बहुत याद आते हो तुम, दुआ करो मेरी यादाश्ति चली जाये
उदास छोड़ गया वो मुझको, खील उठता था मैं जिसके मुस्कुराने से ..!!
वो मन बना चुके थे दूर जाने का, हमे लगा हमे मनाना नहीं आता
दर्द सिर का हो या दिल का..दोनों बहुत बुरे होते है
मोहब्बत नहीं है उसे मुझसे ये जानता हूँ मैं फिर भी ये बात कहाँ मानता हूँ मैं
दिल धोखे में है और धोखेबाज़ दिल में
बहुत याद आते हो तुम, दुआ करो मेरी यादाश्ति चली जाये
उदास छोड़ गया वो मुझको, खील उठता था मैं जिसके मुस्कुराने से ..!!
वो मन बना चुके थे दूर जाने का, हमे लगा हमे मनाना नहीं आता
दर्द सिर का हो या दिल का..दोनों बहुत बुरे होते है
मोहब्बत नहीं है उसे मुझसे ये जानता हूँ मैं फिर भी ये बात कहाँ मानता हूँ मैं
दिल धोखे में है और धोखेबाज़ दिल में