कमजोर तब रुकते है जब वे थक जाते है और विजेता तब रुकते है जब वे जीत जाते है

कमजोर तब रुकते है जब वे थक जाते है और विजेता तब रुकते है जब वे जीत जाते है

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ये सोच है हम इसांनो की कि एक अकेला क्या कर सकता है पर देख जरा उस सूरज को वो अकेला ही तो चमकता है।

रिश्ता रखो तो सच्चा नही तो अलविदा ही अच्छा

रूठी पत्नी, लुप्त संपत्ति और हाथ से निकली भूमि वापस मिल सकती है, लेकिन मनुष्य जीवन पुनः नहीं मिल सकता, अतः दान-धर्म कर हमें अपना जीवन सफल बनाना चाहिए.

कठिन समय के लिए धन की रक्षा करनी चाहिए।

शब्द यात्रा करते हैं... इसलिए पीठ पीछे भी, किसी की निंदा न करें

क्रोध, गुस्सा, नफरत ये सब Slow poison हैं... इन्हें पीते हम खुद हैं और सोचते हैं मरेगा कोई दूसरा!

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रिश्ता रखो तो सच्चा नही तो अलविदा ही अच्छा

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कठिन समय के लिए धन की रक्षा करनी चाहिए।

शब्द यात्रा करते हैं... इसलिए पीठ पीछे भी, किसी की निंदा न करें

क्रोध, गुस्सा, नफरत ये सब Slow poison हैं... इन्हें पीते हम खुद हैं और सोचते हैं मरेगा कोई दूसरा!