कमाल करता है ऐ दिल तू भी उसे फुर्सत नहीं और तुझे चैन नहीं
कुछ रुकी रुकी सी है ज़िन्दगी, कुछ चलते फिरते से है हम।
उनको लगी खरोंच का पता पुरे शहर को है, हमारे गहरे जख्म की कहीं चर्चा तक नहीं !!
तुम क्या जानो हम अपने आप में कितने अकेले है, पूछो इन रातो से जो रोज़ कहती है के खुदा के लिए आज तो सो जाओ !
ज़िन्दगी के हाथ नहीं होते.. लेकिन कभी कभी वो ऐसा थप्पड़ मारती हैं जो पूरी उम्र याद रहता है
चलो बिखरने देते है जिंदगी को सँभालने की भी हद होती है
कमाल करता है ऐ दिल तू भी उसे फुर्सत नहीं और तुझे चैन नहीं
कुछ रुकी रुकी सी है ज़िन्दगी, कुछ चलते फिरते से है हम।
उनको लगी खरोंच का पता पुरे शहर को है, हमारे गहरे जख्म की कहीं चर्चा तक नहीं !!
तुम क्या जानो हम अपने आप में कितने अकेले है, पूछो इन रातो से जो रोज़ कहती है के खुदा के लिए आज तो सो जाओ !
ज़िन्दगी के हाथ नहीं होते.. लेकिन कभी कभी वो ऐसा थप्पड़ मारती हैं जो पूरी उम्र याद रहता है
चलो बिखरने देते है जिंदगी को सँभालने की भी हद होती है