पिता की दौलत पर क्या घमंड करना मजा तो तब है जब दौलत अपनी हो और पिता घमंड करे|

पिता की दौलत पर क्या घमंड करना मजा तो तब है जब दौलत अपनी हो और पिता घमंड करे|

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सबसे बेहतरीन नजऱ वो है, जो अपनी कमियों को देख सके।

अगर कोई पसंद आ जाए तो दूसरों से नहीं पूछना चाहिए वो कैसा है

रिश्तो में झुकना कोई अजीब बात नही, सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए.

वर्तमान से सुख लेने का प्रयास करिये भविष्य बहुत कपटी होता है, वो केवल आश्र्वासन देता है गारंटी नहीं।

अपने आप को हर परिश्थिति में शांत रहने के लिए तैयार करे.

जिदंगी मे अच्छे लोगो की तलाश मत करो खुद अच्छे बन जाओ आपसे मिलकर शायद किसी की तालाश पूरी हो।

सबसे बेहतरीन नजऱ वो है, जो अपनी कमियों को देख सके।

अगर कोई पसंद आ जाए तो दूसरों से नहीं पूछना चाहिए वो कैसा है

रिश्तो में झुकना कोई अजीब बात नही, सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए.

वर्तमान से सुख लेने का प्रयास करिये भविष्य बहुत कपटी होता है, वो केवल आश्र्वासन देता है गारंटी नहीं।

अपने आप को हर परिश्थिति में शांत रहने के लिए तैयार करे.

जिदंगी मे अच्छे लोगो की तलाश मत करो खुद अच्छे बन जाओ आपसे मिलकर शायद किसी की तालाश पूरी हो।