कमजोर तब रुकते है जब वे थक जाते है और विजेता तब रुकते है जब वे जीत जाते है

कमजोर तब रुकते है जब वे थक जाते है और विजेता तब रुकते है जब वे जीत जाते है

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संघर्ष के समय कोई नजदीक नही आता सफलता के बाद किसी को आमंत्रित नही करना पड़ता

पैर में मोच और गिरी हुई सोच, कभी इंसान को आगे बढ़ने नहीं देती

कुछ लोग आपसे नफरत इसलिए करने लगते है क्योंकि आपकी सही बात उसे कड़वी लग जाती है

एक बात हमेशा ध्यान रखो कि समय और स्थिति कभी भी बदल सकती है इसलिए कभी भी किसी का अपमान मत करो।

प्रीत ना करिये पंछी जैसी जल सूखे उड़ जाए प्रीत करिये मछली जैसी जल सुखे मर जाए

पृथ्वी पर कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं है जिसको समस्या न हो और पृथ्वी पर कोई समस्या ऐसी नहीं है जिसका कोई समाधान न हो... मंजिल चाहे कितनी भी ऊँची क्यों न हो, रास्ते हमेशा पैरों के नीचे ही होते हैं

संघर्ष के समय कोई नजदीक नही आता सफलता के बाद किसी को आमंत्रित नही करना पड़ता

पैर में मोच और गिरी हुई सोच, कभी इंसान को आगे बढ़ने नहीं देती

कुछ लोग आपसे नफरत इसलिए करने लगते है क्योंकि आपकी सही बात उसे कड़वी लग जाती है

एक बात हमेशा ध्यान रखो कि समय और स्थिति कभी भी बदल सकती है इसलिए कभी भी किसी का अपमान मत करो।

प्रीत ना करिये पंछी जैसी जल सूखे उड़ जाए प्रीत करिये मछली जैसी जल सुखे मर जाए

पृथ्वी पर कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं है जिसको समस्या न हो और पृथ्वी पर कोई समस्या ऐसी नहीं है जिसका कोई समाधान न हो... मंजिल चाहे कितनी भी ऊँची क्यों न हो, रास्ते हमेशा पैरों के नीचे ही होते हैं