब सी मोहब्बत थी तुम्हारी..पहले पागल किया.. फिर पागल कहा.. और फिर पागल समझ कर छोड़ दिया

बड़ी अजीब सी मोहब्बत थी तुम्हारी..पहले पागल किया.. फिर पागल कहा.. और फिर पागल समझ कर छोड़ दिया

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मुझ से पहले भी उसका कोई था मेरे बाद भी उसका कोई है

कुछ नहीं लिखने को आज.... न बात, न ज़ज्बात

बस एक भूलने का हुनर ही तो नहीं आता...वरना भूलना तो हम भी बहुत कुछ चाहते हैं...!

चलो बिखरने देते है जिंदगी को सँभालने की भी हद होती है

वो मन बना चुके थे दूर जाने का, हमे लगा हमे मनाना नहीं आता

जाने कैसे हो जाते हैं लोग कभी इसके कभी उसके और फिर किसी और के

मुझ से पहले भी उसका कोई था मेरे बाद भी उसका कोई है

कुछ नहीं लिखने को आज.... न बात, न ज़ज्बात

बस एक भूलने का हुनर ही तो नहीं आता...वरना भूलना तो हम भी बहुत कुछ चाहते हैं...!

चलो बिखरने देते है जिंदगी को सँभालने की भी हद होती है

वो मन बना चुके थे दूर जाने का, हमे लगा हमे मनाना नहीं आता

जाने कैसे हो जाते हैं लोग कभी इसके कभी उसके और फिर किसी और के