जब गलत "पासवर्ड" से एक छोटा सा "मोबाइल" नहीं खुलता तो गलत "कामों" से "जन्नत" के "दरवाजे" कैसे खुलेंगे|

जब गलत "पासवर्ड" से एक छोटा सा "मोबाइल" नहीं खुलता तो गलत "कामों" से "जन्नत" के "दरवाजे" कैसे खुलेंगे|

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भरोशा करो लेकिन किसी के भरोशे मत रहो ।

अकेलापन तब महसूस नही होता जब आप अकेले हो बल्कि तब महसूस होता जब कोई आपको परवाह नही करता

स्मार्ट बनो क्योंकि कोई भी आपका रिजल्ट देखता है मेहनत नही

दुबारा गर्म की हुई चाय और समझौता किया हुआ रिश्ता दोनों में पहले जैसी मिठास कभी नही आती

एक इच्छा तुम्हे मंजिल तक पंहुचा देगी... लेकिन अनेक इछाइए तुम्हे मंजिल से भटका देग

जब तक जीवन है तब तक सीखते रहो, क्योंकि अनुभव ही सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है

भरोशा करो लेकिन किसी के भरोशे मत रहो ।

अकेलापन तब महसूस नही होता जब आप अकेले हो बल्कि तब महसूस होता जब कोई आपको परवाह नही करता

स्मार्ट बनो क्योंकि कोई भी आपका रिजल्ट देखता है मेहनत नही

दुबारा गर्म की हुई चाय और समझौता किया हुआ रिश्ता दोनों में पहले जैसी मिठास कभी नही आती

एक इच्छा तुम्हे मंजिल तक पंहुचा देगी... लेकिन अनेक इछाइए तुम्हे मंजिल से भटका देग

जब तक जीवन है तब तक सीखते रहो, क्योंकि अनुभव ही सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है