क्रोध, गुस्सा, नफरत ये सब Slow poison हैं... इन्हें पीते हम खुद हैं और सोचते हैं मरेगा कोई दूसरा!
दुनिया की हर चीज ठोकर लगने से टूट जाती है, एक कामयाबी ही है जो ठोकर लगने से मिलती है
वहाँ हो जाता है सन्नाटा एक दिन जहाँ हर वक़्त पैसा बोलता है
कड़ी मेहनत के बिना, मातम के अलावा कुछ भी नहीं बढ़ता है
जीतने वाले अलग चीजें नहीं करते, वो चीजों को अलग तरह से करते हैं
अपेक्षाएं जहां खत्म होती हैं, सुकून वहीं से शुरू होता है
क्रोध, गुस्सा, नफरत ये सब Slow poison हैं... इन्हें पीते हम खुद हैं और सोचते हैं मरेगा कोई दूसरा!
दुनिया की हर चीज ठोकर लगने से टूट जाती है, एक कामयाबी ही है जो ठोकर लगने से मिलती है
वहाँ हो जाता है सन्नाटा एक दिन जहाँ हर वक़्त पैसा बोलता है
कड़ी मेहनत के बिना, मातम के अलावा कुछ भी नहीं बढ़ता है
जीतने वाले अलग चीजें नहीं करते, वो चीजों को अलग तरह से करते हैं
अपेक्षाएं जहां खत्म होती हैं, सुकून वहीं से शुरू होता है