बड़ी अजीब सी मोहब्बत थी तुम्हारी..पहले पागल किया.. फिर पागल कहा.. और फिर पागल समझ कर छोड़ दिया

बड़ी अजीब सी मोहब्बत थी तुम्हारी..पहले पागल किया.. फिर पागल कहा.. और फिर पागल समझ कर छोड़ दिया

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तेरे दिल के बाजार में मै रोज़ बिकती हुं, कुछ लफ्ज़ तेरी यादों के हर रोज़ लिखती हुं

न जख्म भरे...,न शराब सहारा हुई..न वो वापस लौटी... न मोहब्बत दोबारा हुई.....!!

दास्तां सुनाऊं और मज़ाक़ बन जाऊँ बेहतर है मुस्कुराऊं और ख़ामोश रह जाऊँ

थोडा इंतजार कर ए दिल, उसे भी पता चल जाएगा की उसने खोया क्या है !

क्यूँ नहीं महसूस होती उसे मेरी तकलीफ़ जो कहते थे बहुत अच्छे से जानते है तुझे

"अकेले कैसे रहा जाता है, कुछ लोग यही सिखाने हमारी जिंदगी मे आते है

तेरे दिल के बाजार में मै रोज़ बिकती हुं, कुछ लफ्ज़ तेरी यादों के हर रोज़ लिखती हुं

न जख्म भरे...,न शराब सहारा हुई..न वो वापस लौटी... न मोहब्बत दोबारा हुई.....!!

दास्तां सुनाऊं और मज़ाक़ बन जाऊँ बेहतर है मुस्कुराऊं और ख़ामोश रह जाऊँ

थोडा इंतजार कर ए दिल, उसे भी पता चल जाएगा की उसने खोया क्या है !

क्यूँ नहीं महसूस होती उसे मेरी तकलीफ़ जो कहते थे बहुत अच्छे से जानते है तुझे

"अकेले कैसे रहा जाता है, कुछ लोग यही सिखाने हमारी जिंदगी मे आते है