मरता था जिनके लिए वो अब मर गए है मेरे लिए.

मरता था जिनके लिए वो अब मर गए है मेरे लिए.

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मेरी कोशीश हमेशा ही नाकाम रही पहले तूझे पाने की और अब तुझे भुलाने की

खेलने दो उन्हे जब तक जी न भर जाए उनका, मोहब्बत चार दिन कि थी तो शौक कितने दिन का होगा

लोग कहते है हम मुस्कराते बहुत है…और हम थक गए दर्द छुपाते छुपाते…

दास्तां सुनाऊं और मज़ाक़ बन जाऊँ बेहतर है मुस्कुराऊं और ख़ामोश रह जाऊँ

एक घुटन सी होती है जीने में जब कोई दिल में तो रहता है पर साथ नहीं

उस हंसती हुई तस्वीर को क्या मालूम की कोई उसे देख कितने रोता है

मेरी कोशीश हमेशा ही नाकाम रही पहले तूझे पाने की और अब तुझे भुलाने की

खेलने दो उन्हे जब तक जी न भर जाए उनका, मोहब्बत चार दिन कि थी तो शौक कितने दिन का होगा

लोग कहते है हम मुस्कराते बहुत है…और हम थक गए दर्द छुपाते छुपाते…

दास्तां सुनाऊं और मज़ाक़ बन जाऊँ बेहतर है मुस्कुराऊं और ख़ामोश रह जाऊँ

एक घुटन सी होती है जीने में जब कोई दिल में तो रहता है पर साथ नहीं

उस हंसती हुई तस्वीर को क्या मालूम की कोई उसे देख कितने रोता है