शर्म की अमीरी से इज्जत की गरीबी अच्छी है।
अपने खराब मूड के समय बुरे शब्द ना बोलें, क्योंकि.. खराब मूड को बदलने के बहुत मौके मिलेंगें पर शब्दों को बदलने के मोके नहीं...मिलेंगे
अपने मिशन में कामयाब होने के लिए, आपको अपने लक्ष्य के प्रति एकचित्त निष्ठावान होना पड़ेगा
लोग जब पूछते है कि आप क्या काम करते है तो असल में वो हिसाब लगाते है कि आपको कितनी इज़्ज़त देनी है
स्वाभिमानी व्यक्ति प्रतिकूल विचारों कोसम्मुख रखकर दुबारा उन पर विचार करे।
स्वभाव रखना है तो उस दीपक की तरह रखिये , जो बादशाह के महल में भी उतनी ही रोशनी देता है , जितनी की किसी गरीब की झोपड़ी में ।।
शर्म की अमीरी से इज्जत की गरीबी अच्छी है।
अपने खराब मूड के समय बुरे शब्द ना बोलें, क्योंकि.. खराब मूड को बदलने के बहुत मौके मिलेंगें पर शब्दों को बदलने के मोके नहीं...मिलेंगे
अपने मिशन में कामयाब होने के लिए, आपको अपने लक्ष्य के प्रति एकचित्त निष्ठावान होना पड़ेगा
लोग जब पूछते है कि आप क्या काम करते है तो असल में वो हिसाब लगाते है कि आपको कितनी इज़्ज़त देनी है
स्वाभिमानी व्यक्ति प्रतिकूल विचारों कोसम्मुख रखकर दुबारा उन पर विचार करे।
स्वभाव रखना है तो उस दीपक की तरह रखिये , जो बादशाह के महल में भी उतनी ही रोशनी देता है , जितनी की किसी गरीब की झोपड़ी में ।।