ज़िन्दगी गुजारने लगी है अब किश्तों पर.. ये कुछ ग्राम का मोबाइल भारी पड़ गया है रिश्तों पर...

ज़िन्दगी गुजारने लगी है अब किश्तों पर.. ये कुछ ग्राम का मोबाइल भारी पड़ गया है रिश्तों पर...

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बदल जाते है वो लोग वक़्त की तरह जिन्हे हद सा ज्यादा वक़्त दिया जाता है....

एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से

कौन करता है यहाँ प्यार निभाने के लिये, दिल तो बस एक खिलौना है जमाने के लिये

उन्हें नफरत हुयी सारे जहाँ से, अब नयी दुनिया लाये कहाँ से

रिश्ते वेहम से भी ख़तम हो जाते हैं, अक्सर क़ुसूर हमेशा गलतियों का नहीं होता

जिनके दिल बहुत अच्छे होते हैं, अक्सर उन्हीं की किस्मत खराब होती है

बदल जाते है वो लोग वक़्त की तरह जिन्हे हद सा ज्यादा वक़्त दिया जाता है....

एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से

कौन करता है यहाँ प्यार निभाने के लिये, दिल तो बस एक खिलौना है जमाने के लिये

उन्हें नफरत हुयी सारे जहाँ से, अब नयी दुनिया लाये कहाँ से

रिश्ते वेहम से भी ख़तम हो जाते हैं, अक्सर क़ुसूर हमेशा गलतियों का नहीं होता

जिनके दिल बहुत अच्छे होते हैं, अक्सर उन्हीं की किस्मत खराब होती है