लोग जब पूछते है कि आप क्या काम करते है तो असल में वो हिसाब लगाते है कि आपको कितनी इज़्ज़त देनी है
संभालना ही है तो रिश्ते संभालो तस्वीरे तो हर कोई संभाल के रखता है
रत्न तो लाख मिले एक ह्रदय धन न मिला, दर्द हर वक्त मिला, चैन किसी क्षण न मिला, ढूँढ़ते-ढूँढ़ते ढल गई धूप जीवन की मगर, दूसरी बार लौट के हमें बचपन न मिला...!
जब तक आप प्रसिद्ध नहीं हो जाते, उस समय तक आपको ये सोचने की जरूरत नहीं कि लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं
प्रतिदिन हमें कुछ न कुछ नया ग्रहण करना चाहिए, फिर चाहे वह एक श्लोक, उसका एक अंश अथवा एक शब्द मात्र ही क्यों न हो. एक-एक शब्द ही एक दिन विशाल समुद्र का रूप धारण कर लेता है.
जीवन में सुखी रहने के लिए दो शक्तियों का होना जरूरी है पहली सहनशक्ति और दूसरी समझ शक्ति
लोग जब पूछते है कि आप क्या काम करते है तो असल में वो हिसाब लगाते है कि आपको कितनी इज़्ज़त देनी है
संभालना ही है तो रिश्ते संभालो तस्वीरे तो हर कोई संभाल के रखता है
रत्न तो लाख मिले एक ह्रदय धन न मिला, दर्द हर वक्त मिला, चैन किसी क्षण न मिला, ढूँढ़ते-ढूँढ़ते ढल गई धूप जीवन की मगर, दूसरी बार लौट के हमें बचपन न मिला...!
जब तक आप प्रसिद्ध नहीं हो जाते, उस समय तक आपको ये सोचने की जरूरत नहीं कि लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं
प्रतिदिन हमें कुछ न कुछ नया ग्रहण करना चाहिए, फिर चाहे वह एक श्लोक, उसका एक अंश अथवा एक शब्द मात्र ही क्यों न हो. एक-एक शब्द ही एक दिन विशाल समुद्र का रूप धारण कर लेता है.
जीवन में सुखी रहने के लिए दो शक्तियों का होना जरूरी है पहली सहनशक्ति और दूसरी समझ शक्ति