अच्छी लगती है ये खामोशियाँ भी अब हर किसी को जवाब देने का सिलसिला ख़त्म हो गया।
रोज रोते रोज़ ये कहती है जिंदगी मुझसे, सिर्फ एक शख्स की खातिर यूँ मुझे बर्बाद ना कर।
अब तो वक्त ही उसे बतायेगा, की कितने कीमती थे हम !!
सब कुछ ठीक ही चल रहा है ना जाने क्यों उदास हु मैं
वो मन बना चुके थे दूर जाने का, हमे लगा हमे मनाना नहीं आता
वो शख्स एक छोटी सी बात पे यूँ चल दिया, जैसे उसे सदियों से किसी बहाने की तलाश थी .
अच्छी लगती है ये खामोशियाँ भी अब हर किसी को जवाब देने का सिलसिला ख़त्म हो गया।
रोज रोते रोज़ ये कहती है जिंदगी मुझसे, सिर्फ एक शख्स की खातिर यूँ मुझे बर्बाद ना कर।
अब तो वक्त ही उसे बतायेगा, की कितने कीमती थे हम !!
सब कुछ ठीक ही चल रहा है ना जाने क्यों उदास हु मैं
वो मन बना चुके थे दूर जाने का, हमे लगा हमे मनाना नहीं आता
वो शख्स एक छोटी सी बात पे यूँ चल दिया, जैसे उसे सदियों से किसी बहाने की तलाश थी .