कमजोर तब रुकते है जब वे थक जाते है और विजेता तब रुकते है जब वे जीत जाते है

कमजोर तब रुकते है जब वे थक जाते है और विजेता तब रुकते है जब वे जीत जाते है

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आपके आने वाले "कल" का "नसीब" आपके बीते हुए "कल" के "कर्मो" पर निर्भर करता है

अपनी छवि का ध्यान रखे, क्योंकि इसकी आयु आपकी आयु से कही ज्यादा होती है

वक्त बदलने से उतनी तकलीफ़ नहीं होती. जितनी किसी अपने के बदल जाने से होती है..

तन की खूबसूरती एक भ्रम है..! सबसे खूबसूरत आपकी "वाणी" है..! चाहे तो दिल "जीत" ले. चाहे तो दिल "चीर" दे"! इन्सान सब कुछ कॉपी कर सकता है..! लेकिन किस्मत और नसीब नही..!

किसी से रास्ता पूछने से पहले यह सुनिश्चित करले कि कहीं वह स्वयं तो रास्ता भटका हुआ नहीं है।

रिश्ते तो सूर्यमुखी के फूलों की तरह होते हैं जिधर प्यार मिले... उधर ही घूम जाते हैं...

आपके आने वाले "कल" का "नसीब" आपके बीते हुए "कल" के "कर्मो" पर निर्भर करता है

अपनी छवि का ध्यान रखे, क्योंकि इसकी आयु आपकी आयु से कही ज्यादा होती है

वक्त बदलने से उतनी तकलीफ़ नहीं होती. जितनी किसी अपने के बदल जाने से होती है..

तन की खूबसूरती एक भ्रम है..! सबसे खूबसूरत आपकी "वाणी" है..! चाहे तो दिल "जीत" ले. चाहे तो दिल "चीर" दे"! इन्सान सब कुछ कॉपी कर सकता है..! लेकिन किस्मत और नसीब नही..!

किसी से रास्ता पूछने से पहले यह सुनिश्चित करले कि कहीं वह स्वयं तो रास्ता भटका हुआ नहीं है।

रिश्ते तो सूर्यमुखी के फूलों की तरह होते हैं जिधर प्यार मिले... उधर ही घूम जाते हैं...