बड़ी अजीब सी मोहब्बत थी तुम्हारी..पहले पागल किया.. फिर पागल कहा.. और फिर पागल समझ कर छोड़ दिया

बड़ी अजीब सी मोहब्बत थी तुम्हारी..पहले पागल किया.. फिर पागल कहा.. और फिर पागल समझ कर छोड़ दिया

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यकीनन तुम्हें तलाशती हैं मेरी आंखें........ये बात अलग है हम ज़ाहिर नहीं होने देते.....

दर्द जब हद से ज्यादा बढ़ जाए, तो वो ख़ामोशी का रूप ले लेता है

काम तो कुछ करती नहीं थक जाती हूँ बस तुम्हेे सोचते सोचते...।।

कुछ नहीं लिखने को आज.... न बात, न ज़ज्बात

अधूरी ख़्वाहिश बनकर न रह जाना तुम ....दुबारा आने का इरादा नहीँ रखते हैं हम !!

बस एक बार, उलझना है तुमसे, बहुत कुछ, सुलझाने के लिये

यकीनन तुम्हें तलाशती हैं मेरी आंखें........ये बात अलग है हम ज़ाहिर नहीं होने देते.....

दर्द जब हद से ज्यादा बढ़ जाए, तो वो ख़ामोशी का रूप ले लेता है

काम तो कुछ करती नहीं थक जाती हूँ बस तुम्हेे सोचते सोचते...।।

कुछ नहीं लिखने को आज.... न बात, न ज़ज्बात

अधूरी ख़्वाहिश बनकर न रह जाना तुम ....दुबारा आने का इरादा नहीँ रखते हैं हम !!

बस एक बार, उलझना है तुमसे, बहुत कुछ, सुलझाने के लिये