यदि आपके मन में संतोष नहीं है तो दुनिया की कोई भी चीज आपको खुश नहीं कर सकती है.
भले ही अपने विश्वास तोड़ दे पर देखने ये भी है हम कितने खरे उतरते है उनके विश्वास पर धोखे तो मिलते रहते है बात ये है हम कितने सुदृढ़ रहते हैं
जो दुसरो के धन, सौन्दर्य, बल, कुल, सुख, सौभाग्य व सम्मान से ईष्या करते हैं, वे सदैव दुखी रहते हैं।
"ज़िन्दगी गुज़र जाती है ये ढूँढने में कि, ढूंढना क्या है अंत में तलाश सिमट जाती है इस सुकून में कि, जो मिला वो भी कहाँ साथ लेकर जाना है "
#तारीफ खुद की करना #फ़िज़ूल है, खुशबू बता देती# है कौन सा फूल है |
"व्यक्तित्व" की भी अपनी वाणी होती है, जो "कलम"' या "जीभ" के इस्तेमाल के बिना भी, लोगों के "अंर्तमन" को छू जाती है..
यदि आपके मन में संतोष नहीं है तो दुनिया की कोई भी चीज आपको खुश नहीं कर सकती है.
भले ही अपने विश्वास तोड़ दे पर देखने ये भी है हम कितने खरे उतरते है उनके विश्वास पर धोखे तो मिलते रहते है बात ये है हम कितने सुदृढ़ रहते हैं
जो दुसरो के धन, सौन्दर्य, बल, कुल, सुख, सौभाग्य व सम्मान से ईष्या करते हैं, वे सदैव दुखी रहते हैं।
"ज़िन्दगी गुज़र जाती है ये ढूँढने में कि, ढूंढना क्या है अंत में तलाश सिमट जाती है इस सुकून में कि, जो मिला वो भी कहाँ साथ लेकर जाना है "
#तारीफ खुद की करना #फ़िज़ूल है, खुशबू बता देती# है कौन सा फूल है |
"व्यक्तित्व" की भी अपनी वाणी होती है, जो "कलम"' या "जीभ" के इस्तेमाल के बिना भी, लोगों के "अंर्तमन" को छू जाती है..