ज़िन्दगी गुजारने लगी है अब किश्तों पर.. ये कुछ ग्राम का मोबाइल भारी पड़ गया है रिश्तों पर...

ज़िन्दगी गुजारने लगी है अब किश्तों पर.. ये कुछ ग्राम का मोबाइल भारी पड़ गया है रिश्तों पर...

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प्यार बार बार नहीं होता, और हर यार वफ़ा दर नहीं होता

एहसासों की नमी बेहद जरुरी है हर रिश्ते में ,,रेत भी सूखी हो तो हाथों से फिसल जाती है !!

तू वही हैना जिसने पहले फसाया फिर हसाया और फिर अपना बनाकर खूब रुलाया

जान तक देने की बात करते हैं यह लोग सच कहु तो दिल से दुआ भी नहीं करते

जब 'मतलब' ना होतो लोग बोलना तो दूर देखना तक छोड़ देते है .

मुझको धुंड लेता है रोज किसी बहानोंसे दर्द हो गया है वाक़िफ़ मेरे ठीकानोंसे

प्यार बार बार नहीं होता, और हर यार वफ़ा दर नहीं होता

एहसासों की नमी बेहद जरुरी है हर रिश्ते में ,,रेत भी सूखी हो तो हाथों से फिसल जाती है !!

तू वही हैना जिसने पहले फसाया फिर हसाया और फिर अपना बनाकर खूब रुलाया

जान तक देने की बात करते हैं यह लोग सच कहु तो दिल से दुआ भी नहीं करते

जब 'मतलब' ना होतो लोग बोलना तो दूर देखना तक छोड़ देते है .

मुझको धुंड लेता है रोज किसी बहानोंसे दर्द हो गया है वाक़िफ़ मेरे ठीकानोंसे