जब गलत "पासवर्ड" से एक छोटा सा "मोबाइल" नहीं खुलता तो गलत "कामों" से "जन्नत" के "दरवाजे" कैसे खुलेंगे|

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छाता ओर दिमाग तभी काम करते है जब वो खुले हो बंद होने पर दोनों बोझ लगते है

जीवन वो फूल है, जिसमें कांटे तो बहुत है, मगर सौन्दर्य की भी कोई कमी नहीं

अगर आप चाहते हैं कि कोई चीज अच्छे से हो तो उसे खुद कीजिये

'इरादे' इतने कमजोर नही होने चाहिए की लोगो की बातों में आकर टूट जाए

जिंदगी हमेशा एक मौका और देती है आसान शब्दों में जिसे “आज” कहते हैं

खुद मेँ झाँकने के लिए जिगर चाहिए दूसरों की शिनाख्त में तो हर शख़्स माहिर है

छाता ओर दिमाग तभी काम करते है जब वो खुले हो बंद होने पर दोनों बोझ लगते है

जीवन वो फूल है, जिसमें कांटे तो बहुत है, मगर सौन्दर्य की भी कोई कमी नहीं

अगर आप चाहते हैं कि कोई चीज अच्छे से हो तो उसे खुद कीजिये

'इरादे' इतने कमजोर नही होने चाहिए की लोगो की बातों में आकर टूट जाए

जिंदगी हमेशा एक मौका और देती है आसान शब्दों में जिसे “आज” कहते हैं

खुद मेँ झाँकने के लिए जिगर चाहिए दूसरों की शिनाख्त में तो हर शख़्स माहिर है