खामोशिया बेवजह नहीं होती... कुछ दर्द आवाज छीन लिया करते है...

खामोशिया बेवजह नहीं होती... कुछ दर्द आवाज छीन लिया करते है...

Share:

More Like This

मोहब्बत तो दिल से की थी, दिमाग उसने लगा लिया दिल तोड दिया मेरा उसने और इल्जाम मुझपर लगा दिया.

एक हसरत थी की कभी वो भी हमे मनाये..पर ये कम्ब्खत Dil कभी उनसे रूठा ही नही.

दिल मेरा कूछ टूटा हुआ सा है, उससे कूछ रुठा हुआ सा है.

बहुत देर करदी तुमने मेरी धडकनें महसूस करने में. वो दिल नीलाम हो गया, जिस पर कभी हकुमत तुम्हारी थी.

टूटे हुए सपनो और छुटे हुए अपनों ने मार दिया वरना ख़ुशी खुद हमसे मुस्कुराना सिखने आया करती थी !!

किसी ने धूल क्या झोंकी आखों में, पहले से बेहतर दिखने लगा है.

मोहब्बत तो दिल से की थी, दिमाग उसने लगा लिया दिल तोड दिया मेरा उसने और इल्जाम मुझपर लगा दिया.

एक हसरत थी की कभी वो भी हमे मनाये..पर ये कम्ब्खत Dil कभी उनसे रूठा ही नही.

दिल मेरा कूछ टूटा हुआ सा है, उससे कूछ रुठा हुआ सा है.

बहुत देर करदी तुमने मेरी धडकनें महसूस करने में. वो दिल नीलाम हो गया, जिस पर कभी हकुमत तुम्हारी थी.

टूटे हुए सपनो और छुटे हुए अपनों ने मार दिया वरना ख़ुशी खुद हमसे मुस्कुराना सिखने आया करती थी !!

किसी ने धूल क्या झोंकी आखों में, पहले से बेहतर दिखने लगा है.