मानव कितनी भी बनावट करे अंधेरे में "छाया" बुढ़ापे में "काया" और अंत समय में "माया" किसी का साथ नहीं देती
कुछ भी काम कर लो, मगर उस काम में तुमसे बेहतर "कोई नही होना चाहिए"
कठिन समय के लिए धन की रक्षा करनी चाहिए।
मित्रों से समागम, अधिक धन की प्राप्ति, पुत्र का आलिंगन, मैथुन में प्रवृत्ति, समय पर प्रिय वचन बोलना, अपने वर्ग के लोगों में उन्नति, अभीष्ट वस्तु की प्राप्ति और समाज में सम्मान – ये आठ हर्ष के सार दिखाई देते हैं और ये ही लौकिक सुख के साधन भी होते हैं।
कोई भी हमें सुख या दुख नही दे सकता , बल्कि हमारे सोचने का तरीका ही हमारे सुख व दुख का कारण होता है।✨
कपड़ों की “मैचिंग” बिठाने से, सिर्फ शरीर “सुंदर” दिखेगा रिश्तों व हालातों से, “मैचिंग” बिठा लीजिये पूरा जीवन सुंदर हो जाएगा
मानव कितनी भी बनावट करे अंधेरे में "छाया" बुढ़ापे में "काया" और अंत समय में "माया" किसी का साथ नहीं देती
कुछ भी काम कर लो, मगर उस काम में तुमसे बेहतर "कोई नही होना चाहिए"
कठिन समय के लिए धन की रक्षा करनी चाहिए।
मित्रों से समागम, अधिक धन की प्राप्ति, पुत्र का आलिंगन, मैथुन में प्रवृत्ति, समय पर प्रिय वचन बोलना, अपने वर्ग के लोगों में उन्नति, अभीष्ट वस्तु की प्राप्ति और समाज में सम्मान – ये आठ हर्ष के सार दिखाई देते हैं और ये ही लौकिक सुख के साधन भी होते हैं।
कोई भी हमें सुख या दुख नही दे सकता , बल्कि हमारे सोचने का तरीका ही हमारे सुख व दुख का कारण होता है।✨
कपड़ों की “मैचिंग” बिठाने से, सिर्फ शरीर “सुंदर” दिखेगा रिश्तों व हालातों से, “मैचिंग” बिठा लीजिये पूरा जीवन सुंदर हो जाएगा