पिता की दौलत पर क्या घमंड करना मजा तो तब है जब दौलत अपनी हो और पिता घमंड करे|

पिता की दौलत पर क्या घमंड करना मजा तो तब है जब दौलत अपनी हो और पिता घमंड करे|

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बड़ा सोचो, जल्दी सोअचो, आगे सोचो . विचारों पर किसी का एकाधिकार नहीं है

जो ना मिले उसकी ही चाहत होती है, जो मिल जाये उसकी कदर कहाँ होती है

●आवाज का लहजा एक पल में बता देता है कि... रिश्ता कितना गहरा है●

आप अपनी जिंदगी में जिन लोगों को रखते है उन्हे बहुत ध्यान से चुनो

पहले निश्चय करिएँ, फिर कार्य आरम्भ करें।

वक़्त का खाश होना जरूरी नही खाश के लिए वक़्त होना जरूरी है

बड़ा सोचो, जल्दी सोअचो, आगे सोचो . विचारों पर किसी का एकाधिकार नहीं है

जो ना मिले उसकी ही चाहत होती है, जो मिल जाये उसकी कदर कहाँ होती है

●आवाज का लहजा एक पल में बता देता है कि... रिश्ता कितना गहरा है●

आप अपनी जिंदगी में जिन लोगों को रखते है उन्हे बहुत ध्यान से चुनो

पहले निश्चय करिएँ, फिर कार्य आरम्भ करें।

वक़्त का खाश होना जरूरी नही खाश के लिए वक़्त होना जरूरी है