कमजोर तब रुकते है जब वे थक जाते है और विजेता तब रुकते है जब वे जीत जाते है

कमजोर तब रुकते है जब वे थक जाते है और विजेता तब रुकते है जब वे जीत जाते है

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राह संघर्ष की जो चलता है वहीं संसार को बदलता है जिसने रातों में जंग जीती है सूर्य बनकर वही निकलता है

ये वक्त की नजाकत और बदलते दौर की मजबूरी है लड़के को पराठे ? और लड़की को कराटे ? सिखाना बहुत जरूरी है

कोई जाति नीच नही होती लेकिन नीच आदमी हर जाति में होता है

मै रात भर जन्‍नत की सैर करता रहा यारों, आंख खुली तोह देखा सर माँ के कदमो मे था.

अगर आप चाहते हैं कि कोई चीज अच्छे से हो तो उसे खुद कीजिये

खुद को आप इतना बेहतर बनाएं कि जो कल आप थे,वह आज ना रहें...

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मै रात भर जन्‍नत की सैर करता रहा यारों, आंख खुली तोह देखा सर माँ के कदमो मे था.

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खुद को आप इतना बेहतर बनाएं कि जो कल आप थे,वह आज ना रहें...