मित्रता ऐसी हो जैसे हाथ और आँखें क्योंकी हाथ को चोट लगने पर आँखों में पानी आता है और आँखों में पानी आये तो उसे पोंछने को हाथ ही आगे आते है...

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मोहब्बत को धोखा दोस्ती को प्यार मानता हु जो भी भाई बोल दे उसे जिगरी यार मानता हु

कौन होता है दोस्त? दोस्त वो जो बिन बुलाये आये, बेवजह सर खाए, जेब खाली करवाए, कभी सताए, कभी रुलाये, मगर हमेशा साथ निभाए.

उन दिनों को याद करके हम मुस्कुराने लगते है, अपने दोस्तों की दोस्ती पे इतराने लगते है।

ना किसी से जलते है ना किसी से डरते है हम लड़कियों पर नहीं अपने दोस्तों पर मरते है

तुम सिखाओ अपने दोस्तों को हथियार चलाना हमारे दोस्त तोह पहले से ही बारूद है

खुदा ने मुझे वफादार दोस्तों से नवाज़ा है याद मैं ना करूँ, तो कोशिश वो भी नहीं करते

मोहब्बत को धोखा दोस्ती को प्यार मानता हु जो भी भाई बोल दे उसे जिगरी यार मानता हु

कौन होता है दोस्त? दोस्त वो जो बिन बुलाये आये, बेवजह सर खाए, जेब खाली करवाए, कभी सताए, कभी रुलाये, मगर हमेशा साथ निभाए.

उन दिनों को याद करके हम मुस्कुराने लगते है, अपने दोस्तों की दोस्ती पे इतराने लगते है।

ना किसी से जलते है ना किसी से डरते है हम लड़कियों पर नहीं अपने दोस्तों पर मरते है

तुम सिखाओ अपने दोस्तों को हथियार चलाना हमारे दोस्त तोह पहले से ही बारूद है

खुदा ने मुझे वफादार दोस्तों से नवाज़ा है याद मैं ना करूँ, तो कोशिश वो भी नहीं करते