हर बहाना किनारे कर दीजिए और केवल इस बात को याद रखिए हां मैं कर सकता हूं
मूर्ख को उपदेश शत्रु के समान लगता है. लोभियों अथवा कंजूसो को याचक (भिखारी) शत्रु सा लगता है. व्यभिचारिणी स्त्री को उसका पति शत्रु लगता है, तो चोरों को चंद्रमा शत्रु लगता है.
कुछ भी काम कर लो, मगर उस काम में तुमसे बेहतर "कोई नही होना चाहिए"
जीवन मे कभी भी उसे प्राथमिकता मत दो जो तुम्हे केवल एक विकल्प समझता हो
किसी को हरा देना बहुत ही आसान है लेकिन किसी को जीतना बहुत ही मुश्किल
बेहतरीन इंसान अपनी मीठी बातों से ही जाना जाता है... वरना अच्छी बातें तो दीवारो पे भी लिखी होती है
हर बहाना किनारे कर दीजिए और केवल इस बात को याद रखिए हां मैं कर सकता हूं
मूर्ख को उपदेश शत्रु के समान लगता है. लोभियों अथवा कंजूसो को याचक (भिखारी) शत्रु सा लगता है. व्यभिचारिणी स्त्री को उसका पति शत्रु लगता है, तो चोरों को चंद्रमा शत्रु लगता है.
कुछ भी काम कर लो, मगर उस काम में तुमसे बेहतर "कोई नही होना चाहिए"
जीवन मे कभी भी उसे प्राथमिकता मत दो जो तुम्हे केवल एक विकल्प समझता हो
किसी को हरा देना बहुत ही आसान है लेकिन किसी को जीतना बहुत ही मुश्किल
बेहतरीन इंसान अपनी मीठी बातों से ही जाना जाता है... वरना अच्छी बातें तो दीवारो पे भी लिखी होती है