अगर आप कल गिर आगये थे तो आज उठिए और आगे बढिये....

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तकदीर बदल जाती है जब ज़िन्दगी का कोई मकसद हो, वरना उम्र कट जाती है तकदीर को इल्जाम देते देते

"संसार में ऐसी कोई भी समस्या नहीं है जो आपके मन की शक्ति से अधिक शक्तिशाली हो।"

जिन्दगी में एक बात हमेंशा याद रखना, मख्खन लगाने वाल के हाथ में हमेशा चाकू होता है,

इस संसार में अनेक लोग योग्यताओं का पिटारा लेकर घूम रहे हैं, लेकिन उनका लाभ नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि वे किसी प्लेटफार्म की नहीं बल्कि धन की तलाश कर रहे हैं।

कोई किसी को सिखा नही सकता जब खुद में इच्छा जागती है तभी कोई सिख पाता है

डिग्रियाँ तो तालीम के ख़र्चे की रसीदें हैं...इल्म वही है जो किरदार में झलकता है.

तकदीर बदल जाती है जब ज़िन्दगी का कोई मकसद हो, वरना उम्र कट जाती है तकदीर को इल्जाम देते देते

"संसार में ऐसी कोई भी समस्या नहीं है जो आपके मन की शक्ति से अधिक शक्तिशाली हो।"

जिन्दगी में एक बात हमेंशा याद रखना, मख्खन लगाने वाल के हाथ में हमेशा चाकू होता है,

इस संसार में अनेक लोग योग्यताओं का पिटारा लेकर घूम रहे हैं, लेकिन उनका लाभ नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि वे किसी प्लेटफार्म की नहीं बल्कि धन की तलाश कर रहे हैं।

कोई किसी को सिखा नही सकता जब खुद में इच्छा जागती है तभी कोई सिख पाता है

डिग्रियाँ तो तालीम के ख़र्चे की रसीदें हैं...इल्म वही है जो किरदार में झलकता है.