फोकस खुद पे करो जब तक लोग तुम पर फोकस ना करे
अधेरा वहां नहीं है जहां तन गरीब है अंधेरा वहां है जहां मन गरीब है
एक बार काम को सच्ची लगन से शुरू तो करो कुदरत ख़ुद ब खुद रास्ते खोलता जाएगा
ढुढो सुकून तोह ख़ुद में हे दूसरो में सिर्फ उलझन मिलेगी
निकलता है हर रोज़ 'सूरज', ये बताने के लिए.. कि उजाले बांट देने से उजाले कम नही होते..
विश्वाश में वो ताकत है जिससे हम जो चाहे संपत्ति खरीद सकते है
फोकस खुद पे करो जब तक लोग तुम पर फोकस ना करे
अधेरा वहां नहीं है जहां तन गरीब है अंधेरा वहां है जहां मन गरीब है
एक बार काम को सच्ची लगन से शुरू तो करो कुदरत ख़ुद ब खुद रास्ते खोलता जाएगा
ढुढो सुकून तोह ख़ुद में हे दूसरो में सिर्फ उलझन मिलेगी
निकलता है हर रोज़ 'सूरज', ये बताने के लिए.. कि उजाले बांट देने से उजाले कम नही होते..
विश्वाश में वो ताकत है जिससे हम जो चाहे संपत्ति खरीद सकते है