ज़िन्दगी गुजारने लगी है अब किश्तों पर.. ये कुछ ग्राम का मोबाइल भारी पड़ गया है रिश्तों पर...

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मेरी आंखे देखकर लोग कहते हैं लगता है तेरा चाहने वाला तुझे आजमाता बहुत है

मत कर मोहबत तेरे बस की बात नही जो दर्द मेरे पास है, उस दर्द की दवा तेरे पास नही.

आज आयी है मेरी याद उसे ज़रूर फिर किसी ने उसे ठुकराया होगा.

हमे बुरा न समझो जनाब हम दर्द लिखते है देते नहीं.

मेरे ग़म को कोई नहीं समझ सका क्यों के मुझे आदत थी मुस्कराने की

किसी से हद से ज़्यादा उम्मीद लगाओगे तो एक दिन उस उम्मीद के साथ खुद भी टूट जाओगे

मेरी आंखे देखकर लोग कहते हैं लगता है तेरा चाहने वाला तुझे आजमाता बहुत है

मत कर मोहबत तेरे बस की बात नही जो दर्द मेरे पास है, उस दर्द की दवा तेरे पास नही.

आज आयी है मेरी याद उसे ज़रूर फिर किसी ने उसे ठुकराया होगा.

हमे बुरा न समझो जनाब हम दर्द लिखते है देते नहीं.

मेरे ग़म को कोई नहीं समझ सका क्यों के मुझे आदत थी मुस्कराने की

किसी से हद से ज़्यादा उम्मीद लगाओगे तो एक दिन उस उम्मीद के साथ खुद भी टूट जाओगे