जब गलत "पासवर्ड" से एक छोटा सा "मोबाइल" नहीं खुलता तो गलत "कामों" से "जन्नत" के "दरवाजे" कैसे खुलेंगे|

जब गलत "पासवर्ड" से एक छोटा सा "मोबाइल" नहीं खुलता तो गलत "कामों" से "जन्नत" के "दरवाजे" कैसे खुलेंगे|

Share:

More Like This

जो व्यक्ति सभी प्राणियों के प्रति समान भाव रखता है, दूसरों के धन को मिट्टी के समान समझता है और परस्त्री को माता. वाही सच्चा विद्वान और ब्राह्मण है.

कोशिशों के बावजूद हो जाती है कभी हार... होके निराश मत बैठना मन को अपने मार... बढ़ते रहना आगे सदा हो जैसा भी मौसम... पा लेती है मंजिल चींटी भी गिर गिर के हर बार!!

खिचड़ी अगर बर्तन में पके तो बीमार को ठीक कर देती है और यदि दिमाग में पके तो इंसान को बीमार कर देती है

सपनों को पूरा करने की कोशिश करना कभी बंद मत करो क्योंकि सपने एक - दिन ज़रूर सच होते हैं

सज्जन की राय का उल्लंघन न करें।

जिस दिन आपके सामने कोई समस्या ना आये-तो आप सुनिश्चित कर सकते है की आप गलत रास्ते मे यात्रा कर रहे है

जो व्यक्ति सभी प्राणियों के प्रति समान भाव रखता है, दूसरों के धन को मिट्टी के समान समझता है और परस्त्री को माता. वाही सच्चा विद्वान और ब्राह्मण है.

कोशिशों के बावजूद हो जाती है कभी हार... होके निराश मत बैठना मन को अपने मार... बढ़ते रहना आगे सदा हो जैसा भी मौसम... पा लेती है मंजिल चींटी भी गिर गिर के हर बार!!

खिचड़ी अगर बर्तन में पके तो बीमार को ठीक कर देती है और यदि दिमाग में पके तो इंसान को बीमार कर देती है

सपनों को पूरा करने की कोशिश करना कभी बंद मत करो क्योंकि सपने एक - दिन ज़रूर सच होते हैं

सज्जन की राय का उल्लंघन न करें।

जिस दिन आपके सामने कोई समस्या ना आये-तो आप सुनिश्चित कर सकते है की आप गलत रास्ते मे यात्रा कर रहे है