कमाल करता है ऐ दिल तू भी उसे फुर्सत नहीं और तुझे चैन नहीं
थोड़ी जगह दे दे मुझे तेरे पास कहीं रह जाऊं मैं खामोशियाँ तेरी सुनु ओर दूर कहीं ना जाऊं मैं
कैसे छोड दूं आखिर तुझसे मोहब्बत करना...तू मेरी किस्मत में ना सही.. दिल में तो है
तुम्हारे बिना रह तो सकती हूँ... मगर.. खुश नहीं रह सकती
मुझे भी अब नींद की तलब नहीं रही, अब रातों को जागना अच्छा लगता है…
रोज़ नहीं पर कभी कभी तो वो शख्स मुझे जरूर सोचता होगा
कमाल करता है ऐ दिल तू भी उसे फुर्सत नहीं और तुझे चैन नहीं
थोड़ी जगह दे दे मुझे तेरे पास कहीं रह जाऊं मैं खामोशियाँ तेरी सुनु ओर दूर कहीं ना जाऊं मैं
कैसे छोड दूं आखिर तुझसे मोहब्बत करना...तू मेरी किस्मत में ना सही.. दिल में तो है
तुम्हारे बिना रह तो सकती हूँ... मगर.. खुश नहीं रह सकती
मुझे भी अब नींद की तलब नहीं रही, अब रातों को जागना अच्छा लगता है…
रोज़ नहीं पर कभी कभी तो वो शख्स मुझे जरूर सोचता होगा