मनुष्य अपने विश्वास से निर्मित होता है, जैसा वो विश्वास करता है वैसा वो बन जाता है

मनुष्य अपने विश्वास से निर्मित होता है, जैसा वो विश्वास करता है वैसा वो बन जाता है

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कई जीत बाकी है कई हार बाकी है, अभी तो जिंदगी का सार बाकी है। यहां से चले हैं नई मंजिल के लिए, यह तो एक पन्ना था अभी तो पुरी किताब बाकी है॥

किसी को हरा देना बहुत ही आसान है   लेकिन किसी को जीतना  बहुत ही मुश्किल

थोड़ा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है

मेहनत का फल और समस्या का हल देर से ही सही पर मिलता जरूर है..

सबसे बड़ा गुरु ठोकर हैं खाते जाओगे सीखते जाओगे.

संसार में सुई बनकर रहे, कैंची बनकर नही क्योंकि सुई 2 को 1 कर देती है और कैंची 1 को 2 कर देती है अर्थात सबको जोड़ो, तोड़ो नही

कई जीत बाकी है कई हार बाकी है, अभी तो जिंदगी का सार बाकी है। यहां से चले हैं नई मंजिल के लिए, यह तो एक पन्ना था अभी तो पुरी किताब बाकी है॥

किसी को हरा देना बहुत ही आसान है   लेकिन किसी को जीतना  बहुत ही मुश्किल

थोड़ा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है

मेहनत का फल और समस्या का हल देर से ही सही पर मिलता जरूर है..

सबसे बड़ा गुरु ठोकर हैं खाते जाओगे सीखते जाओगे.

संसार में सुई बनकर रहे, कैंची बनकर नही क्योंकि सुई 2 को 1 कर देती है और कैंची 1 को 2 कर देती है अर्थात सबको जोड़ो, तोड़ो नही